भारत में आज कल चुनाव आते ही लोग अलग-अलग राजनीतिक दलों की विचारधारा को लेकर अक्सर अपनों से ही लड़ बैठते हैं. लोग इस बात को जरा भी नहीं समझते कि नेता और राजनीति के चक्कर में वो अपने दोस्तों से रिश्ते खराब कर बैठेंगे. इसी बात को दर्शाती हुई एक तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसमें एक कार के अंदर अलग-अलग पार्टियों के झंडे लेकर युवक बैठे हुए हैं और यह मैसेज दे रहे हैं कि दोस्ती सबसे आगे है.

दरअसल, वायरल हो रही तस्वीर केरल की बताई जा रही है. इसमें एक कार में कुछ युवक बीजेपी, कांग्रेस, भाकपा के झंडे लेकर बैठे हुए है. कहा जा रहा है कि दोस्ती का संदेश देने के लिए ये युवक सड़कों पर अलग-अलग पार्टियों के झंडे लेकर निकले थे. 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस तस्वीर को हजारों लोग शेयर और लाइक कर चुके हैं. लोगों ने तरह-तरह के कमेंट भी इसके साथ शेयर किए हैं.

लोगों का कहना है कि यह तस्वीर असली इनक्रेडिबल इंडिया की है. यह केवल केरल में ही हो सकता है. यहां इलेक्शन खत्म हो गए हैं इसके बावजूद दोस्त आज भी साथ हैं.

एक ट्विटर यूजर अश्वथ ने यह भी कहा कि यह बेहद खूबसूरत तस्वीर है. दोस्ती और रिश्ते ही मायने रखते हैं. इनके बीच राजनीतिक विचारधाराएं कभी भी नहीं आनी चाहिए.

 

 

वहीं, एक ट्विटर यूजर आदर्श ने लिखा कि मैंने कई दोस्तों को राजनीतिक विचारधारा पर लड़ते हुए देखा है जिनके बीच अब बात बंद हो चुकी है. यह केवल राजनीतिक विचारधारा पर विवाद के दौरान हुआ है. ऐसा माहौल मैंने इसके पहले कभी नहीं देखा. यह फोटो हमें दोस्ती की सीख दे रही है.

मालूम हो कि लोकसभा के लिए सात चरणों में मतदान हो रहा है. अब तक तीन चरण के मतदान निपट चुके हैं. चौथे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा.

 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का देश के सबसे गरीब 5 करोड़ परिवारों के लिये न्यूनतम आय योजना शुरू करने का वादा सामाजिक सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है लेकिन इसका वित्त पोषण एक मुश्किल कार्य हो सकता है। कुछ प्रमुख अर्थशास्त्रियों तथा समाज विज्ञानियों ने यह कहा है। राहुल गांधी न्यूनतम आय गारंटी योजना और रोजगार के वादे चुनावी रैलियों में पहले ही कर चुके हैं. आज कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में सबकुछ विस्तार से बताया जाएगा. दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी की मौजूदगी में वादों का पिटारा खुलेगा. हर गरीब परिवार को सालाना 72 हजार रुपए देने का वादा कांग्रेस का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है. आखिरी ये 72,000 का फॉर्मूला कैसे तय हुआ ? किस आधार पर 72,000 रुपये सालाना न्याय तय हुआ? इस के पीछे एक कहानी है.राहुल गांधी ने डा मनमोहन सिंह और चिदंबरम को न्याय स्कीम को लागू करने की ज़िम्मेदारी दी थी. मनमोहन सिंह ने इसकी चर्चा अरविंद सुब्रमण्यम, कौशिक बसु और रघुराम राजन से की और कांग्रेस अध्यक्ष से इन तमाम अर्थशास्त्रियों की बात भी करवायी. राहुल गांधी ने चिदंबरम से भी कहा कि मैं कोई ऐसा वादा नहीं करना चाहता जिसको हम पूरा ना कर सकें. इस मीटिंग के बाद राहुल गांधी मीडिया के सामने आए और कहा 20% लोगों को 72000 सालाना देंगे और कांग्रेस ग़रीबी रेखा से बाहर निकालेगी.

