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नई दिल्ली॥ महाराष्ट्र में जन्मी राष्ट्रीय समाज पक्ष पार्टी ने अपने राष्ट्रव्यापी विस्तार के चरण में दिल्ली में दस्तक देते हुए अपना 15वा स्थापना दिवस मनाया।

पार्टी का अधिवेशन दिल्ली के कॉंस्टीट्यूशन क्लब में मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री, भारत सरकार नितिन गडकरी थे और इस बैठक की अध्यक्षता महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने की। श्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएसपी) को बधाई देते हुए कहा कि वो आरएसपी के उस मिशन की सराहना करते हैं जिसमें इसके संस्थापक श्री महादेव जानकर जी ने जाति पाति से ऊपर उठ कर  एक राष्ट्र का सपना देखा है। इस अवसर पर उन्होंने महादेव जानकर जी के साथ अपने संस्मरणो को भी सुनाया।

इसके अलावा अन्य अतिथिगण में गिरीराज सिंह, सूक्ष्म,लघु, मध्यम उद्योग राज्य मंत्री, रामदास अठावले, केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता, राज्य मंत्री, हंसराज अहीर, केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री, सुभाष भाम्बरे, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री, श्रीमति अनुप्रिया पटेल, केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्य मंत्री, स्वामी प्रसाद मौर्य, श्रम सेवा योजन एवं समंवयक केबिनेट मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, डॉ प्रीतम मुंडे, संसद सदस्य, डॉ विकास महात्मे, संसद सदस्य उपस्थित थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फणनवीस अपरिहार्य कारणो से उपस्थित नहीं हो सके।

राष्ट्रीय समाज पक्ष के संस्थापक व कैबिनेट मंत्री महादेव जानकर ने अधिवेशन में कहा कि महाराष्ट्र से निकल कर अब आरएसपी देश भर में काम करने के लिये तैयार है। वर्तमान में महादेव जानकर महाराष्ट्र सरकार में पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य विकास मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि आरएसपी अभी कुछ राज्यों में काम कर रही है लेकिन मैं जब तक चैन से नहीं बैठने वाला जब तक संसद में हमारा प्रतिनिधित्व ना हो जाए।

उन्होंने कहा कि आरएसपी महाराष्ट्र में अभी एनडीए की एलाएंस है लेकिन 2019 के आम चुनाव में उनका लक्ष्य देश के हर राज्य से अपने उम्मीदवार खड़ा करने का है। इसके लिये पहले दिल्ली में अपनी जगह बनाना जरूरी है। हमने दिल्ली में पार्टी को खड़ा करने के लिये प्रदेश अध्यक्ष की कमान श्री सुभाष सिंह को सौंपी है जो एक जाने माने पत्रकार हैं।

दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार मिलने पर जब श्री सुभाष सिंह से पूछा गया कि पार्टी को आगे बढ़ाने का उनका क्या लक्ष्य है तो उन्होने कहा कि सबसे पहले उनका काम दिल्ली में प्रदेश कमिटी बनाना होगा। कमिटी बन जाने के बाद वो पार्टी के एक राष्ट्र के सपने को साकार करने के लिये जानकर जी द्वारा दिखाई गाइड लाइन का पालन करेंगे। अधिवेशन में आरएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्कीसागर ने सुभाष सिंह को नियुक्ति पत्र सौंपा।

महिला एवं बाल विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने समापन भाषण में कहा कि भाजपा अगर मेरी माँ है तो राष्ट्रीय समाज पक्ष पार्टी मेरी मौसी की तरह है, और कहते है कि माँ से ज्यादा प्यार मौसी से किया जाता है। इसी तरह मेरा प्यार मौसी से अधिक ही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के संस्थापक और मेरे भाई महादेव जानकर जी के त्याग की बात करूं तो उन्होंने एक राष्ट्र के सपने के लिये राष्ट्रीय समाज पक्ष की स्थापना की और 27 सालों से अपने घर तक नहीं गये। ऐसा त्याग और ऐसी भावना राजनीति में अब कम देखने को मिल रही है। कॉंस्टीट्यूशन क्लब के पास ही मावलंकर हॉल में चल रहे नेशनल कॉंग्रेस के वार्षिक अधिवेशन पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि बगल वाले हॉल में ही देख लीजिये जहाँ एक और पार्टी का अधिवेशन चल रहा है, उन्हे देख कर ही आपको दोनो पार्टियो के जमीनी स्तर का फर्क समझ आ जाएगा। मेरी कामना है कि राष्टीय समाज पक्ष देश में जल्द ही अपना वर्चस्व बनाए।

पार्टी के वार्षिक अधिवेशन में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, तमिलनाडु से 10 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इसमें बडी संख्या में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के किसान भी शामिल थे।

