देश

मिशन शक्ति’ पर PM मोदी को चुनाव आयोग से राहत मिलती दिख रही है. इस उपलब्धि की जानकारी पूरे देश को देने के लिए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय संबोधन किया था, जिसपर कई राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई थी. लेकिन चुनाव आयोग के सूत्रों की मानें तो इसमें कोई खामी नहीं है यानी इसमें आचार संहिता का उल्लंघन होता नहीं दिख रहा है.

नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया था, उन्होंने ट्वीट कर खुद इसकी जानकारी दी थी. जिसके बाद उन्होंने मिशन शक्ति की घोषणा करते हुए कहा था कि भारत ने अंतरिक्ष में एक मिसाइल सैटेलाइट को मार गिराया है. प्रधानमंत्री के इसी संबोधन पर विपक्ष की कई पार्टियों ने सवाल उठाए थे.

वामदल सीपीएम ने औपचारिक तौर पर चुनाव आयोग से शिकायत भी की थी. इसके बाद चुनाव आयोग ने उप निर्वाचन आयुक्त डॉ सन्दीप सक्सेना कि अगुआई में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था. ये कमेटी पूरे मामले की मीडिया, कानून और आचार संहिता के पहलुओं से जांच कर रही है.

प्रधानमंत्री के 'मिशन शक्ति' संबोधन पर प्रथम दृष्टया चुनाव आयोग को कोई खामी नहीं मिली है. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने न अपनी पार्टी का जिक्र किया और न ही मतदाताओं से इस घटना के हवाले से अपने पक्ष में वोट देने की अपील की है.

हालांकि चुनाव आयोग की कमेटी जांच कर रही है कि सरकारी माध्यम (दूरदर्शन और आकाशवाणी) का उल्लंघन हुआ है क्या? अभी दोनों संस्थानों से चुनाव आयोग ने जवाब मांगा है. चुनाव आयोग की कमेटी के प्रमुख ने कल उम्मीद जताई थी की कमेटी अपनी रिपोर्ट आज शाम तक तैयार कर लेगी.

 

 

 

 केंद्रीय वित्तमंत्री व भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए आज कहा कि विपक्षी दल ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए हिंदू आतंकवाद बोलकर मनगढ़ंत कहानी बनाई और पूरे हिंदू समाज को कलंकित करने का काम किया.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने इस कृत्य के लिए पूरे समाज से माफी मांगनी चाहिए. जेटली ने शुक्रवार को बीजेपी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट मामले में तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) और कांग्रेस के पास कोई सबूत नहीं था.

लोकसभा चुनाव के जोर के बीच समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में फैसले की कॉपी सार्वजनिक होने के बाद अब इस पर सियासत शुरू हो गई है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इस केस में आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं था. सिर्फ हिंदू समाज को कलंकित किया गया. इसकी जिम्मेदार कांग्रेस और यूपीए है. कोई भी समाज इनको माफ नहीं करेगा. मासूमों की जान गई, लेकिन सही लोगों की जांच नहीं की गई.

बता दें, समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश जगदीप सिंह ने अपने फैसले में कहा, 'मैं विश्वसनीय और स्वीकार्य सबूतों के अभाव में अधूरे रहने वाले इस हिंसा के रूप में किए गए एक नृशंस कृत्य के फैसले को गहरे दर्द और पीड़ा के साथ समाप्त कर रहा हूं.' अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों में अभाव रहा. जिसके चलते आतंकवाद का एक कृत्य अनसुलझा रह गया.

मामला

18 फरवरी, 2007 को हरियाणा के पानीपत में भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस ट्रेन जब भारतीय सीमा के पास आखिरी स्टेशन यानी अमृतसर के अटारी स्टेशन के रास्ते में थी, तभी उसमें जोरदार ब्लास्ट हुआ था जिसमें 68 लोग मारे गए थे. एनआईए ने जुलाई 2011 में आठ लोगों के खिलाफ आतंकवादी हमले में उनकी कथित भूमिका के लिए आरोप पत्र दायर किया था.

उन आठ आरोपियों में से स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंदर चौधरी अदालत में पेश हुए और मुकदमे का सामना किया. बीते दिनों इन चारों आरोपियों को बरी कर दिया गया.

 

लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर बिहार महागठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के बीच खींचतान अभी भी जारी है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीटों के बंटवारे पर दिल्ली में बैठक बुलाई है. वहीं बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आज होने वाली तीन रैलियों को स्थगित कर दिया है.

 

 

तेजस्वी यादव आज सुबह करीब 12 बजे जमुई के गांधी उच्च विद्यालय के झाझा मैदान में एक रैली को संबोधित करने वाले थे. वहीं दोपहर करीब 1.25 बजे बोरा पत्थर मैदान, बांका और 3.10 बजे राजेन्द्र स्टेडियम मैदान, कटिहार में रैली करने वाले थे.प्रचार स्थगित करने को लेकर कहा जा रहा है कि तेजस्वी यादव की तबियत खराब हो गई है इस कारण उन्होंने आज होने वाली रैली को कैंसिल कर दिया है.वहीं राहुल गांधी की बैठक को लेकर कयासों का दौर शुरू हो चुका है. राहुल गांधी की इस बैठक में बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मदन मोहन झा, बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल समेत कई अन्य बड़े नेता शामिल हैं.बिहार में सभी सात चरणों में मतदान होंगे. पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को होगा जबकि सातंवें और अंतिम चरण का मतदान 19 मई को होगा. वोटों की गिनती 23 मई को होगी.