 

कांग्रेस के रिसर्च सेल के मुताबिक आजादी के समय देश में 70 फीसदी लोग गरीब थे. लेकिन कांग्रेस सरकारें काफी मेहनत कर इसे 20 फीसदी तक लेकर आई हैं. अब गरीबी पर अंतिम वार करने का वक्त आ गया है. कांग्रेस का लक्ष्य 20 फीसदी गरीबी को हटाकर शून्य तक लाना और देश से गरीबी को पूरी तरह से खत्म करना है. यह योजना आर्थिसक न्याय प्रदान करेगी और गरीबों को गरिमा एवं सम्मान के साथ जीने का मौका देगी. गरीबों के हाथ में पैसा जाने से उपभोग बढ़ेगा और इससे रोजगार बढ़ेगा, कर राजस्व भी बढ़ेगा. देश में आय असमानता तेजी से बढ़ रही है. दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते यह हम सब का नैतिक दायित्व है कि देश से गरीबी को पूरी तरह से खत्म करने का महत्वाकांक्षी काम हाथ में लें. कांग्रेस साल 2030 तक देश से गरीबी को पूरी तरह से खत्म करना चाहती है.इस योजना का लक्ष्य 5 करोड़ सबसे गरीब परिवार हैं जो जनसंख्या का 20 फीसदी हिस्सा हैं. पैसा सीधे परिवार की महिला के खाते में जाएगा. अगर उसके पास बैंक खाता नहीं है तो उसे खुलवाया जाएगा.

योजना को लागू करने के लिए कांग्रेस वित्तीय अनुशासन और विवेकपूर्ण खर्च का तरीका अपनाएगी. इसे केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त योजना के रूप में लागू किया जाएगा. लेकिन लागत का मुख्यत: केंद्र सरकार वहन करेगी. इस योजना को राजस्व के नए स्रोत जुटाने और मौजूदा खर्च को तर्कसंगत बनाकर लागू किया जाएगा. रिसर्च सेल ने कहा कि जब कांग्रेस ने मनरेगा लागू किया था, तब भी बीजेपी और विपक्ष इसे बहुत महत्वाकांक्षी और खर्चीला बता रहे थे. मनरेगा के शुरुआती दौर में इस पर खर्च जीडीपी के 0.6 फीसदी तक था जो बाद में घटकर 0.3 फीसदी तक रह गया. बीजेपी अगर बुलेट ट्रेन के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था कर सकती है तो आर्थिकक न्याय के लिए कांग्रेस इतनी रकम की व्यवस्था कर सकती है.

आज जो डेटा मौजूद है उससे आसानी से गरीब परिवारों की पहचान हो सकती है. साल 2011 का सामाजिक-आर्थिबक जाति जनगणना और परिवार के आंकड़े से मदद मिल सकती है. पीएम आवास योजना के लिए लाभार्थिजयों की पहचान के लिए भी इस डेटा को आधार बनाया गया था. अंत्योदय अन्न योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला, पीएम आवास योजना, पीएम किसान योजना जैसी स्कीमों से संबंधित डेटा मिल जाएगा.यह योजना कई चरणों में लागू होगी. मनरेगा योजना भरी कई चरणों में लागू की गई थी. कांग्रेस अर्थशास्त्रियों, समाजशास्त्रिगयों और सांख्यकीविदों की एक समिति बनाएगी जो इस योजना की डिजाइन, शुरू करने और इसे लागू करने का पूरा काम देखेंगे. समिति से सब कुछ ठीक होने का संकेत मिलने के बाद ही इसका अगला चरण लागू किया जाएगा.

किसकी सलाह पर बनी योजना-कांग्रेस ने इस योजना के लिए देश और विदेश के कई अर्थशास्त्रियों, विशेषज्ञों की सलाह ली है. उदाहरण के लिए प्रख्यात ग्लोबल इकोनॉमिस्ट रघुराम राजन, थॉमस पिकेट्टी और अभिजीत बैनर्जी ने सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया है कि उनसे इस योजना के बारे में सलाह ली गई है. इसके लिए गहन आर्थिकक विचार-विमर्श किया गया है. देश भर के परिवारों के आय वितरण आंकड़ों, परिवारों के खपत प्रवृत्ति, वैश्विक सर्वे और राज्य सरकारों तथा निजी क्षेत्र के भी आंकड़ों का अध्ययन किया गया.

