नई दिल्ली(18 मार्च): मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा की गर्लफ्रेड कौन है, इसको लेकर इसको लेकर हमेशा सस्पेंस बना रहता था। लेकिन अब खुद कपिल ने सस्पेंस को खत्म कर दिया है। उन्होंने दुनिया को बता दिया कि वह शादीशुदा हैं।

 

- कपिल ने फेसबुक पर अपनी पत्नी की फोटो शेयर करते हुए लिखा, 'मेरी बीवी से मिलिए.. मैं इन्हें दीपिका से ज्यादा प्यार करता हूं।'

 

- वहीं, इसी फोटो को ट्विटर पर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा है, "मैं उसे अपनी बेटर हाफ तो नहीं कहूंगा लेकिन वह मुझे पूरा करती है.... लव यू गिन्नी.... मैं इससे बहुत प्यार करता हूं।"

 

- ट्विटर पर एक अन्य फोटो में दीपिका को टैग करते हुए लिखा है, " 'दीपू... अब मैं तुम्हें मिस नहीं करूंगा... लव ऑलवेज।"

नई दिल्ली (18 मार्च): अपने कस्टमर्स को लुभाने में जियो कोई कसर नहीं छोड़ रही है। सस्ते ऑफर्स के बाद अब जियो ने जिओ म्यूजिक ऐप में नई अपडेट लॉन्च की है।

 

जिसके बाद से जियो यूजर्स हैलो ट्यून सेट कर सकते हैं। इसका नाम जिओ ट्यून होगा। यह फीचर आईओएस यूजर के लिए लॉन्च किया गया है।

 

जल्दी ही इसे एंड्रॉइड फोन के लिए भी लॉन्च कर दिया जाएगा। आईओएस यूजर इसे म्यूजिक प्लेयर की स्क्रीन पर देख सकते हैं। यहां उन्हें ‘सेट एज़ जिओ ट्यून’ का ऑप्शन दिखाई देगा। यह जियो ट्यून 30 दिन के लिए फ्री है। अगर आप इस सर्विस का यूज नहीं करना चाहते तो इसे अनसब्सक्राइब भी करवा सकते हैं।

 

नई दिल्ली(18 मार्च): राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच द्वारा तीन तलाक के खिलाफ चलाए गए अभियान में करीब 10 लाख मुसलमानों ने हस्ताक्षर किए हैं।

 

-  अभियान को मुस्लिम महिलाओं का भारी समर्थन मिल रहा है।

 

- दरअसल, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी संख्या में मुस्लिम वोट मिलने का दावा किया जा रहा है।

 

- इसके पीछे भाजपा द्वारा उठाए गए तीन तलाक के मुद्दे को बड़ी वजह माना जा रहा है। इस मुद्दे पर भाजपा को मुस्लिम महिलाओं का भरपूर समर्थन मिल रहा है।

 

- हालांकि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस मुद्दे का विरोध करता रहा है। आरएसएस नेता और प्रचारक इंद्रेश कुमार का कहना है कि तीन तलाक के मुद्दे पर राष्ट्रव्यापी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के लिए जरूरी है कि तीन तलाक को खत्म कर एक सुधारवादी कदम उठाया जाए।

 

- ऐसा माना जा रहा है कि महिला सशक्तीकरण के इस युग में मुस्लिम महिलाओं ने अपना हित देखकर भाजपा को विधानसभा चुनावों में वोट दिया है। पिछले कुछ समय से तीन तलाक के मुद्दे को जोर-शोर से उठाकर भाजपा इन महिलाओं की हितैषी बन गई है।

 

- बाद पश्चिम से विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि पार्टी द्वारा शुरू की गई योजनाओं ने महिलाओं को काफी प्रभावित किया है। इसमें उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को गैस सिलेंडर मिले तो स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर-घर शौचालय बनाए गए।

 