 सूत्रों के मुताबिक आरजेडी और कांग्रेस के बीच दरभंगा और सुपौल लोकसभा सीटों के बंटवारे पर पेंच फंसा हुआ है. बता दें कि इस समय कीर्ति आजाद दरभंगा से सांसद हैं.कीर्ति आजाद कांग्रेस पार्टी में दरभंगा से चुनाव लड़ने की शर्त पर कांग्रेस में शामिल हुए थे.संभवतः आज शाम करीब 6 बजे महागठबंधन की होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस भी रद्द हो सकती है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीटों के एलान के साथ-साथ उम्मीदवारों के नाम की भी घोषणा होने वाली है.

 

 

 

नई दिल्ली॥ महाराष्ट्र में जन्मी राष्ट्रीय समाज पक्ष पार्टी ने अपने राष्ट्रव्यापी विस्तार के चरण में दिल्ली में दस्तक देते हुए अपना 15वा स्थापना दिवस मनाया।

पार्टी का अधिवेशन दिल्ली के कॉंस्टीट्यूशन क्लब में मनाया गया जिसमें मुख्य अतिथि केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री, भारत सरकार नितिन गडकरी थे और इस बैठक की अध्यक्षता महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने की। श्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएसपी) को बधाई देते हुए कहा कि वो आरएसपी के उस मिशन की सराहना करते हैं जिसमें इसके संस्थापक श्री महादेव जानकर जी ने जाति पाति से ऊपर उठ कर  एक राष्ट्र का सपना देखा है। इस अवसर पर उन्होंने महादेव जानकर जी के साथ अपने संस्मरणो को भी सुनाया।

इसके अलावा अन्य अतिथिगण में गिरीराज सिंह, सूक्ष्म,लघु, मध्यम उद्योग राज्य मंत्री, रामदास अठावले, केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता, राज्य मंत्री, हंसराज अहीर, केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री, सुभाष भाम्बरे, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री, श्रीमति अनुप्रिया पटेल, केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्य मंत्री, स्वामी प्रसाद मौर्य, श्रम सेवा योजन एवं समंवयक केबिनेट मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार, डॉ प्रीतम मुंडे, संसद सदस्य, डॉ विकास महात्मे, संसद सदस्य उपस्थित थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फणनवीस अपरिहार्य कारणो से उपस्थित नहीं हो सके।

राष्ट्रीय समाज पक्ष के संस्थापक व कैबिनेट मंत्री महादेव जानकर ने अधिवेशन में कहा कि महाराष्ट्र से निकल कर अब आरएसपी देश भर में काम करने के लिये तैयार है। वर्तमान में महादेव जानकर महाराष्ट्र सरकार में पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य विकास मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि आरएसपी अभी कुछ राज्यों में काम कर रही है लेकिन मैं जब तक चैन से नहीं बैठने वाला जब तक संसद में हमारा प्रतिनिधित्व ना हो जाए।

उन्होंने कहा कि आरएसपी महाराष्ट्र में अभी एनडीए की एलाएंस है लेकिन 2019 के आम चुनाव में उनका लक्ष्य देश के हर राज्य से अपने उम्मीदवार खड़ा करने का है। इसके लिये पहले दिल्ली में अपनी जगह बनाना जरूरी है। हमने दिल्ली में पार्टी को खड़ा करने के लिये प्रदेश अध्यक्ष की कमान श्री सुभाष सिंह को सौंपी है जो एक जाने माने पत्रकार हैं।

दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार मिलने पर जब श्री सुभाष सिंह से पूछा गया कि पार्टी को आगे बढ़ाने का उनका क्या लक्ष्य है तो उन्होने कहा कि सबसे पहले उनका काम दिल्ली में प्रदेश कमिटी बनाना होगा। कमिटी बन जाने के बाद वो पार्टी के एक राष्ट्र के सपने को साकार करने के लिये जानकर जी द्वारा दिखाई गाइड लाइन का पालन करेंगे। अधिवेशन में आरएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्कीसागर ने सुभाष सिंह को नियुक्ति पत्र सौंपा।

महिला एवं बाल विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने समापन भाषण में कहा कि भाजपा अगर मेरी माँ है तो राष्ट्रीय समाज पक्ष पार्टी मेरी मौसी की तरह है, और कहते है कि माँ से ज्यादा प्यार मौसी से किया जाता है। इसी तरह मेरा प्यार मौसी से अधिक ही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के संस्थापक और मेरे भाई महादेव जानकर जी के त्याग की बात करूं तो उन्होंने एक राष्ट्र के सपने के लिये राष्ट्रीय समाज पक्ष की स्थापना की और 27 सालों से अपने घर तक नहीं गये। ऐसा त्याग और ऐसी भावना राजनीति में अब कम देखने को मिल रही है। कॉंस्टीट्यूशन क्लब के पास ही मावलंकर हॉल में चल रहे नेशनल कॉंग्रेस के वार्षिक अधिवेशन पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि बगल वाले हॉल में ही देख लीजिये जहाँ एक और पार्टी का अधिवेशन चल रहा है, उन्हे देख कर ही आपको दोनो पार्टियो के जमीनी स्तर का फर्क समझ आ जाएगा। मेरी कामना है कि राष्टीय समाज पक्ष देश में जल्द ही अपना वर्चस्व बनाए।

पार्टी के वार्षिक अधिवेशन में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, तमिलनाडु से 10 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इसमें बडी संख्या में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के किसान भी शामिल थे।

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