 

 

 

 

कांग्रेस का घोषणापत्र जारी होने जा रहा है. रोजगार देने में फेल होने का आरोप लगाते हुए नरेंद्र मोदी के वादे की आलोचना करने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अब लोकसभा चुनाव से ठीक पहले इस संबंध में बड़ा ऐलान किया है. मोदी सरकार को रोजगार के मुद्दे पर घेरने वाले राहुल गांधी ने यह वादा लोकसभा चुनाव के लिए होने वाले पहले चरण के मतदान से दस दिन पहले किया है, जो काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. रविवार रात राहुल गांधी ने यह वादा एक ट्वीट के जरिए किया. राहुल ने अपने ट्वीट में लिखा है कि मौजूदा वक्त में करीब 22 लाख सरकारी नौकरियों के लिए पद खाली हैं. राहुल ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो 31 मार्च 2020 तक इन सभी पदों को भरा जाएगा.


पिछले दिनों ही राहुल ने वादा किया था कि अगर सरकार बनी तो गरीबों के अकाउंट में 72 हजार रुपये सालाना डाले जाएंगे. 72 हजार रुपये महीने की योजना को लेकर आंध्र प्रदेश के विजयवाडा में कल राहुल ने कहा, 'मैं मोदी नहीं हूं. मैं झूठ नहीं बोलता हूं. उन्होंने कहा कि वह आपको 15 लाख रुपये देंगे. यह एक झूठ था. उनकी सरकार आपके बैंक अकाउंट में 15 लाख रुपये नहीं दे सकती लेकिन हमारी सरकार आई तो देश के सबसे गरीब लोगों को हर साल 72 हजार रुपये दिए जा सकेंगे.' इसके साथ ही राहुल गांधी ने वादा किया कि आगामी लोकसभा चुनावों में अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देंगे.

 

इससे पहले विजयवाड़ा में रविवार को एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर करारा हमला बोला. राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अंतिम लक्ष्य भारत के संविधान को नष्ट करना है, क्योंकि उन्हें आरएसएस का सपना पूरा करने में यह संविधान रोड़ा लगता है. राहुल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसा कभी नहीं होने देगी. आंध्र प्रदेश में राहुल गांधी ने रविवार को दो चुनावी रैलियों को संबोधित किया. दोनों जगह उन्होंने दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों को लेकर नरेंद्र मोदी को निशाने पर रखा.

 

 

PM मोदी की तस्वीर छापने को लेकर चुनाव आयोग ने एयर इंडिया और भारतीय रेल को दोबारा नोटिस भेज कर जवाब मांगा है. एयर इंडिया ने बोर्डिंग पास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के मख्यमंत्री विजय रूपाणी की तस्वीरों का फिर इस्तेमाल किया था. मदुरै से एयर इंडिया की 5:45 बजे की फ़्लाइट के एक यात्री ने ट्वीट कर यह जानकारी दी कि उसके बोर्डिंग पास में वाइब्रेंट गुजरात 2019 के विज्ञापन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी छपी है जो कि आचार संहिता का उल्लंघन है. एयर इंडिया ऐसा पहले भी कर फिर चुकी है. इस मामले में एयर इंडिया ने अपनी गलती को स्वीकारा और कहा कि मानवीय चूक हो गई.

25 मार्च को जारी अपने आदेश में एयर इंडिया ने लगभग 150 एयरपोर्ट्स पर स्थित अपने सभी स्टेशन मैनेजरों को आदेश दिया था कि वाइब्रेंट गुजरात के इस विज्ञापन वाले बोर्डिंग पास तत्काल हटाए जाएं. बावजूद इसके एयर इंडिया के यात्रियों को आज भी आचार संहिता के उल्लंघन वाले ऐसे बोर्डिंग पास दिए गए. फिलहाल एयर इंडिया इस शिकायत की जांच कर रही है.कुछ दिन पहले ही विमानन कंपनी ने आचार संहिता के कथित उल्लंघन को लेकर आलोचना का सामना करने के बाद पास को वापस लेने का फैसला किया था.एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, "एयर इंडिया ने 25 मार्च को सभी घरेलू स्टेशन को तुरंत प्रभाव के साथ बोर्डिंग कार्ड के पीछे वाइब्रेंट गुजरात के विज्ञापन का इस्तेमाल रोकने को लेकर नोटिस जारी किया था."उन्होंने कहा था, "आज की घटना मानवीय भूल से हुई. इस भूल के लिए मदुरै में एयर इंडिया के एयरपोर्ट प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है." वहीं दूसरी तरफ काठगोदाम शताब्दी ट्रेन में चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का मामला सामने आया. इस ट्रेन में 'मैं भी चौकीदार' लिखे हुए कप में यात्रियों को चाय दी जा रही थी. शिकायत होते ही रेलवे ने कप हटवा दिए.