- एमआरएम के राष्ट्रीय समन्वयक मोहम्मद अफजल ने हस्ताक्षर अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि देश में बदलाव आ रहा है। महिलाएं अपनी आजादी के प्रति जागरूक हो रही हैं और भाजपा सरकार उनकी दबी हुई आवाज को उठा रही है, इसलिए उसे समर्थन मिल रहा है। कहा कि तीन तलाक और इसी तरह की अन्य सामाजिक बुराइयों को दूर करने की कोशिश की जा रही है।

 

- एमआरएम के अभियान को भारतीय मुस्लिम कांग्रेस लीडर मौलाना अबुल कलाम आजाद के पोते ने भी सराहा। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुसलमानों के हित में सोचते हैं, लेकिन उलेमा मुस्लिम समाज को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। तीन तलाक जैसी सामाजिक बुराइयों को खत्म किया जाना चाहिए।

नई दिल्ली (18 मार्च): त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखंड के अगले मुख्यमंत्री होगें। उत्तराखंड में आज से त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार होगी।

त्रिवेंद्र सिंह आज मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित भाई शाह समेत पार्टी के कई नेता शामिल रहेंगे।

देहरादून में शुक्रवार को हुई बैठक में विधायक दल का नेता चुना गया। उत्तराखंड चुनाव में 70 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस को सिर्फ 11 सीटें मिली थीं। बीजेपी ने 57 सीटों पर जीत का परचम लहराया है।

नई दिल्ली: कैबिनेट ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति को मंजूरी दे दी। नई हेल्थ पॉलिसी के तहत हर किसी को सरकारी इलाज की सुविधा मिलेगी और मरीज को इलाज के लिए मना नहीं किया जा सकेगा।

- पॉलिसी में मरीजों के लिए बीमा का भी प्रावधान है। हालांकि, कैबिनेट नोट में स्वास्थ्य को सूचना अथवा भोजन के अधिकार के तहत 'मौलिक अधिकार' बनाने को लेकर कोई चर्चा नहीं है क्योंकि इसमें कानूनी पचड़े हैं, लेकिन प्रस्ताव में स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने का प्रावधान है।

 

- अब तक की जानकारियों के मुताबिक, इस नीति की 10 अहम बातें इस प्रकार हैं...

  1. अब मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में भी इलाज करवाने की छूट मिलेगी। विशेषज्ञों से इलाज के लिए लोगों को सरकारी या निजी अस्पताल में जाने की छूट होगी। स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत निजी अस्पतालों को ऐसे इलाज के लिए तय रकम दी जाएगी। ऐसे में नए अस्पताल बनाने में लगने वाले धन को सीधे इलाज पर खर्च किया जा सकेगा। इस समय देश में डॉक्टर से दिखाने में 80% और अस्पताल में भर्ती होने के मामले में 60% हिस्सा प्राइवेट सेक्टर का है। लेकिन प्राइवेट सेक्टर में जाने वाले लोगों में अधिकतर को अपनी जेब से ही इसका भुगतान करना होता है।
  2. प्रस्ताव में व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं देने की बात कही गई है। इसके तहत मातृ और शिशु मृत्यु दर घटाने के साथ-साथ देशभर के सरकारी अस्पतालों में दवाइयां और रोंगों की जांच के सभी साधन की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

 

  1. स्वास्थ्य के क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन पर भी जोर दिया जाएगा। प्रमुख बीमारियों को खत्म करने के लिए खास टारगेट तय किया गया है। जहां सरकार अपना ध्यान प्राथमिक चिकित्सा को मजबूत बनाने पर लगाएगी।

 

  1. प्रस्ताव के अनुसार, जिला अस्पताल और इससे ऊपर के अस्पतालों को पूरी तरह सरकारी नियंत्रण से अलग किया जाएगा और इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) प्रॉजेक्ट में प्राइवेट पार्टी को भी शामिल किया जाएगा।

 

  1. इस नीति के तहत व्यापक बदलाव करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का दायरा बढ़ाया गया है। नई नीति के तहत पहली बार जहां जिला अस्पतालों के उन्नयन पर विशेष जोर दिया जाएगा, वहीं कार्यक्रमों को अमली जामा पहनाने की रूपरेखा भी तय की जाएगी।

 

