लखनऊ(25 मार्च): योगी आदित्यनाथ यूपी का सीएम बनने के बाद पहली बार गोरखपुर पहुंच रहे हैं। सीएम योगी दो दिन गोरखपुर में रहेंगे। योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से पांच बार के सांसद हैं। योगी आदित्यनाथ के  आगमन को लेकर गोरखपुर सज चुका है। जगह-जगह उनके स्वागत के लिए तस्वीरें लगाई गई हैं।

 

क्या क्या होगा गोरखपुर में ख़ास

  1. योगी आदित्यनाथ एयरपोर्ट से काली मंदिर तक रोड शो करने वाले हैं।
  1. जीडीए ऑडिटोरियम में गोरखपुर डिवीजन के आला अफसरों के साथ मीटिंग करने वाले हैं।
  1. गोरक्षपीठ के जरूरी कामकाज भी देखेंगे, योगी वहां के महंत हैं।
  1. शनिवार शाम शहर के एमपी इंटर कॉलेज में एक वेलकम सेरेमनी में भी शिरकत करेंगे।
  1. सीएम योगी के गोरखपुर पहुंचने पर राज्य में बीजेपी के कई बड़े नेता भी उनसे मुलाकात करेंगे।
  1. बीजेपी दफ्तर में वे गोरखपुर डिवीजन के सभी सांसद, एमएलए, एमएलसी, जिला पंचायत मेंबर्स, डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज से भी मिलेंगे। सीएम से मिलने के लिए लोगों को सुरक्षा के 5 बैरियर्स से गुजरना होगा।
  1. सीएम के वेलकम के लिए पूरा शहर भगवा रंग में रंग गया है। योगी जिस रूट से गुजरेंगे, वहां होर्डिंग, बैनर और भगवा झंडे लगाए गए हैं। जगह-जगह तोरणद्वार बनाए गए हैं।
  1. मंदिर कैम्पस के दुकानदारों ने पूरे मंदिर को गुब्बारों और फूल से सजाया है। मंदिर के मेन गेट को गेंदा फूल की 800 लड़ियों से सजाया गया है।
  1. सीएम बनने के बाद पहली बार योगी अयोध्या भी जाएंगे। सोमवार को अयोध्या जाएंगे।

 

नई दिल्ली(23 मार्च): पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने कहा है कि पाक कश्मीर समेत सभी मुद्दों पर भारत से बातचीत के लिए तैयार है।

 ममनून हुसैन ने गुरुवार को इस्लामाबाद में रिपब्लिक डे पर अनुअल मिलिट्री परेड की सलामी ली। इस दौरान उन्होंने अपनी स्पीच में भारत को बातचीत का ऑफर दिया।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक पाकिस्तान की रिपब्लिक डे परेड में चीन की आर्मी ने भी हिस्सा लिया। इसके जरिए दोनों देशों ने अपनी मजबूत दोस्ती का प्रदर्शन किया।

रिपब्लिक डे परेड में पाकिस्तान ने अपने न्यूक्लियर कैपेबल वेपंस, टैंक, जेट और अन्य हथियारों का प्रदर्शन किया।

राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने इस मौके पर स्टेडियम में मौजूद ऑडियंस के सामने कहा, "चीन की आर्मी ने पहले कभी किसी दूसरे देश के ऐसे किसी इवेंट में हिस्सा नहीं लिया।"

राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने इस मौके पर भारत पर सीजफायर वॉयलेशन का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "भारत ने कश्मीर के विवादित हिमालयी क्षेत्र में सीजफायर वॉयलेशन कर शांति को खतरे में डाला जो दोनों देशों के बीच विभाजित है और 2 युद्धों की वजह भी रहा है।"

शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक ममनून हुसैन ने कहा, "भारत की गैरजिम्मेदाराना हरकत और सीजफायर वॉयलेशन पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए खतरा है।"

 हालांकि हुसैन ने यह भी कहा, " पाकिस्तान कश्मीर विवाद को हल करने के लिए भारत के साथ यूएन रिजोल्यूशंस के तहत बातचीत को तैयार है।"

 ममनून हुसैन ने कहा, "पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए उन्हें मॉरल, पॉलिटिकल और डिप्लोमैटिक सपोर्ट देता रहेगा।" हुसैन ने कश्मीर विवाद के पीसफुली सॉल्युशन के लिए इंटरनेशनल कम्युनिटी से अहम रोल अदा करने की भी अपील की।