बता दें कि चुनाव आयोग की ओर से लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही आचार संहिता लग गई है. आचार संहिता के तहत राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों के लिए चुनाव आयोग की ओर से कुछ निर्देश जारी किए जाते हैं और हर पार्टी और उम्मीदवारों को इनका पालन करना होता है. निर्देशों का पालन नहीं करने किए जाने की सूरत में उम्मीदवारों या पार्टियों पर चुनाव आयोग की ओर से कार्रवाई की जा सकती है. किसी भी चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही उस क्षेत्र में आचार संहिता लागू हो जाती है.

 

(BJP) अध्यक्ष अमित शाह गांधीनगर लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल करेंगे. इससे ठीक पहले उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गांधीनगर से लालकृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी सांसद रहे. मेरा सौभाग्य है कि बीजेपी मुझे यहीं से सांसद बनाने जा रही है.जनसभा के बाद अमित शाह (BJP) रोड शो कर रहे हैं. इस रोड शो में राजनाथ सिंह, विजय रुपानी और रामविलास पासवान समेत कई नेता मौजूद हैं. वहीं जनसभा के दौरान नितिन गडकरी, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, अकाली दल प्रमुख प्रकाश सिंह बादल और एलजेपी अध्यक्ष रामविलास पासवान जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद थे. सभी नामांकन दाखिल करने के दौरान भी मौजूद रहेंगे.एनडीए के शीर्ष नेताओं की इस मौजूदगी को शाह के लिए समर्थन और गठबंधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद दूसरे सबसे शक्तिशाली नेता के रूप में उनकी स्वीकार्यता के तौर पर देखा जा रहा है.राज्यसभा सांसद अमित शाह पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. गांधीनगर सीट से 1998 से लगातार लालकृष्ण आडवाणी (91 साल) जीत दर्ज करते रहे हैं. पार्टी ने इसबार उन्हें टिकट नहीं दिया है.

 

बीजेपी की गुजरात इकाई के प्रमुख जीतू वघानी ने कहा कि चार किमी लंबा रोड शो अहमदाबाद के सरदार पटेल प्रतिमा से शुरू होगा और यह घाटलोडिया इलाके में पाटीदार चौक पर संपन्न होगा. गुजरात में सभी 26 सीटों के लिए 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख चार अप्रैल है.

पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के नामांकन के लिए बीजेपी ने खास तैयारियां कर रखी हैं. इसके जरिए एनडीए अपना शक्ति प्रदर्शन करने जा रहा है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शनिवार को गांधीनगर लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल करेंगे. इस दौरान केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल और लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद होंगे

 

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह गांधीनगर लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल करेंगे. इससे ठीक पहले उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गांधीनगर से लालकृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी सांसद रहे. मेरा सौभाग्य है कि बीजेपी मुझे यहीं से सांसद बनाने जा रही है.बीजेपी की गुजरात इकाई के प्रमुख जीतू वघानी ने कहा कि चार किमी लंबा रोड शो अहमदाबाद के सरदार पटेल प्रतिमा से शुरू होगा और यह घाटलोडिया इलाके में पाटीदार चौक पर संपन्न होगा. गुजरात में सभी 26 सीटों के लिए 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख चार अप्रैल है.

 

जनसभा के बाद अमित शाह रोड शो कर रहे हैं. इस रोड शो में राजनाथ सिंह, विजय रुपानी और रामविलास पासवान समेत कई नेता मौजूद हैं. वहीं जनसभा के दौरान नितिन गडकरी, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, अकाली दल प्रमुख प्रकाश सिंह बादल और एलजेपी अध्यक्ष रामविलास पासवान जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद थे. सभी नामांकन दाखिल करने के दौरान भी मौजूद रहेंगे.एनडीए के शीर्ष नेताओं की इस मौजूदगी को शाह के लिए समर्थन और गठबंधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद दूसरे सबसे शक्तिशाली नेता के रूप में उनकी स्वीकार्यता के तौर पर देखा जा रहा है.

