आइये बात करते हैं प्रसिद्ध अंक ज्योतिषी डॉ सुनील मग्गो से जो हमेशा 26 तारीख या मंगलवार को ही भविष्यवाणी करते हैं।

जो 26 मार्च ,2019 को की थी फिर साबित हुई सच और इकतरफा आये चुनाव के परिणाम और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में बनी नई सरकार।

26 मई,2019 को मंत्रिमंडल को लेकर भविष्यवाणी भी सच साबित हुई।


फिर बात करते हैं डॉ सुनील मग्गो से।
डॉ साहब 8 जून को आपने कहा था कि क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए 26 जून को मिले।

आजकल हर तरफ क्रिकेट का बुखार चढ़ा हुआ है और हर तरफ़ क्रिकेट का ही चर्चा है इसलिए हम पहले ही पहुँच गए आपके पास आज मंगलवार के दिन।


प्रश्न: क्या कहना है आपका कौन जीतेगा वर्ल्ड कप का ख़िताब।

उत्तर: मैं पूर्ण विश्वास के साथ कह सकता हूँ की भारत ही होगा विश्व कप का विजेता।

प्रश्न: ये आप एक भारतीय होने के कारण कह रहे हैं या ज्योतिष के आधार पर।

उत्तर:भारतीय होने के नाते तो मैं चाहता हूँ की भारत केवल क्रिकेट का ही नहीं अपितु पूरे विश्व का विजेता और सबसे समृद्ध और शक्तिशाली देश बने।
पर भारत जीतेगा 2019 का क्रिकेट विश्व कप ये मैं अंक ज्योतिष के आधार पर ही कह रहा हूँ।

प्रश्न: डॉ साहब क्या आधार है इसका।

उत्तर: आपने सुना होगा 36 का आंकड़ा।
36 नंबर का अंक ज्योतिष में बहुत महत्त्व है।आज तिथि है 18.6.2019 और दिन मंगलवार।
18+6+12 का जोड़ भी 36 ही बनता है।


प्रश्न: क्या महत्त्व है इस 36 नंबर का।

उत्तर: भारत पहला क्रिकेट वर्ल्ड कप इंग्लैंड में 1983 में जीता था।
1983 में 36 जोड़ेंगे तो 2019 आयेगा और ये वर्ल्ड कप भी इंग्लैंड में हो रहा है।
अंक जब विपरीत दिशा में आते हैं तो इतिहास की पुनरावृत्ति अवश्य होती है।
1983 का जोड़ बनता है 21
2018 का जोड़ बनता है 12

जब भारत 1983 में जीता था तो कप्तान थे KAPIL DEV.. जिनके नाम का जोड़ बनता है 35

और VIRAT KOHLI ..के नाम का जोड़ बनता है 53

विराट कोहली का जन्म है 5.11.1988 जिसका मूलांक है 5 और भाग्यांक बनता है 24

फाइनल मैच 14.7.2019 को खेला जायेगा जिसका मूलांक भी 5 है और भाग्यांक बनता है 24

ये अंक यही इशारा करते हैं कि भारत ही बनेगा फिर से क्रिकेट का बेताज बादशाह।

 


प्रश्न: वाह डॉ साहब आपने तो बहुत अच्छे से विश्लेषण कर दिया।
लगता है निश्चय ही भारत ही जीतेगा वर्ल्ड कप।


उत्तर: अंक ज्योतिष के अनुसार तो ऐसा ही प्रतीत होता है बाकी बजरंग बली और शनिदेव जी की कृपा होगी तो अवश्य जीतेगा भारत।

देखते हैं क्या होगा भविष्य में और क्या फिर सच होती है डॉ सुनील मग्गो जी की ये भविष्यवाणी।

डॉ साहब आपका धन्यवाद और आपसे फिर मिलेंगे एक और भविष्यवाणी को लेकर।


आइये बात करते हैं प्रसिद्ध अंक ज्योतिषी डॉ सुनील मग्गो से भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारों के बारे में