  1. एक अधिकारी ने बताया, 'अभी तक पीएचसी के तहत प्रतिरक्षण, जन्म से पूर्व की जांच और कुछ अन्य जांच ही शामिल थीं। नई नीति की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें वैसे रोगों की जांच भी शामिल होगी जो छूआछूत से पैदा नहीं होतीं।'

 

  1. राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति पिछले दो साल से लंबित थी। इस पॉलिसी के बाद सरकार का लक्ष्य है कि देश के 80% लोगों का इलाज पूरी तरह सरकारी अस्पातल में मुफ्त हो जिसमें दवा, जांच और इलाज शामिल होंगे। पॉलिसी में इंश्योरेंस की भी व्यवस्था की गई है। सभी मरीजों को बीमा का लाभ दिया जाएगा।

 

  1. राज्यों के लिए इस नीति को मानना अनिवार्य नहीं होगा और सरकार की नई नीति एक मॉडल के रूप में उन्हें दे दी जाएगी और इसे लागू करें या नहीं, यह संबंधित राज्य सरकार पर निर्भर करेगी।

 

  1. 2002 के बाद पहली बार देश में हेल्थ पॉलिसी को नए सिरे से पेश किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ओबामाहेल्थ केयर स्कीम से काफी प्रभावित थे और मौजूदा पॉलिसी में उससे कुछ इनपुट लिए गए हैं।

 

  1. पॉलिसी के पास होने के बाद स्वास्थ्य पर खर्चा जीडीपी का 2.5% हो जाएगा और इसके तीन लाख करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। इस समय यह जीडीपी का 1.04% है। सूत्रों के अनुसार, पॉलिसी में हेल्थ टैक्स लगाने का भी प्रस्ताव है।

 

 

नई दिल्ली :भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रांची में खेले जा रहे टेस्‍ट मैच के दोनों दिन ऐसी घटनाएं हुईं कि दर्शक और खिलाड़ी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

मैच के पहले दिन उस समय नाटकीय क्षण आए थे जब टीम इंडिया के विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा ने ऑस्‍ट्रेलिया के कप्‍तान स्‍टीव स्मिथ के खिलाफ अजीबोगरीब अपील की थी।

यह पूरी घटना इस तरह से हुई थी कि विकेट पर मौजूद दोनों बल्‍लेबाज, टीम इंडिया के खिलाड़ी तो ठीक अम्‍पायर भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए थे।

 मैच के दूसरे दिन ऐसी घटना तब सामने आई जब उमेश यादव की गेंद पर ऑस्‍ट्रेलियाई बल्‍लेबाज ग्‍लेन मैक्‍सवेल का बल्‍ला दो हिस्‍सों में टूट गया।

अपनी तेज गेंदबाजी के इस 'कमाल' को देखकर ने बाजू उठाकर अपनी ताकत का अहसास विपक्षी बल्‍लेबाज को करा दिया।

हालांकि पहली ही गेंद पर बल्‍ला टूटने के बाद भी मैक्‍सवेल के बल्‍ले का कहर जारी रहा और उन्‍होंने शतकीय पारी (104 रन )खेलकर ऑस्‍ट्रेलिया का स्‍कोर 450 रन के पार पहुंचाने में कप्‍तान स्मिथ के साथ अहम योगदान दिया।

स्मिथ ने मैच में नाबाद 178 रन बनाए। टीम इंडिया ने शुक्रवार को पहले दिन के स्‍कोर चार विकेट पर 299 रन से आगे खेलना प्रारंभ किया। 

मैच के दूसरे दिन की शुरुआत टीम इंडिया के तेज गेंदबाज उमेश यादव ने धमाकेदार अंदाज में की और पहली ही गेंद पर ग्लेन मैक्सवेल का बल्ला दो हिस्सों में तोड़ दिया।

 यादव की इस गेंद पर मैक्‍सवेल कुछ देर को ठगे से रह गए। आधा बल्‍ला हाथ में लिए उन्‍हें यह सोचने में कुछ वक्‍त लगा कि आखिर हुआ क्‍या है।