 

 

 

मिशन शक्ति’ पर PM मोदी को चुनाव आयोग से राहत मिलती दिख रही है. इस उपलब्धि की जानकारी पूरे देश को देने के लिए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय संबोधन किया था, जिसपर कई राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई थी. लेकिन चुनाव आयोग के सूत्रों की मानें तो इसमें कोई खामी नहीं है यानी इसमें आचार संहिता का उल्लंघन होता नहीं दिख रहा है.

नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया था, उन्होंने ट्वीट कर खुद इसकी जानकारी दी थी. जिसके बाद उन्होंने मिशन शक्ति की घोषणा करते हुए कहा था कि भारत ने अंतरिक्ष में एक मिसाइल सैटेलाइट को मार गिराया है. प्रधानमंत्री के इसी संबोधन पर विपक्ष की कई पार्टियों ने सवाल उठाए थे.

वामदल सीपीएम ने औपचारिक तौर पर चुनाव आयोग से शिकायत भी की थी. इसके बाद चुनाव आयोग ने उप निर्वाचन आयुक्त डॉ सन्दीप सक्सेना कि अगुआई में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था. ये कमेटी पूरे मामले की मीडिया, कानून और आचार संहिता के पहलुओं से जांच कर रही है.

प्रधानमंत्री के 'मिशन शक्ति' संबोधन पर प्रथम दृष्टया चुनाव आयोग को कोई खामी नहीं मिली है. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने न अपनी पार्टी का जिक्र किया और न ही मतदाताओं से इस घटना के हवाले से अपने पक्ष में वोट देने की अपील की है.

हालांकि चुनाव आयोग की कमेटी जांच कर रही है कि सरकारी माध्यम (दूरदर्शन और आकाशवाणी) का उल्लंघन हुआ है क्या? अभी दोनों संस्थानों से चुनाव आयोग ने जवाब मांगा है. चुनाव आयोग की कमेटी के प्रमुख ने कल उम्मीद जताई थी की कमेटी अपनी रिपोर्ट आज शाम तक तैयार कर लेगी.

 

 

 

 केंद्रीय वित्तमंत्री व भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए आज कहा कि विपक्षी दल ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए हिंदू आतंकवाद बोलकर मनगढ़ंत कहानी बनाई और पूरे हिंदू समाज को कलंकित करने का काम किया.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने इस कृत्य के लिए पूरे समाज से माफी मांगनी चाहिए. जेटली ने शुक्रवार को बीजेपी मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट मामले में तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) और कांग्रेस के पास कोई सबूत नहीं था.

लोकसभा चुनाव के जोर के बीच समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में फैसले की कॉपी सार्वजनिक होने के बाद अब इस पर सियासत शुरू हो गई है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इस केस में आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं था. सिर्फ हिंदू समाज को कलंकित किया गया. इसकी जिम्मेदार कांग्रेस और यूपीए है. कोई भी समाज इनको माफ नहीं करेगा. मासूमों की जान गई, लेकिन सही लोगों की जांच नहीं की गई.

बता दें, समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश जगदीप सिंह ने अपने फैसले में कहा, 'मैं विश्वसनीय और स्वीकार्य सबूतों के अभाव में अधूरे रहने वाले इस हिंसा के रूप में किए गए एक नृशंस कृत्य के फैसले को गहरे दर्द और पीड़ा के साथ समाप्त कर रहा हूं.' अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों में अभाव रहा. जिसके चलते आतंकवाद का एक कृत्य अनसुलझा रह गया.

मामला

18 फरवरी, 2007 को हरियाणा के पानीपत में भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस ट्रेन जब भारतीय सीमा के पास आखिरी स्टेशन यानी अमृतसर के अटारी स्टेशन के रास्ते में थी, तभी उसमें जोरदार ब्लास्ट हुआ था जिसमें 68 लोग मारे गए थे. एनआईए ने जुलाई 2011 में आठ लोगों के खिलाफ आतंकवादी हमले में उनकी कथित भूमिका के लिए आरोप पत्र दायर किया था.