प्रश्न: आपके द्वारा विराट कोहली के बारे में की गई हर भविष्यवाणी अभी तक सच सिद्ध साबित हुई। कौन होगा भारत का चमकने वाला अगला क्रिकेट का सितारा।

उत्तर: मुझे लगता है वो नाम है ऋषभ पन्त जो भारतीय क्रिकेट में धूमकेतु की तरह उभरेगा और धूम मचा देगा।

प्रश्न: ऐसा क्या विशेष है ऋषभ में वो तो अभी तक भारतीय टीम का हिस्सा भी नहीं है।

उत्तर: ऋषभ जल्दी ही भारतीय टीम का हिस्सा बनेगा और उसके कैरियर का आरम्भ होगा वो दिन शनिवार होगा।

प्रश्न: विराट और ऋषभ में क्या समानता देखते हैं आप।

उत्तर: विराट और ऋषभ दोनों का जन्म शनिवार का है।

विराट के जन्म का वर्ष है 1988 जिसका योग 26 बनता है।

ऋषभ के जन्म का वर्ष है 1997 जिसका योग भी 26 बनता है।
नंबर 26 के स्वामी शनि हैं।

दोनों को पिता का सुख नहीं मिल पाया।

प्रश्न: क्या ऋषभ खेलेंगे अगले वर्ष होने वाला वर्ल्ड कप में।

उत्तर: अवश्य, कुछ अड़चन आ सकती है अंतत: ऋषभ अवश्य खेलेगा वर्ल्ड कप।

प्रश्न: कैसे देखते है आप ऋषभ का भविष्य।

उत्तर: ऋषभ आने वाले समय में बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे और अपने को स्थापित करेंगे।

प्रश्न: आपने भविष्यवाणी की थी कि विराट कोहली भारतीय टीम के कप्तान बनेंगे जो सच साबित हुई।
क्या कहना है आपका ऋषभ के बारे में।

उत्तर: अभी तो ऋषभ की टीम में जगह भी नहीं बनी।
लेकिन मुझे विश्वास है कि वो भारतीय टीम का हिस्सा भी बनेगा और विराट की तरह ही भारतीय टीम का कप्तान भी ।

प्रश्न: इतने यकीन के साथ आप ये सब कैसे कह सकते हैं।

उत्तर: ये सब अंक ज्योतिष के आधार पर कह रहा हूँ।
मैंने विराट के बारे में पहला ट्वीट किया था 19 मार्च, 2012 को।

और जब जब विराट का प्रदर्शन ख़राब हुआ मैंने विराट के लिए शनि आराधना की।
मैं आजकल ऋषभ के लिए भी शनि आराधना करता हूँ और मुझे यकीन है वो बनेगा भारतीय टीम का हिस्सा।
और बनेगा कप्तान 2024 में।

प्रश्न: लगता है आपका बहुत लगाव है दोनों से।

उत्तर: मेरे स्वामी भी शनि हैं अतः ये स्वाभाविक है।
मुझे दोनों अपने बच्चों की तरह लगते हैं।

डॉ साहब इतना ज्ञान होते हुए भी कितने सरल ह्रदय हैं आप।
धन्यवाद्

आइये बात करते हैं प्रसिद्ध अंक ज्योतिषी डॉ सुनील मग्गो से जिनकी भविष्यवाणी जो 26 मार्च ,2019 को की थी फिर साबित हुई सच और इकतरफा आये चुनाव के परिणाम और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में बनी नई सरकार।

26 मई,2019 को मंत्रिमंडल को लेकर भविष्यवाणी भी सच साबित हुई।

अमित शाह ही बने गृह मंत्री और वित्त मंत्रालय भी मिला जेटली जी या पियूष गोयल के सिवा किसी तीसरे व्यक्ति को।

फिर बात करते हैं डॉ सुनील मग्गो से क्या होगा भविष्य में।

प्रश्न: अमित शाह का कार्यकाल गृह मंत्री के रूप में कैसा रहेगा।

उत्तर: गृह मंत्री के रूप में अमित शाह बहुत सफल रहेंगे और नई उचाइयां छुएंगे।
भाजपा पूरे देश में और बलशाली होगी।