यादव भी इस मौके पर मजाक करने से नहीं चूके। उन्‍होंने अपना हाथ उठाकर अपनी ताकत का अहसास करा दिया। मैक्‍सवेल और टीम इंडिया के सहयोगी भी बाद में इस मौके का मजा लेते नजर आए।

यह वाकया जिस समय हुआ उस समय मैक्‍सवेल 82 रन पर नाबाद थे।दूसरे दिन ही एक मौके पर उमेश यादव गेंद फेंकने के तुरंत पहले संतुलन नहीं बना पाए और गिर गए।

 

नई दिल्ली(17 मार्च):  उत्तर प्रदेश का भाजपा विधायक दल का नेता चुनने के लिए पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक 18 मार्च को होनी है।

 

बैठक में पार्टी महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य भूपेन्द्र यादव और केन्द्रीय पर्यवेक्षक के रूप में पार्टी के वरिष्ठ नेता और शहरी विकास मंत्री के. वेंकैया नायडु मौजूद रहेंगे। और इसके साथ ही शपथग्रहण समारोह 19 मार्च को होना है ।

 

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित बड़ी संख्या में देश के प्रमुख नेता एवं गणमान्य लोग भी रहेंगे।

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम पर अभी सस्पेंस बरकरार है लेकिन सूत्रों के अनुसार गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा में से कोई एक ही मुख्यमंत्री चुने जाने वाले हैं ।

 

नई दिल्ली: दिल्‍ली के एक उबर ड्राइवर की सोशल मीडिया पर आजकल काफी चर्चा है। अब आप सोच रहे होंगे कि इसमें  दिल्‍ली में तो बहुत से उबर ड्राइवर हैं क्‍या खास है?

 

दरअसल ये उबर ड्राइवर एक महिला है। जिनका नाम है शन्‍नो बेगम। शन्‍नो बेगम दिल्‍ली में उबर टैक्‍सी सर्विस की पहली महिला ड्राइवर हैं। शन्‍नो ज्‍यादा पढ़ी-लिखी नहीं हैं, इसलिए अपने पति की मौत के बाद उन्‍होंने ड्राइवरी सीखी  थी इसे अपना पेशा बनाया।

शन्नो बेगम  के तीन बच्‍चे हैं। शन्नो बेगम  का कहना है की जब उन्‍होंने इसे पेशे के तौर पर अपनाया तो उन्‍हें काफी सवालों का सामना करना पड़ रहा था । पर उन्होंने अपने बच्‍चों के पालन-पोषण के लिए वही किया जो उन्‍हें सही लगा।

 

असल जिंदगी में है काफी मददगार

शन्‍नो बताती कहना हैं कि आजाद फाउंडेशन नाम के एक एनजीओ ने उनकी काफी मदद की। उनकी मदद से शन्‍नो ने ड्राइविंग भी सीखी। उन्‍होंने पहले दो साल मेहनत करके 10वीं पास की और फिर ड्राइविंग में करियर बनाया।

 

शन्‍नो की कहानी कराती है कठिनाइयों से रूबरू

पति के गुजरने के बाद उन्होंने सबसे पहले सब्‍जी बेचने का काम किया पर जो आमदनी होती थी उससे बच्‍चों को पालना मुश्किल होने लगा। फिर वो एक अस्‍पताल में काम करने लगी लेकिन वहां से भी आमदनी इतनी नहीं हुई कि वे बच्‍चों को पढ़ा सकें तो उसने घरों में खाना पकाने का काम शुरू किया। जिससे से वे 6 हजार रुपए प्रतिमाह कमा लेती थीं लेकिन यह भी उनके लिए काफी नहीं था।

“लीड इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन” (लीपा) के अध्यक्ष सुभाष सिंह ने मीडिया की विश्वसनीयत पर हो रहे हमलों की घोर निन्दा करते हुए कहा है कि मीडिया की छवि को ध्वस्त करने का काम बड़े सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय मीडिया, क्षेत्रिय मीडिया, टीवी मीडिया एवं वेब मीडिया से इन सुनियोजित हमलों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।