नई दिल्ली(23 अगस्त): देश के 3 राज्यों में 4 विधानसभा सीटों पर बुधवार को उपचुनाव हो रहे हैं। चार सीटों में दो सीटों पर पूरे देश की नजर रहेगी, इनमें दिल्ली की बवाना और गोवा की पणजी सीट शामिल है।

-  बुधवार को आंध्र प्रदेश में नंदयाल, गोवा में पणजी व वालपोई और दिल्ली में बवाना विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। इन उपचुनावों के नतीजे 28 अगस्त को आएंगे।

- दिल्ली की बवाना विधानसभा सीट पर उपचुनाव में सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी के बीच टक्कर है. आम आदमी पार्टी के विधायक वेद प्रकाश के इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हुई थी, वेद प्रकाश अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं। जिसके बाद AAP ने रामचंद्र को मैदान में उतारा है, वहीं कांग्रेस की ओर से सुरेंद्र कुमार चुनाव लड़ रहे हैं।

- दिल्ली के अलावा सभी की नजरें गोवा में टिकी हुई हैं, यहां पर मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर चुनाव मैदान में हैं। रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद मुख्यमंत्री बने पर्रिकर पणजी से चुनाव लड़ रहे हैं।

- मनोहर पर्रिकर के खिलाफ कांग्रेस के गिरिश चंदोनकर लड़ रहे हैं। वहीं वालपोई में बीजेपी की ओर से विश्वजीत राणे चुनावी मैदान में हैं, जिनके सामने कांग्रेस के रवि नायक हैं।

- इन 3 सीटों के अलावा आंध्रप्रदेश की नंदयाल में भी उपचुनाव हैं। यहां पर वोटिंग के लिए VVPAT का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस सीट पर TDP और YSRCP के बीच सीधा मुकाबला है।

नई दिल्ली(23 अगस्त): यूपी में ये एक हफ्ते में दूसरा बड़ा ट्रेन हादसा है। औरैया के पास कैफियत एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतर गए हैं।

- बताया जा रहा है कि इंजन समेत 10 डिब्बे पटरी से उतरे हैं।

- हादसा ट्रेन के एक डंपर से टकराने की वजह से हुआ।

- हादसे में करीब 74 मुसाफिर घायल हो गए हैं। राहत और बचाव का काम जारी है। रेलवे के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।- हादसा रात को करीब 2 बजकर 50 मिनट पर हुआ।

नई दिल्ली (21 अगस्त): डोकलाम विवाद को लेकर चीन अब ज्यादा आक्रामक होता दिख रहा है। 15 अगस्त को उसकी सेना ने लद्दाख में घुसपैठ की थी, जिनको भारतीय सैनिकों ने वापस खदेड़ा था। ऐसे में अब खबर आ रही है कि चीनी सेना की सबसे बड़ी कमांड वेस्टर्न थिएडर ने युद्ध का अभ्यास किया है।

चीनी सेना के वेस्टर्न थिएटर कमांड को ही भारतीय सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा की जिम्मेदारी मिली हुई है। जो वीडियो सामने आया है उसमें युद्ध अभ्यास में टैंक और मिसाइल का इस्तेमाल होता दिख रहा है। हालांकि अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि चीन की सेना ने ये युद्ध अभ्यास चीन के किस इलाके में किया है।

बता दें कि डोकलाम विवाद पर चीन बार-बार भारत को युद्ध की धमकी दे रहा है। हाल ही में चीन ने कहा था कि अगर भारत ने डोकलाम से अपनी सेना नहीं हटाई तो वह गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे। हमारे हथियार और सेना भारत के मुकाबले काफी बेहतर है। भले ही भारत ने पिछले दिनों यूएस और रूस से कई तरह के हथियार खरीदे हों, लेकिन चीन के हथियारों के तुलना में वे काफी हल्के हैं।

 

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल डोकलाम जिसे भूटान में डोलम कहते हैं। करीब 300 वर्ग किलोमीटर का ये इलाका चीन की चुंबी वैली से सटा हुआ है और सिक्किम के नाथुला दर्रे के करीब है। इसलिए इस इलाके को ट्राई जंक्शन के नाम भी जाना जाता है। ये डैगर यानी एक खंजर की तरह का भौगोलिक इलाका है, जो भारत के चिकन नेक यानी सिलिगुड़ी कॉरिडोर की तरफ जाता है। चीन की चुंबी वैली का यहां आखिरी शहर है याटूंग। चीन इसी याटूंग शहर से लेकर विवादित डोलम इलाके तक सड़क बनाना चाहता है।

इसी सड़क का पहले भूटान ने विरोध जताया और फिर भारतीय सेना ने। भारतीय सैनिकों की इस इलाके में मौजूदगी से चीन हड़बड़ा गया है। चीन को ये बर्दाश्त नहीं हो रहा कि जब विवाद चीन और भूटान के बीच है तो उसमें भारत सीधे तौर से दखलअंदाजी क्यों कर रहा है। 16 जून से भारत और चीन की सेना के बीच गतिरोध जारी है।

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