प्रश्न: क्या कश्मीर समस्या का निदान होगा कभी।

उत्तर: अंक ज्योतिष के अनुसार अप्रैल ,2020 तक कश्मीर समस्या का समाधान एक निर्णायक दौर तक पहुँच जायगा जिसमे अमित शाह का बहुत बड़ा योगदान होगा।

प्रश्न: तो क्या अमित शाह एक शक्तिशाली नेता के रूप में स्थापित होंगे।

उत्तर: अमित शाह वर्तमान युग के सरदार पटेल के रूप में स्थापित होंगे।

प्रश्न : आपने पिछले साक्षात्कार में कहा था कि आप अधिकतर भविष्यवाणी मंगलवार या 26 तारीख़ को करते हैं परंतु इस बार हम आप् के पास 8 जून,2019 को ही साक्षात्कार करने आ गए।

उतर: 8 नंबर के स्वामी शनि देव हैं।
और संजोग से 8.6.2019 के जोड़ भी 26 ही बनता है।

प्रश्न: क्या अमित शाह जी के गृह मंत्री बनने के बाद आपकी भेंट हुई उनसे।

उत्तर: नहीं अभी भेंट तो नहीं हुई , पर मुझे लगता है कि उनसे जब भेंट होगी तो या उस दिन तिथि 4 होगी या गुरुवार होगा।

प्रश्न: प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को कैसे देखते हैं आप।

उत्तर: भारत एक सशक्त और शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित होगा।

प्रश्न: कैसे होगा ये सब।

उत्तर: भारत वर्ष 1947 में स्वतंत्र हुआ। जब 47 के अंक बदलकर 74 होंगे यानि ठीक 74 वर्ष बाद 2022 में कुछ महत्वपूर्ण घटना होगी जिसके दूरगामी परिणाम होंगे।


देखते हैं क्या होगा भविष्य में और क्या फिर सच होती है डॉ सुनील मग्गो जी की ये भविष्यवाणी।

डॉ साहब आपका धन्यवाद और आपसे फिर मिलेंगे एक और भविष्यवाणी को लेकर।

डॉ सुनील मग्गो: अवश्य अब आप मिलें 26 जून ,2019 को।

आइये बात करते हैं प्रसिद्ध अंक ज्योतिषी डॉ सुनील मग्गो से जिनकी भविष्यवाणी जो 26 मार्च ,2019 को की थी फिर साबित हुई सच और एकतरफा आये चुनाव के परिणाम।

प्रश्न : आपने पिछले साक्षात्कार में कहा था कि आप अधिकतर भविष्यवाणी मंगलवार या 26 तारीख़ को करते हैं और संजोग से आज भी 26 तारीख़ है।
क्या कहना है आपका नए मंत्रिमंडल के बारे में।


उत्तर : प्रधानमंत्री मोदी जी 30 मई ,गुरुवार को शपथ ले रहे हैं।
3 नंबर के स्वामी गुरु हैं और अमित शाह जी का जन्म गुरुवार का है।
अतः इस मंत्रिमंडल में उनकी विशेष भूमिका होगी।

प्रश्न: क्या प्रस्तावित मंत्रिमंडल में होंगे परिवर्तन।

उत्तर: मैं समझता हूँ की कम से कम चार बड़े चेहरे नहीं होंगे नए मंत्रिमंडल में।

प्रश्न: अमित शाह की क्या भूमिका होगी। क्या वो नए गृह मंत्री होंगे।

उत्तर: मेरे अनुसार उन्हें गृह या वित्त मंत्रालय का कार्यभार मिल सकता है।


प्रश्न: तो क्या अरुण जेटली या पियूष गोयल नहीं बनेंगे वित्त मंत्री।

उत्तर: मुझे ऐसा ही प्रतीत होता है की इन दोनों के सिवा कोई तीसरा होगा वित्त मंत्री।

