विदेश

नई दिल्ली ( 2 अगस्त ): अमेरिका के टेनेसी प्रांत में पुलिस ने एक महिला को गिरफ़्तार किया है जिसने शादी के कुछ ही देर बाद दूल्हे के सिर पर रिवाल्वर तान दी और ट्रिगर दबा दिया।
25 साल की केट एलिज़ाबेथ प्रिचार्ड को दुल्हन की ड्रेस में पुलिस ने मरफ्रेसबोरो के एक मोटेल से हिरासत में लिया। घटना 31 जुलाई की है।
एलिज़ाबेथ ने कथित तौर पर शादी के बाद अपने दूल्हे के सिर पर 9 मिमी की पिस्टल रख दी और ट्रिगर दबा दिया। गनीमत ये रही कि पिस्टल में गोलियां नहीं भरी हुई थी। बाद में एलिज़ाबेथ ने पिस्टल में गोलियां भरी में हवा में कई गोलियां चलाई।
हवा में की गई फ़ायरिंग से वहाँ दहशत का माहौल बन गया और लोग भाग खड़े हुए। पुलिस के वहाँ पहुँचने पर प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना के बारे में बयान दिए।
उन्होंने पुलिस को बताया कि नवविवाहित जोड़ा शराब पी रहा था और बाद में झगड़ने लगा। पुलिस सार्जेंट कायले इवांस ने बताया कि दूल्हा-दुल्हन दोनों ही पुलिस से सहयोग नहीं कर रहे थे।
इवांस ने स्थानीय मीडिया को बताया, "उसने (दुल्हन) अपनी शादी की ड्रेस से 9 मिमी पिस्टल निकाली और अपने नए पति के सिर पर रख दी और ट्रिगर खींच दिया।"

नई दिल्ली (14 जुलाई): पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने उनके इस्तीफे की मांग के बीच कैबिनेट एक आपातकालीन बैठक के बाद साफ कर दिया कि वह किसी के दबाव में आकर इस्तीफा नहीं देंगे। शरीफ ने पनामागेट मामले के लिए गठित जेआईटी की रिपोर्ट से खुद और परिवार के बचाव की रणनीति तैयार करने के मकसद से यह बैठक बुलाई थी। ज्वाइंट इन्वेस्टिगेशन टीम ने रिपोर्ट में शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने की सिफारिश की है।

पाकिस्तानी अखबार 'द डॉन' की वेबसाइट के मुताबिक 67 वर्षीय शरीफ ने बैठक के दौरान सुप्रीम कोर्ट में जेआईटी  की रिपोर्ट को चुनौती देने संबंधी पार्टी की रणनीति के बारे में सदस्यों को जानकारी दी और कैबिनेट का समर्थन हासिल किया। 6 सदस्यों वाली जेआईटी ने शरीफ परिवार के व्यापारिक लेनदेन की जांच संबंधी अपनी 10 खंडों वाली रिपोर्ट 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी।

नई दिल्ली (11 जुलाई): पाकिस्तान ने अपने जल क्षेत्र में प्रवेश को लेकर गिरफ्तार किए गए 78 भारतीय मछुआरों को बाघा-अटारी बाॅर्डर के रास्ते रविवार को रिहा कर दिया। सिंध के गृह विभाग के एक अधिकारी नसीम सिद्दीकी ने बताया, 'कराची के लांधी जेल से मछुआरों को रिहा किया गया।'

सिद्दीकी ने कहा, '298 भारतीय मछुआरे अब भी जेल में बंद हैं और भारत द्वारा उनकी नागरिकता की पुष्टि किए जाने के बाद उनको रिहा कर दिया जाएगा।' अरब सागर की सीमा को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं होने और कई नौकाओं में तकनीकी उपकरणों के अभाव के कारण अवैध मछली पकड़ने को लेकर भारत और पाकिस्तान के मछुआरों को अक्सर हिरासत में लिया जाता है।

दिल्ली (10 जुलाई): भारत और चीनी के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच तिब्बती सरकार के निर्वासन प्रमुख लोकेश सांग ने बुधवार यानि 5 जुलाई को लद्दाख में पांगोंग त्सो झील के तट पर तिब्बती ध्वज फहराया।

आपको बता दें कि पांगोंग त्सो झील एलओसी के पास से गुजरती है। जिसमें से तकरीबन 60 फिसद हिस्सा चीन सीमा पर स्थित है और 40 फीसद हिस्सा भारतीय सीमा पर स्थित है। ये झील दोनो देश की सीमाओं से होकर गुजरती है।

सेंट्रल तिब्बती प्रशासन के प्रवक्ता सोनम नोरबू डिग्पो ने कहा कि जैसा कि आप सब जानते हैं कि राजनीतिक तौर पर झील का आधा हिस्सा भारत की सीमा और आधा हिस्सा चीन के कब्जे में आता है। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ये पहली लद्दाख यात्रा है, इसलिए पहली बार झील के नजदीक राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया है।

दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें तिब्बती ध्वज फहराने की कोई आवश्यकता नहीं थी। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी डॉ राजेश्वरी पिल्लै राजगोपालन ने कहा कि यह कदम भारत सरकार के ज्ञान के बिना नहीं किया जा सकता था।

Page 1 of 6
Top
We use cookies to improve our website. By continuing to use this website, you are giving consent to cookies being used. More details…