उन आठ आरोपियों में से स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंदर चौधरी अदालत में पेश हुए और मुकदमे का सामना किया. बीते दिनों इन चारों आरोपियों को बरी कर दिया गया.

 

आज के वक्त में पूरी दुनिया इंस्टेंट मेसेजिंग ऐप Whatsapp का इस्तेमाल करती है और साथ ही अपने जरूरी और पर्सनल काम इस प्लेटफॉर्म पर करती है।कई बार ऐसा होता है कि कई लोग अपने चैट को पर्सनल रखना चाहते है और साथ ही किसी के साथ सांझा नहीं करते है।इसके लिए Whatsapp ने यूजर्स को चैट को सिक्यूर करने के लिए कई फीचर लॉन्च किए है, जिसमें end-to-end encryption शामिल हैअब व्हाट्सएप अपने यूजर्स की चैट को सुरक्षित रखने के लिए Fingerprint फीचर जल्द ही लॉन्च करने वाली है। आइए जानते है इसके बारे में....WhatsApp अब एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए भी फिंगरप्रिंट ऑथेन्टिकेशन फीचर लाने की तैयारी कर रहा है. इससे पहले कंपनी ने iOS यूजर्स के लिए ये फीचर जारी कर दिया है.

WABetainfo की एक रिपोर्ट के मुताबिक WhatsApp ने बीटा वर्जन 2.19.83 में फिंगरप्रिंट ऑथेन्टिकेशन का फीचर दिया है. इस अपडेट के बाद यूजर्स अपने वॉट्सऐप को फिंगरप्रिंट स्कैनर से अनलॉक कर पाएंगे. हालांकि अभी भी ज्यादातर एंड्रॉयड स्मार्टफोन में ऐप लॉक करने का फीचर दिया जाता है जिसे फिंगरप्रिंट स्कैनर से अनलॉक किया जा सकता है और लोग इसे वॉट्सऐप के लिए भी यूज करते हैं एंड्रॉयड में दिए जाने वाले वॉट्सऐप के इस नए फीचर को यूजर्स प्राइवेसी टैब में जाकर एनेबल कर सकते हैं. यहां iOS जैसे ही ऑप्शन दिखेंगे, यानी आप ये सेट कर सकते हैं कि एक बार अनलॉक करने के बाद कितने समय तक आपको फिंगरप्रिंट की जरूरत नहीं होगी. इसमें एक मिनट, 10 मिनट और 30 मिनट तक का समय है.

iOS के लिए दिए गए बायोमैट्रिक ऑथेन्टिकेशन वाले वॉट्सऐप के फीचर में सिर्फ टच आईडी ही नहीं, बल्कि फेस अनलॉक का भी ऑप्शन दिया गया है. लेकिन ये साफ नहीं है कि एंड्रॉयड स्मार्टफोन में वॉट्सऐप को फेस से अनलॉक किया जा सकेगा या नहीं. क्योंकि अब ज्यादातर एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में फेस अनलॉक का फीचर मिलता है. हालांकि ये फीचर आईफोन के लेवल का सिक्योर नहीं होता.WhatsApp से ही जुड़ी दूसरी रिपोर्ट की बात करें तो कंपनी ने एंड्रॉयड के लिए डार्क मोड देना शुरू कर दिया है. ये अभी टेस्टिंग के तौर पर है, लेकिन सिर्फ सेटिंग्स में डार्क मोड दिया जा रहा है. उम्मीद है जल्द ही इसका पब्लिक बीटा जारी किया जाएगा और तब आप भी वॉट्सऐप का डार्क मोड यूज कर सकते हैं

 

अक्षय कुमार की फिल्म 'केसरी' kesari  बॉक्स ऑफिस पर लगातार कमाल कर रही है. फिल्म रिलीज के एक ही हफ्ते में 100 करोड़ के करीब पहुंच गई है. फिल्म ने रिलीज के पहले ही दिन से बॉक्स ऑफिस पर कमाल करना शुरू कर दिया था.  कुल 21.06 करोड़ की कमाई के साथ 'केसरी' साल की पहली सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बन गई थी.दूसरे दिन फिल्म kesari  की कमाई में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन तीसरे और चौथे दिन फिल्म ने फिर रफतार पकड़ी और फिल्म ने पहले वीकेंड में 78.07 करोड़ की शानदार कमाई की. हालांकि, वर्किंग डेज होने के चलते सोमवार को फिल्म की कमाई में भारी गिरावट आई है.