प्रश्न: लगता है आपका अमित शाह से बहुत लगाव है। आपकी भेंट कब हुई उनसे।

उत्तर: मैं उनसे मिला तो नहीं कभी पर मेरा लगाव अवश्य है उनसे क्योंकि मेरा जन्म भी उनकी तरह गुरुवार का है।

 

देखते हैं क्या होगा भविष्य में और क्या फिर सच होती है डॉ सुनील मग्गो की ये भविष्यवाणी।

डॉ साहब आपका धन्यवाद और आपसे फिर मिलेंगे एक और भविष्यवाणी को लेकर।

इस बार चर्चा करेंगे क्रिकेट वर्ल्ड कप को लेकर।

डॉ सुनील मग्गो: अवश्य

भारत में आज कल चुनाव आते ही लोग अलग-अलग राजनीतिक दलों की विचारधारा को लेकर अक्सर अपनों से ही लड़ बैठते हैं. लोग इस बात को जरा भी नहीं समझते कि नेता और राजनीति के चक्कर में वो अपने दोस्तों से रिश्ते खराब कर बैठेंगे. इसी बात को दर्शाती हुई एक तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसमें एक कार के अंदर अलग-अलग पार्टियों के झंडे लेकर युवक बैठे हुए हैं और यह मैसेज दे रहे हैं कि दोस्ती सबसे आगे है.

दरअसल, वायरल हो रही तस्वीर केरल की बताई जा रही है. इसमें एक कार में कुछ युवक बीजेपी, कांग्रेस, भाकपा के झंडे लेकर बैठे हुए है. कहा जा रहा है कि दोस्ती का संदेश देने के लिए ये युवक सड़कों पर अलग-अलग पार्टियों के झंडे लेकर निकले थे. 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस तस्वीर को हजारों लोग शेयर और लाइक कर चुके हैं. लोगों ने तरह-तरह के कमेंट भी इसके साथ शेयर किए हैं.

लोगों का कहना है कि यह तस्वीर असली इनक्रेडिबल इंडिया की है. यह केवल केरल में ही हो सकता है. यहां इलेक्शन खत्म हो गए हैं इसके बावजूद दोस्त आज भी साथ हैं.

एक ट्विटर यूजर अश्वथ ने यह भी कहा कि यह बेहद खूबसूरत तस्वीर है. दोस्ती और रिश्ते ही मायने रखते हैं. इनके बीच राजनीतिक विचारधाराएं कभी भी नहीं आनी चाहिए.

 

 

वहीं, एक ट्विटर यूजर आदर्श ने लिखा कि मैंने कई दोस्तों को राजनीतिक विचारधारा पर लड़ते हुए देखा है जिनके बीच अब बात बंद हो चुकी है. यह केवल राजनीतिक विचारधारा पर विवाद के दौरान हुआ है. ऐसा माहौल मैंने इसके पहले कभी नहीं देखा. यह फोटो हमें दोस्ती की सीख दे रही है.

मालूम हो कि लोकसभा के लिए सात चरणों में मतदान हो रहा है. अब तक तीन चरण के मतदान निपट चुके हैं. चौथे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा.

 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का देश के सबसे गरीब 5 करोड़ परिवारों के लिये न्यूनतम आय योजना शुरू करने का वादा सामाजिक सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है लेकिन इसका वित्त पोषण एक मुश्किल कार्य हो सकता है। कुछ प्रमुख अर्थशास्त्रियों तथा समाज विज्ञानियों ने यह कहा है। राहुल गांधी न्यूनतम आय गारंटी योजना और रोजगार के वादे चुनावी रैलियों में पहले ही कर चुके हैं. आज कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में सबकुछ विस्तार से बताया जाएगा. दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी की मौजूदगी में वादों का पिटारा खुलेगा. हर गरीब परिवार को सालाना 72 हजार रुपए देने का वादा कांग्रेस का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है. आखिरी ये 72,000 का फॉर्मूला कैसे तय हुआ ? किस आधार पर 72,000 रुपये सालाना न्याय तय हुआ? इस के पीछे एक कहानी है.राहुल गांधी ने डा मनमोहन सिंह और चिदंबरम को न्याय स्कीम को लागू करने की ज़िम्मेदारी दी थी. मनमोहन सिंह ने इसकी चर्चा अरविंद सुब्रमण्यम, कौशिक बसु और रघुराम राजन से की और कांग्रेस अध्यक्ष से इन तमाम अर्थशास्त्रियों की बात भी करवायी. राहुल गांधी ने चिदंबरम से भी कहा कि मैं कोई ऐसा वादा नहीं करना चाहता जिसको हम पूरा ना कर सकें. इस मीटिंग के बाद राहुल गांधी मीडिया के सामने आए और कहा 20% लोगों को 72000 सालाना देंगे और कांग्रेस ग़रीबी रेखा से बाहर निकालेगी.