 उन्होंने कहा कि भारत में मीडिया को निशाना बनाने का एक नया चलन शुरू हुआ है। मीडिया पर सीधा प्रहार किया जा रहा है। पत्रकार का काम है जनता के लिये सवाल पूछना। सवालों से बचने के लिये पत्रकारिता को खरीदने और उसके मुंह पर लगाम लगाने के प्रयास नई बात नहीं है। लेकिन वर्तमान में यह नया प्रयोग हो रहा है। मीडिया की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगाने का प्रयोग।

 हाल ही में आसाराम की प्रवक्ता नीलम दुबे ने टीवी पत्रकार दीपक चौरसिया को दलाल पत्रकार कह दिया और एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा के नेता कैलाश विजयवर्गीय ने संयम खोते हुए टाइम्स नाऊ के टीवी एंकर व एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी को पत्रकारिता की हैसियत समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि तुम्हारी हैसियत नहीं कि मेरे पांच वोट भी काट सको। ये मीडिया की छवि पर सीधा हमला है।

 कुछ लोगों की रणनीति है कि जब मीडिया कोई मामला उठाये तो उसे गम्भीरता से लिया ही ना जाये। कॉर्पोरेट और पॉलीटिशियन वर्ग के कुछ लोग चाहते हैं कि जनता का विश्वास मीडिया से उठ जाये। क्योंकि मीडिया ही ऐसा माध्यम है जहां जनता की आवाज को बल मिलता है।

 मीडिया घोटालों को उजागर करने का काम शुरू से ही करता आ रहा है बीते कुछ समय से मीडिया ने भ्रष्टाचार के खिलाफ काफी मुखर प्रतिक्रिया दी है। 2जी, कोयला, कॉमनवेल्थ जैसे जल,थल और नभ में हुए बड़े घोटाले मीडिया की बदौलत ही उजागर हुये।

 श्री सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर भी अभिव्यक्ति के नाम पर पत्रकारों को दलाल साबित करने की कोशिश की जा रही है। दीपक चौरसिया हों या अर्णब गोस्वामी हर पत्रकार की अलग-अलग शैली होती है जिसमें वो जनता के लिये सवाल पूछता है उसका मकसद अपने हित को साधना नहीं होता।

 श्री सुभाष सिंह ने कहा कि कभी राजदीप सरदेसाई, कभी आशुतोष, कभी ओम थानवी के खिलाफ सीधे अभद्र शब्दों का प्रयोग किया जाता है कभी पत्रकारों पर जानलेवा हमले होते हैं। उत्तर प्रदेश में हाल ही में कल्पतरू अखबार के पत्रकार पर जानलेवा हमला हुआ।

 17 जुलाई को मध्य प्रदेश के उमेरिया में माईनिंग माफिया के खिलाफ लगातार खबर छापने के लिये पत्रकार चन्द्रिका राय की उनके परिवार समेत हत्या कर दी गई। उन्होंने राष्ट्रीय मीडिया, क्षेत्रिय मीडिया, टीवी मीडिया से इन हमलों के खिलाफ एक मंच पर आने का आह्वान किया।

 सुभाष सिंह ने कहा कि सरकार से मांग करते हुए कहा कि “लीड इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन” चाहती है कि सरकार मीडिया कर्मियों की सुरक्षा के लिये कड़े कानून बनाये। अगर कोई भी मीडिया को उसका उत्तरदायित्व को निभाने से रोकता है या उसे कमजोर करने का प्रयास करता है तो उनके खिलाफ इस तरह कार्यवाई के प्रावधान होने चाहिये जैसे आईपीसी में सरकारी कामकाज में बाधा उत्पन्न करने वालो के खिलाफ होता है।

 श्री सुभाष सिंह ‘लीड इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। ’लीड इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन’ (लीपा) मीडिया के हित में काम करने वाली ऐसी संस्था है जो अपनी विश्वसनीयता के लिए प्रसिद्ध है। देश भर के 2200 मीडिया संस्थान सदस्य के रूप में जुड़े है। यह संस्था मूलतः क्षेत्रीय अखबारों का प्रतिनिधित्व करती है।

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