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान ने किसी देश के खिलाफ कोई आक्रामक रुख नहीं अपनाया है, लेकिन रीजनल पीस और स्टेबिलिटी के लिए कुछ कदम जरूर उठाए हैं।"

 

 

लीड इंडिया की राजनीतिक खबरें बुराड़ी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेंगी क्योंकि हमारी खबरों के माध्यम से जनता सीधे अपने जन प्रतिनिधियों से जुड़ेगी।

राजनीति हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है भले ही हमें लगता हो कि हमारा उनसे सम्बन्ध नहीं है मगर हम देश के प्रधानमंत्री से भी जुड़े हैं और अपने मुख्य मंत्री से भी। हमारे अखबार राजनीति की बड़ी-बड़ी खबरों से भरे रह्ते हैं, पीम कहां गये, किस देश से क्या समझौता हुआ, उत्तर प्रदेश में चुनाव की हलचल वगैरह-वगैरह। मगर हमारे क्षेत्र के सांसद, विधायक और पार्षद जिनसे हमारा सबसे करीबी नाता है उनकी खबरें अखबारों से नदारद होती हैं।

अगर आप चाहो भी तो आपको नहीं पता होता कि आपके सांसद, विधायक कहां हैं क्या कर रहे हैं। आपके जनप्रतिनिधियों ने आपके इलाके में साफ सफाई, बिजली, पानी, सड़क का कब निरीक्षण किया ये सब खबरें अखबारों में देखने को नहीं मिलती। 5 साल में हमारा उनसे पूरा वास्ता होते हुए भी हम उनसे अपरिचित की तरह रहते हैं, जबकि हम ही उन्हें चुन कर भेजते हैं।

  • जनप्रतिनिधियों की हर खबर पर होगी नजर
  • अपने संसदीय क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से सीधे जोड़ेगा लीड इंडिया
  • 5 सालों का रिश्ता याद दिलाते रहेंगे हम
  • लीड इंडिया बतायेगा विकास निधि कहां खर्च हुई कौन सी स्कीम हुई लागू

लीड इंडिया अपनी राजनीतिक खबरों को इस एंगल से कवर करेगा कि हमारे सबसे करीबी जनप्रतिनिधि क्षेत्र के निवासियो की सीधे पहुंच में रहेंगे और जनता को उनकी हर जानकारी मिलेगी। हमारी खबरें जन प्रतिनिधियों को बताएंगी कि बुराड़ी के किस इलाके में कहां गन्दगी का अंबार है, कहां नागरिक साफ पानी के लिये तरस रहे हैं, कहां शराब के ठेके ने लोगो का अमन-चैन खराब किया हुआ है। ये सभी समस्याएं हमारे अखबार की बड़ी खबर होंगी। हमारी लगातार नजर बनी रहेगी कि खबर छपने के बाद उस खबर पर क्या कार्यवाही हुई।

यही नहीं हम इस पर भी लगातार कवरेज देंगे कि आखिर हमारे जनप्रतिनिधियों की विकास निधि कहां खर्च हुई, कौन सी स्कीम लागू हुई और कौन सी स्कीम किस लेवल पर पहुंच चुकी है। इन खबरों से जनता जागरूक रहेगी।

लीड इंडिया जनप्रतिनिधियों के अच्छे कामों को भी जनता के बीच प्रमुखता से ले जाएगा। जैसे यदि हमारे क्षेत्र के सांसद, विधायक या कोई पार्षद लीक से हट कर जनता के हित में कोई नया काम करते हैं या कोई अच्छा कदम उठाते हैं तो वो भी हमारे खबर का मुख्य हिस्सा होगा। इससे फायदा यह होगा कि जो जनप्रतिनिधि अच्छा काम कर रहे हैं उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधियों को इस तरह के काम करने की प्रेरणा मिलेगी। कुल मिलाकर लीड इंडिया का उद्देश्य यानि हर खबर जनता के फायदे लिये खुद ब खुद पूरा होगा।

लीड इंडिया का एक अन्य मुख्य आकर्षण होगा जिससे क्षेत्र के चुने हुए जनप्रतिनिधियों को भी सीधे लाभ होगा। लीड इंडिया जन प्रतिनिधियों को बताएगा कि उनके विषय में स्थानीय लोगों मे क्या राय बन रही है।