 

कांग्रेस के रिसर्च सेल के मुताबिक आजादी के समय देश में 70 फीसदी लोग गरीब थे. लेकिन कांग्रेस सरकारें काफी मेहनत कर इसे 20 फीसदी तक लेकर आई हैं. अब गरीबी पर अंतिम वार करने का वक्त आ गया है. कांग्रेस का लक्ष्य 20 फीसदी गरीबी को हटाकर शून्य तक लाना और देश से गरीबी को पूरी तरह से खत्म करना है. यह योजना आर्थिसक न्याय प्रदान करेगी और गरीबों को गरिमा एवं सम्मान के साथ जीने का मौका देगी. गरीबों के हाथ में पैसा जाने से उपभोग बढ़ेगा और इससे रोजगार बढ़ेगा, कर राजस्व भी बढ़ेगा. देश में आय असमानता तेजी से बढ़ रही है. दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते यह हम सब का नैतिक दायित्व है कि देश से गरीबी को पूरी तरह से खत्म करने का महत्वाकांक्षी काम हाथ में लें. कांग्रेस साल 2030 तक देश से गरीबी को पूरी तरह से खत्म करना चाहती है.इस योजना का लक्ष्य 5 करोड़ सबसे गरीब परिवार हैं जो जनसंख्या का 20 फीसदी हिस्सा हैं. पैसा सीधे परिवार की महिला के खाते में जाएगा. अगर उसके पास बैंक खाता नहीं है तो उसे खुलवाया जाएगा.

योजना को लागू करने के लिए कांग्रेस वित्तीय अनुशासन और विवेकपूर्ण खर्च का तरीका अपनाएगी. इसे केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त योजना के रूप में लागू किया जाएगा. लेकिन लागत का मुख्यत: केंद्र सरकार वहन करेगी. इस योजना को राजस्व के नए स्रोत जुटाने और मौजूदा खर्च को तर्कसंगत बनाकर लागू किया जाएगा. रिसर्च सेल ने कहा कि जब कांग्रेस ने मनरेगा लागू किया था, तब भी बीजेपी और विपक्ष इसे बहुत महत्वाकांक्षी और खर्चीला बता रहे थे. मनरेगा के शुरुआती दौर में इस पर खर्च जीडीपी के 0.6 फीसदी तक था जो बाद में घटकर 0.3 फीसदी तक रह गया. बीजेपी अगर बुलेट ट्रेन के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था कर सकती है तो आर्थिकक न्याय के लिए कांग्रेस इतनी रकम की व्यवस्था कर सकती है.

आज जो डेटा मौजूद है उससे आसानी से गरीब परिवारों की पहचान हो सकती है. साल 2011 का सामाजिक-आर्थिबक जाति जनगणना और परिवार के आंकड़े से मदद मिल सकती है. पीएम आवास योजना के लिए लाभार्थिजयों की पहचान के लिए भी इस डेटा को आधार बनाया गया था. अंत्योदय अन्न योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला, पीएम आवास योजना, पीएम किसान योजना जैसी स्कीमों से संबंधित डेटा मिल जाएगा.यह योजना कई चरणों में लागू होगी. मनरेगा योजना भरी कई चरणों में लागू की गई थी. कांग्रेस अर्थशास्त्रियों, समाजशास्त्रिगयों और सांख्यकीविदों की एक समिति बनाएगी जो इस योजना की डिजाइन, शुरू करने और इसे लागू करने का पूरा काम देखेंगे. समिति से सब कुछ ठीक होने का संकेत मिलने के बाद ही इसका अगला चरण लागू किया जाएगा.