इस फिल्म ने 2019 के चार बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम किया कर लिए हैं-

 

 

पहला रिकॉर्ड- पहले दिन 21.06 करोड़ की कमाई के मामले में ये फिल्म 2019 की सबसे बड़ी फिल्म होने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है.

 

 

दूसरा रिकॉर्ड- इस फिल्म ने तीन दिनों में 50 करोड़ कमाई का आंकड़ा पार करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है. इस साल की रिलीज हुई कोई भी फिल्म तीन दिनों में इतना नहीं कमा पाई है.

 

 

तीसरा रिकॉर्ड- केसरी ने चार दिनों में 75 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है. 2019 के लिए ये भी नया रिकॉर्ड है.

 

 

चौथा रिकॉर्ड- इस फिल्म ने ओपेनिंग वीकेंड में सबसे ज्यादा कमाई का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है. फिल्म गुरुवार को रिलीज हुई. चार दिनों के ओपेनिंग वीकेंड में केसरी ने 78.07 करोड़ कर चुकी है.

क्या है फिल्म की कहानी?

 

 

ये फिल्म वर्ष 1897 के ऐतिहासिक सारागढ़ी के युद्ध पर आधारित है. 'केसरी' को भारतीय इतिहास ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी लड़ाई माना जाता है. इसमें सिख सैनिकों ने सारागढ़ी किला बचाने के लिए पठानों से अपनी आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ी थी. इस युद्ध में 36 सिख रेजिमेंट के 21 जवानों ने 10 हजार अफगान सैनिकों को धूल चटा दी थी.

 

 

अक्षय कुमार की फिल्म 'केसरी' दर्शकों के दिलों पर राज कर रही है और फैंस इसकी तारीफ करते नहीं थक रहे. यदि आपने भी अभी तक फिल्म नहीं देखी है और देखने पर विचार कर रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं कि आखिर क्यों आपको इस फिल्म को बिल्कुल भी मिस नहीं करना चाहिए.

 

 

 

 

 

 

 

 

'केसरी' देखने से पहले जानिए सारागढ़ी युद्ध की असली कहानी, जब 10 हजार अफगानी सैनिकों से भिड़े थे 21 सिख

 

 

 

IPL 2019 में ईडेन गार्डन्स में खेले गए मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स ने किंग्स इलेवन पंजाब को 28 रन से मात दे दी. इस मैच में एक प्लेयर पर सबका निगाहें टिकी हुई थीं. यह प्लेयर था किंग्स इलेवन पंजाब का गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती. IPL 2019 का सबसे महंगा खिलाड़ी.

 

IPL 2019 के लिए सबसे महंगे बिके वरुण चक्रवर्ती के डेब्यू का पहला ओवर बेहद निराशाजनक रहा. किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान आर. अश्विन ने ईडन गार्डन्स पर दूसरे छोर से इस नए गेंदबाज से आक्रमण की शुरुआत कराई, लेकिन आगे जो भी हुआ उसे यह लेग स्पिनर कभी याद नहीं करना चाहेगा.

नीतीश राणा वरुण चक्रवर्ती के पहले शिकार

वरुण चक्रवर्ती ने हार नहीं मानी और जोरदार बल्लेबाजी कर रहे नीतीश राणा (63 रन, 34 गेंद, 7 छक्के, 2 चौके) को मयंक अग्रवाल के हाथों कैच करा दिया और आईपीएल का अपना पहला विकेट हासिल किया और इस ओवर में महज एक रन (0 0 W 0 0 1) खर्च कर अपना 'ड्रीम' विकेट निकाला. आखिरकार मैच में उनका गेंदबाजी विश्लेषण रहा- 3-0-35-1.

