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विदेश

वाशिंगटन: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जानते हैं कि रूस के साथ ‘बेहतर संबंध’ अमेरिका के हित में है और इसलिए वह पूर्ववर्ती प्रशासन से इतर रूस के साथ मित्रवत संबंध चाहते हैं जबकि ओबामा प्रशासन इस तरह के प्रयास में नाकाम रहा था।

व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने कल संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे लगता है राष्ट्रपति की उस इच्छा में थोड़ा अंतर है कि वह यह समझते हैं कि रूस के साथ बेहतर संबंध समूची दुनिया में आईएसआईएस और आतंकवाद के खात्मे में हमारी मदद कर सकता है। ओबामा प्रशासन ने रूस के साथ संबंध सुधारने की कोशिश तो की, लेकिन वो नाकाम रहे।’स्पाइसर ने कहा, ‘उन्होंने रूस को बताने की कोशिश की कि क्रीमिया पर आक्रमण नहीं करें, लेकिन नाकाम रहे। मौजूदा राष्ट्रपति यह समझते हैं कि सहज संबंध अमेरिका के राष्ट्रीय और आर्थिक हित में है। अगर पुतिन और रूस के साथ उनके बेहतर रिश्ते हैं तो यह अच्छा है और अगर ऐसा नहीं होता है तो वह इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।’ उन्होंने कहा कि लेकिन वह सिर्फ ये बात मानने को तैयार नहीं हैं कि अतीत में ऐसा होना संभव नहीं था।

स्पाइसर ने दृढ़ता से इस बात का खंडन किया कि ट्रम्प रूस को लेकर नरम हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट किया है कि उन्हें उम्मीद है कि रूस सरकार यूक्रेन में हिंसा कम करेगी और क्रीमिया को वापस लौटायेगी। उन्होंने कहा, ‘दूसरी ओर उन्हें इस बात की भी पूरी उम्मीद है और वह पूर्ववर्ती प्रशासन के विपरीत रूस के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं ताकि आईएसआईएस और आतंकवाद जैसी दुनिया की ऐसी कई समस्याओं का मिलकर समाधान किया जा सके।’ बहरहाल, विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने रूस पर कथित रूप से नरम रवैये को लेकर ट्रम्प की आलोचना की है।

बीजिंग: चीन के पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र में तीन संदिग्ध उईगुर आतंकवादियों ने पांच लोगों की चाकू घोंपकर हत्या कर दी और बाद में पुलिस ने इन हमलावरों को मार गिराया। इस मुस्लिम बहुल अशांत प्रांत में हुआ यह सबसे ताजा ‘आतंकी हमला’ है।

यह हमला बीती शाम पिशान प्रांत में हुआ था। हमले में 10 लोग जख्मी हो गये थे जिनमें से पांच को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। हांगकांग स्थित ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने खबर दी है कि पुलिस ने तीनों हमलावरों को गोली मार दी। अधिकारियों ने इस घटना को ‘आतंकी हमला’ करार दिया। इस हमले के बाद देश में उच्चतम स्तर का सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया। सरकार ने संदिग्धों और पीड़ितों की पहचान नहीं बताई है, लेकिन कुछ निवासियों ने कहा कि हमलावर उईगुर थे। चीन में सड़कों पर 10 से 20 मीटर की दूरी पर सशस्त्र पुलिस बल गश्त लगा रहे हैं।

पाकिस्तान के कब्जे वाला पाकिस्तान (पीओके) और अफगानिस्तान की सीमा से लगता शिनजियांग कई वर्ष से उईगुर प्रदर्शनों के चलते अशांत रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से बड़े पैमाने पर हान चीनीयों की बस्तियों के खिलाफ उईगुर प्रदर्शन होते रहे हैं। क्षेत्र में होने वाले हमलों के लिये चीन ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ईटीआईएम) से उईगुर अलगाववादियों पर आरोप लगाता है। क्षेत्र में तुर्क मूल के उईगुर मुस्लिमों की एक करोड़ से अधिक की आबादी है। बीते दिसंबर में चार चाकूधारी व्यक्तियों ने दक्षिण शिनजियांग के होतान प्रांत स्थित कम्युनिस्ट पार्टी कार्यालय पर विस्फोट कर हमला किया था। हमले में चार हमलावर भी मारे गये थे।

पेशावर: पाकिस्तान के अशांत उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में हुए दो आत्मघाती हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए।

पहला हमला मोहमंद कबायली क्षेत्र में हुआ जहां दो आत्मघाती हमलावरों ने एक सरकारी परिसर को निशाना बनाया। इस हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई जिनमें चार सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा कि आत्मघाती हमलावरों ने गालनाई में सरकारी परिवार को निशाना बनाया। एक ने खुद को उड़ा लिया और दूसरे को सुरक्षा बलों ने मार गिराया। मीडिया की खबरों के अनुसार पाकिस्तानी तालिबान के धड़े जमात-उल-अहरार ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

दूसरा हमला पेशावर के हयाताबाद इलाके में हुआ जहां मोटरसाइकिल सवार आत्मघाती हमलावर ने सरकारी वाहन में टक्कर मार दी। आत्मघाती हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह विस्फोट ऐसे समय में हुआ जब प्रतिष्ठित अखबार ‘डॉन’ की खबर के मुताबिक हायताबाद चिकित्सा परिसर में बाह्य रोगी विभाग के उद्घाटन के लिए प्रांतीय सरकार के अधिकारियों को हिस्सा लेना था। इस कार्यक्रम में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान खान और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के हिस्सा लेने की संभावना थी।

वॉशिंगटन: अमेरिका के एक वरिष्ठ सीनेटर ने उम्मीद जताई है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप H1B वीजा योजना को कमजोर नहीं करेंगे। इस वीजा योजना से सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काम करने वाले भारतीयों के हित जुड़े हुए हैं।

सीनेट की वित्त समिति के प्रमुख सीनेटर ओरियन हैच ने कहा कि ट्रंप के साथ कई मुलाकातों में उन्होंने  H1B वीजा कार्यक्रम को जारी रखने और इसका विस्तार करने के आर्थिक फायदों के बारे में चर्चा की। हैच ने मीडिया टेक्नोलॉजी कंपनी ‘मॉर्निंग कंसल्ट’ से कहा कि ट्रंप के साथ मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ने उनको आश्वस्त किया कि वह H1B वीजा को लेकर व्यावहारिक रूख अपनाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘इससे नौकरियां पैदा होती हैं, अर्थव्यवस्था आगे की ओर बढ़ती है। मेरा मानना है कि राष्ट्रपति राजनीतिक भावनाओं को अलग रख सकते हैं।’

 

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