किसकी सलाह पर बनी योजना-कांग्रेस ने इस योजना के लिए देश और विदेश के कई अर्थशास्त्रियों, विशेषज्ञों की सलाह ली है. उदाहरण के लिए प्रख्यात ग्लोबल इकोनॉमिस्ट रघुराम राजन, थॉमस पिकेट्टी और अभिजीत बैनर्जी ने सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया है कि उनसे इस योजना के बारे में सलाह ली गई है. इसके लिए गहन आर्थिकक विचार-विमर्श किया गया है. देश भर के परिवारों के आय वितरण आंकड़ों, परिवारों के खपत प्रवृत्ति, वैश्विक सर्वे और राज्य सरकारों तथा निजी क्षेत्र के भी आंकड़ों का अध्ययन किया गया.

 

 

 

 

कांग्रेस का घोषणापत्र जारी होने जा रहा है. रोजगार देने में फेल होने का आरोप लगाते हुए नरेंद्र मोदी के वादे की आलोचना करने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अब लोकसभा चुनाव से ठीक पहले इस संबंध में बड़ा ऐलान किया है. मोदी सरकार को रोजगार के मुद्दे पर घेरने वाले राहुल गांधी ने यह वादा लोकसभा चुनाव के लिए होने वाले पहले चरण के मतदान से दस दिन पहले किया है, जो काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. रविवार रात राहुल गांधी ने यह वादा एक ट्वीट के जरिए किया. राहुल ने अपने ट्वीट में लिखा है कि मौजूदा वक्त में करीब 22 लाख सरकारी नौकरियों के लिए पद खाली हैं. राहुल ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो 31 मार्च 2020 तक इन सभी पदों को भरा जाएगा.


पिछले दिनों ही राहुल ने वादा किया था कि अगर सरकार बनी तो गरीबों के अकाउंट में 72 हजार रुपये सालाना डाले जाएंगे. 72 हजार रुपये महीने की योजना को लेकर आंध्र प्रदेश के विजयवाडा में कल राहुल ने कहा, 'मैं मोदी नहीं हूं. मैं झूठ नहीं बोलता हूं. उन्होंने कहा कि वह आपको 15 लाख रुपये देंगे. यह एक झूठ था. उनकी सरकार आपके बैंक अकाउंट में 15 लाख रुपये नहीं दे सकती लेकिन हमारी सरकार आई तो देश के सबसे गरीब लोगों को हर साल 72 हजार रुपये दिए जा सकेंगे.' इसके साथ ही राहुल गांधी ने वादा किया कि आगामी लोकसभा चुनावों में अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देंगे.

 

इससे पहले विजयवाड़ा में रविवार को एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर करारा हमला बोला. राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अंतिम लक्ष्य भारत के संविधान को नष्ट करना है, क्योंकि उन्हें आरएसएस का सपना पूरा करने में यह संविधान रोड़ा लगता है. राहुल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसा कभी नहीं होने देगी. आंध्र प्रदेश में राहुल गांधी ने रविवार को दो चुनावी रैलियों को संबोधित किया. दोनों जगह उन्होंने दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों को लेकर नरेंद्र मोदी को निशाने पर रखा.

 

 

PM मोदी की तस्वीर छापने को लेकर चुनाव आयोग ने एयर इंडिया और भारतीय रेल को दोबारा नोटिस भेज कर जवाब मांगा है. एयर इंडिया ने बोर्डिंग पास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के मख्यमंत्री विजय रूपाणी की तस्वीरों का फिर इस्तेमाल किया था. मदुरै से एयर इंडिया की 5:45 बजे की फ़्लाइट के एक यात्री ने ट्वीट कर यह जानकारी दी कि उसके बोर्डिंग पास में वाइब्रेंट गुजरात 2019 के विज्ञापन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी छपी है जो कि आचार संहिता का उल्लंघन है. एयर इंडिया ऐसा पहले भी कर फिर चुकी है. इस मामले में एयर इंडिया ने अपनी गलती को स्वीकारा और कहा कि मानवीय चूक हो गई.