 

सुनील नरेन ने कर दिया बुरा हाल

दरअसल, उस एक ओवर में वरुण चक्रवर्ती ने 25 रन लुटाए. कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से पारी की शुरुआत करने आए सुनील नरेन ने वरुण चक्रवर्ती की पांच गेंदों पर 24 रन ठोक डाले, जिनमें उनके 3 छक्के शामिल रहे.

आईपीएल 2019 के लिए सबसे महंगे बिके वरुण चक्रवर्ती के डेब्यू का पहला ओवर बेहद निराशाजनक रहा. किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान आर. अश्विन ने ईडन गार्डन्स पर दूसरे छोर से इस नए गेंदबाज से आक्रमण की शुरुआत कराई, लेकिन आगे जो भी हुआ उसे यह लेग स्पिनर कभी याद नहीं करना चाहेगा.

सुनील नरेन ने कर दिया बुरा हाल-दरअसल, उस एक ओवर में वरुण चक्रवर्ती ने 25 रन लुटाए. कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से पारी की शुरुआत करने आए सुनील नरेन ने वरुण चक्रवर्ती की पांच गेंदों पर 24 रन ठोक डाले, जिनमें उनके 3 छक्के शामिल रहे.

TNPL में भी इतनी बेरहमी से नहीं पिटे थे-वरुण चक्रवर्ती अपने छोटे से क्रिकेट करियर में पहली बार इतनी बरहमी पिटे. तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) में भी उनका ये हश्र नहीं हुआ था. इस लीग में उनकी सबसे महंगी गेंदबाजी 4 ओवर में 28 रन है. लेकिन उन्हें आईपीएल के एक ही ओवर में 25 रन देने पड़ गए.

अश्विन ने कायम रखा भरोसा-कप्तान अश्विन ने वरुण चक्रवर्ती पर अपना विश्वास बनाए रखा. उन्हें दोबारा 7वें ओवर में लाया गया. उनके उस ओवर में 2 चौके समेत 9 रन बने. उन्हें फिर आक्रमण से हटाया गया. इसके बाद उन्हें एक और मौका मिला. 15वें ओवर में तो उन्होंने कमाल कर दिखाया.

 

2019 के लिए नीलामी में उनादकट के साथ सबसे महंगे

27 साल के तमिलनाडु के लेग स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने आईपीएल 2019 के लिए नीलामी में धूम मचा दी थी, जब इस 'मिस्ट्री स्पिनर' पर मोटी बोली लगी. उन्हें किंग्स इलेवन पंजाब ने 8.40 करोड़ रुपये में खरीदा. उनका बेस प्राइस महज 20 लाख रुपये था. उधर, तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट पर भी 8.40 करोड़ रुपये की बोली लगी थी, जिन पर राजस्थान रॉयल्स ने दांव खेला.

वरुण चक्रवर्ती ने तमिलनाडु की तरफ से अब तक एक ही फर्स्ट क्लास मैच खेला है. इसी साल नवंबर में हैदराबाद के खिलाफ पहले मैच में उन्हें एक ही सफलता मिली. इसके अलावा उन्होंने लिस्ट-ए (घरेलू वनडे) के 9 मैच खेले हैं. जिसमें उन्होंने 22 विकेट निकाले हैं.

वरुण चक्रवर्ती ने 13 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया, और 17 की उम्र तक विकेटकीपर-बल्लेबाज रहे. एज ग्रुप क्रिकेट में कई बार खारिज कर दिए गए. बाद में उन्होंने खेलना ही छोड़ दिया और चेन्नई में एसआरएम विश्वविद्यालय से वास्तुकला (Architecture) में डिग्री हासिल की.

पांच साल का पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद वरुण ने एक फ्रीलांस आर्किटेक्ट के रूप में काम शुरू किया. लेकिन उन पर टेनिस बॉल क्रिकेट खेलने का जुनून फिर से सवार हो गया. इसलिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर के रूप में क्रॉमबेस्ट क्रिकेट क्लब में शामिल हो गए.

लेकिन, दूसरे ही मैच के दौरान उन्हें घुटने में चोट लगी और इसके बाद उन्होंने स्पिनर बनने का मन बना लिया. 18 गज की पिचों पर टेनिस बॉल क्रिकेट में वरुण ने अपने प्रदर्शन से खुद को एक मिस्ट्री स्पिनर के तौर पर तब्दील कर लिया.

 

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