कुल मिलाकर हमारी खबरे जनता और जन प्रतिनिधियों में एक संवाद सेतु कायम कर देंगी। जन प्रतिनिधियों को जनता की राय और परेशानियां अपने खास लोगो के बजाए सीधे जनता से पता चलेंगी जो उन्हें सुधार का मौका देंगी। हमें यकीन है लीड इंडिया की खबरें बुराड़ी के विकास की नई तस्वीर खींचेंगी।

यदि समस्या सरकारी विभागों, थाने अस्पतालों इत्यादि से हो तो लीड इंडिया आपकी समस्याओं को प्रमुखता से कवर करेगा।

कैसा हो यदि एक अखबार आपको आमंत्रण दे कि आइये अपनी समस्या हमसे साझा किजिये? कैसा हो जब आपकी परेशानी में आपके साथ एक अखबार कन्धे से कन्धा मिलाकर खड़ा हो? निश्चित ही आपकी शक्ती बढ़ जाएगी। थाना हो, अस्पताल हो, कचहरी हो या कोई भी सरकारी विभाग आपके क्षेत्र में आपकी मजबूत आवाज बनेगा ‘लीड इंडिया’।

ना चाहते हुए भी एक आम आदमी को कई तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ता है। यदि समस्या आपकी व्यक्तिगत हो तो आप चाहे जैसे मर्जी उसे सुलझा लेते हैं लेकिन यदि समस्या सरकारी विभागों, थाने, अस्पताल से हो तो उस समय आप असहाय हो जाते हैं। और ऐसे समय पर आपको सरकारी विभागों, थानों अस्पतालों द्वारा कई ऐसे नये नियम कायदे बताये जाते हैं जिनको आपने कभी सुना ही नहीं और आप उन नियम कायदों में उलझ कर रह जाते हैं और कुछ चक्कर लगाने के बाद थक हार कर वापस बैठ जाते हैं।

  • थाना, कचहरी, अस्पताल, सरकारी विभागों में बनेगा आपकी आवाज़
  • सिटिजन चार्टर लागू होने के बावजूद समय पर नहीं होता काम

लेकिन ‘लीड इंडिया’ आपको असहाय नहीं रहने देगा और आपकी इन्हीं समस्यायों को प्रमुखता से कवर करेगा। मान लीजिये कि आपने अपना राशन कार्ड बनने के लिये आवेदन किया है और कई बार विभाग के चक्कर काटकर भी आपका काम नहीं हुआ, तो उदाहरण के लिये ‘लीड इंडिया’ की हैड लाइन होगी “दो महीने से चक्कर काट रहे सुशांत को अब तक नहीं मिला राशन कार्ड”

दिल्ली में लागू सिटिजन चार्टर के मुताबिक हर विभाग को जनता के कार्य तय समय सीमा में करने होते हैं, ऐसे में ‘लीड इंडिया’ के रिपोटर्स संबन्धित विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल करेंगे। और निश्चित रूप से ही अगर आपकी खबर “लीड इंडिया’ में छप जाएगी तो उसका समाधान अवश्य होगा।

देश दुनिया की बाद में पहले आपकी खबर आपको देगा लीड इंडिया।

पूरे भारत में 1 लाख से ऊपर अखबार हैं और आपके अपने क्षेत्र बुराड़ी में 68, और बुराड़ी से सटे तिमारपुर में 57, फिर भी आपको आपकी खबरें नहीं मिलती और समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। इसी कमी को दूर करने के लिये लीड इंडिया आपके क्षेत्र में आ रहा है।

टीवी, अखबार, इंटरनेट, मोबाइल के माध्यम से तेजी से फैलने वाली खबरों में हमें ये तो पता है कि देश में क्या हो रहा है, दुनिया में क्या हो रहा है, हमारे प्रधानमंत्री कहां है क्या कर रहे हैं, मगर आपके क्षेत्र के जनप्रतिनिधि आपके लिये किन योजनाओं पर काम कर रहे हैं, कहां हैं इसकी खबर आपको नहीं मिलती।