25 मार्च को जारी अपने आदेश में एयर इंडिया ने लगभग 150 एयरपोर्ट्स पर स्थित अपने सभी स्टेशन मैनेजरों को आदेश दिया था कि वाइब्रेंट गुजरात के इस विज्ञापन वाले बोर्डिंग पास तत्काल हटाए जाएं. बावजूद इसके एयर इंडिया के यात्रियों को आज भी आचार संहिता के उल्लंघन वाले ऐसे बोर्डिंग पास दिए गए. फिलहाल एयर इंडिया इस शिकायत की जांच कर रही है.कुछ दिन पहले ही विमानन कंपनी ने आचार संहिता के कथित उल्लंघन को लेकर आलोचना का सामना करने के बाद पास को वापस लेने का फैसला किया था.एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, "एयर इंडिया ने 25 मार्च को सभी घरेलू स्टेशन को तुरंत प्रभाव के साथ बोर्डिंग कार्ड के पीछे वाइब्रेंट गुजरात के विज्ञापन का इस्तेमाल रोकने को लेकर नोटिस जारी किया था."उन्होंने कहा था, "आज की घटना मानवीय भूल से हुई. इस भूल के लिए मदुरै में एयर इंडिया के एयरपोर्ट प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है." वहीं दूसरी तरफ काठगोदाम शताब्दी ट्रेन में चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का मामला सामने आया. इस ट्रेन में 'मैं भी चौकीदार' लिखे हुए कप में यात्रियों को चाय दी जा रही थी. शिकायत होते ही रेलवे ने कप हटवा दिए.

बता दें कि चुनाव आयोग की ओर से लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही आचार संहिता लग गई है. आचार संहिता के तहत राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों के लिए चुनाव आयोग की ओर से कुछ निर्देश जारी किए जाते हैं और हर पार्टी और उम्मीदवारों को इनका पालन करना होता है. निर्देशों का पालन नहीं करने किए जाने की सूरत में उम्मीदवारों या पार्टियों पर चुनाव आयोग की ओर से कार्रवाई की जा सकती है. किसी भी चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही उस क्षेत्र में आचार संहिता लागू हो जाती है.

 

(BJP) अध्यक्ष अमित शाह गांधीनगर लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल करेंगे. इससे ठीक पहले उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गांधीनगर से लालकृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी सांसद रहे. मेरा सौभाग्य है कि बीजेपी मुझे यहीं से सांसद बनाने जा रही है.जनसभा के बाद अमित शाह (BJP) रोड शो कर रहे हैं. इस रोड शो में राजनाथ सिंह, विजय रुपानी और रामविलास पासवान समेत कई नेता मौजूद हैं. वहीं जनसभा के दौरान नितिन गडकरी, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, अकाली दल प्रमुख प्रकाश सिंह बादल और एलजेपी अध्यक्ष रामविलास पासवान जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद थे. सभी नामांकन दाखिल करने के दौरान भी मौजूद रहेंगे.एनडीए के शीर्ष नेताओं की इस मौजूदगी को शाह के लिए समर्थन और गठबंधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद दूसरे सबसे शक्तिशाली नेता के रूप में उनकी स्वीकार्यता के तौर पर देखा जा रहा है.राज्यसभा सांसद अमित शाह पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. गांधीनगर सीट से 1998 से लगातार लालकृष्ण आडवाणी (91 साल) जीत दर्ज करते रहे हैं. पार्टी ने इसबार उन्हें टिकट नहीं दिया है.

