अब सरे आम थूकना पड़ सकता है भारी

25 March 2017
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नई दिल्ली (25 दिसंबर): लोकसभा में  सार्वजनिक जगहों पर थूकने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग की गई।

भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने विश्व टीबी दिवस के बहाने थूकने की प्रवृत्ति पर चर्चा की। इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए कठोर कानून की मांग का सदन में उपस्थित सभी दलों के सांसदों ने समर्थन किया।

लेखी ने शून्यकाल के दौरान कहा कि एनडीएमसी में थूकने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के कई प्रयास किए, लेकिन स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय बनाने सहित अन्य प्रावधानों का समर्थन करने वाली मीडिया ने इस मामले में उनका साथ नहीं दिया। लेखी ने कहा कि टीबी का वायरस भी थूक के माध्यम से सबसे अधिक फैलता है।

ऐसे में देश के लिए अब तक महामारी बने रहने वाली टीबी के समूल नाश के लिए सार्वजनिक जगहों पर थूकने के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाना जरूरी है। लेखी ने इस दौरान एड्स सहित कई अन्य बीमारियों से निपटने के मामले में आर्थिक मदद देने वाले नाको सहित कई अन्य एजेंसियों पर भी सवाल खड़ा किया।

 

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