 

बीजेपी की गुजरात इकाई के प्रमुख जीतू वघानी ने कहा कि चार किमी लंबा रोड शो अहमदाबाद के सरदार पटेल प्रतिमा से शुरू होगा और यह घाटलोडिया इलाके में पाटीदार चौक पर संपन्न होगा. गुजरात में सभी 26 सीटों के लिए 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख चार अप्रैल है.

पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के नामांकन के लिए बीजेपी ने खास तैयारियां कर रखी हैं. इसके जरिए एनडीए अपना शक्ति प्रदर्शन करने जा रहा है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शनिवार को गांधीनगर लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल करेंगे. इस दौरान केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल और लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद होंगे

 

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह गांधीनगर लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल करेंगे. इससे ठीक पहले उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि गांधीनगर से लालकृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी सांसद रहे. मेरा सौभाग्य है कि बीजेपी मुझे यहीं से सांसद बनाने जा रही है.बीजेपी की गुजरात इकाई के प्रमुख जीतू वघानी ने कहा कि चार किमी लंबा रोड शो अहमदाबाद के सरदार पटेल प्रतिमा से शुरू होगा और यह घाटलोडिया इलाके में पाटीदार चौक पर संपन्न होगा. गुजरात में सभी 26 सीटों के लिए 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख चार अप्रैल है.

 

जनसभा के बाद अमित शाह रोड शो कर रहे हैं. इस रोड शो में राजनाथ सिंह, विजय रुपानी और रामविलास पासवान समेत कई नेता मौजूद हैं. वहीं जनसभा के दौरान नितिन गडकरी, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, अकाली दल प्रमुख प्रकाश सिंह बादल और एलजेपी अध्यक्ष रामविलास पासवान जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद थे. सभी नामांकन दाखिल करने के दौरान भी मौजूद रहेंगे.एनडीए के शीर्ष नेताओं की इस मौजूदगी को शाह के लिए समर्थन और गठबंधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद दूसरे सबसे शक्तिशाली नेता के रूप में उनकी स्वीकार्यता के तौर पर देखा जा रहा है.

 

 

 

मिशन शक्ति’ पर PM मोदी को चुनाव आयोग से राहत मिलती दिख रही है. इस उपलब्धि की जानकारी पूरे देश को देने के लिए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय संबोधन किया था, जिसपर कई राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई थी. लेकिन चुनाव आयोग के सूत्रों की मानें तो इसमें कोई खामी नहीं है यानी इसमें आचार संहिता का उल्लंघन होता नहीं दिख रहा है.

नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया था, उन्होंने ट्वीट कर खुद इसकी जानकारी दी थी. जिसके बाद उन्होंने मिशन शक्ति की घोषणा करते हुए कहा था कि भारत ने अंतरिक्ष में एक मिसाइल सैटेलाइट को मार गिराया है. प्रधानमंत्री के इसी संबोधन पर विपक्ष की कई पार्टियों ने सवाल उठाए थे.

वामदल सीपीएम ने औपचारिक तौर पर चुनाव आयोग से शिकायत भी की थी. इसके बाद चुनाव आयोग ने उप निर्वाचन आयुक्त डॉ सन्दीप सक्सेना कि अगुआई में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था. ये कमेटी पूरे मामले की मीडिया, कानून और आचार संहिता के पहलुओं से जांच कर रही है.

प्रधानमंत्री के 'मिशन शक्ति' संबोधन पर प्रथम दृष्टया चुनाव आयोग को कोई खामी नहीं मिली है. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने न अपनी पार्टी का जिक्र किया और न ही मतदाताओं से इस घटना के हवाले से अपने पक्ष में वोट देने की अपील की है.

हालांकि चुनाव आयोग की कमेटी जांच कर रही है कि सरकारी माध्यम (दूरदर्शन और आकाशवाणी) का उल्लंघन हुआ है क्या? अभी दोनों संस्थानों से चुनाव आयोग ने जवाब मांगा है. चुनाव आयोग की कमेटी के प्रमुख ने कल उम्मीद जताई थी की कमेटी अपनी रिपोर्ट आज शाम तक तैयार कर लेगी.

 

 

 

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