  • आपको मिलेंगी अपने पड़ोस की खबरें भी
  • आपसे जुड़ी खबरे होंगी लीड इंडिया की प्राथमिकता
  • आपकी हर तकलीफ में साथ खड़ा होगा लीड इंडिया
  • अन्दर के पन्नो पर पढ़े लीड इंडिया अखबार का पूरा कॉन्सेप्ट

आपको गंगा की सफाई की खबरें मिलती हैं मगर अपने पड़ोस के नाले की सफाई की खबरें नहीं मिलतीं, आपको देश में घटने वाली आपराधिक घटनाओं की जानकारी तो मिलती है लेकिन पड़ोस के अपराध और थाने की खबरें नहीं मिलती। देश में योजनाओं की शुरूआत होती है तो आपको उनकी जानकारी मिल जाती है मगर आपके क्षेत्र में जब उन योजनाओं को अमली जामा पहनाया जाता है, जिससे आपका सीधा लाभ जुड़ा होता है, तब उसकी जानकारी आपको नहीं मिलती। आपको सरकार की देश को रोशन करने की बिजली योजना की खबर तो मिलती है मगर अपने इलाके में कितने घर अन्धेरे में हैं, और क्यों हैं, इसकी खबर नहीं मिलती।

ये खबरें आपकी जिन्दगी को सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं, फिर भी इनको अखबारों में कोई जगह नहीं मिल पाती। क्योंकि अखबार पूरे देश की खबरों को कवर करने में लगे हैं जिससे ना तो वो देश की खबर को ठीक से कर पाते हैं और ना ही एक क्षेत्र की खबरों को। लीड इंडिया का मानना है कि नेशनल खबरों के साथ-साथ आपकी अपनी खबरों का भी बड़ा महत्व है। एक अखबार यदि एक क्षेत्र की समस्याओं को सिलसिलेवार तरीके से उठाये तो सरकार या संबंधित विभाग उस समस्या को गम्भीरता से लेते हुए समाधान करने के लिये मजबूर होंगे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमने लीड इंडिया अखबार की संकल्पना की। लीड इंडिया बुराड़ी विधानसभा की हर छोटी बड़ी खबर को कवर करेगा और प्रकाशित करेगा। इसमें आप बुराड़ी की राजनीति, शिक्षा, संस्कृति, बुराड़ी के प्रसिद्ध लोग, बुराड़ी के कलाकार, व्यापार, समस्याएं, अपराध आदि की खबरों को विस्तार से पढ़ सकेंगे। यह अखबार पूरी तरह बुराड़ी पर फोकस होगा और बुराड़ी समस्याओं से निपटने के लिये एक माध्यम होगा। (दिल्ली बुराड़ी)

हम सभी अपने क्षेत्र में किसी ना किसी समस्या का सामना करना पड़ता है, जैसे बिजली, पानी, नाली टूटी, सड़क या रिश्वतखोरी। ऐसी कई खबरें होती हैं जिन्हें आप मीडिया में देना चाहते हैं। कई ऐसे लोग होते हैं जो पेशे से कुछ भी लेकिन उनमें कहीं ना कहीं एक पत्रकार छुपा होता है। लीड इंडिया आपके भीतर छुपे पत्रकार को बाहर आने का मौका देगा। यदि आपके पास कोई भी खबर है जिसे आप जब हित में देना चाहते हैं तो नि:संकोच आप भी बन जाइये रिपोर्टर और दीजिये अपने क्षेत्र की एक्सक्लुसिव खबरें। ये खबरें यदि आप चाहेगे तो आपके नाम से प्रकाशित होंगी यदि आप अपनी पहचान गुप्त रखना चाहें तो नाम नहीं प्रकाशित किया जाएगा।

लीड इंडिया सिटिज़न रिपोर्टर आप को यह पावर दे रहा है कि आप खुद बदलाव हिस्सा बनकर अपनी समस्या का हल कर सकते है।

ऐसे बने रिपोर्टर

भेंजे ऑडियो विडियो या फोटो- आप अपने आस पास हो रहे भ्रष्टाचार को ऑडियो, विडियो या पोटो के जरिये सामने ला सकते है कही भी कुछ गलत देखे तो उसकी क्लिप बनाकर हमें हमारे हेल्प लाइन नम्बर 9899744568 पर वाट्सएप करें। आप सामान्य खबरें भी ऑडियो, वीडियो या फोटो के माध्यम से भे सकते हैं।

तरूणा एस. गौड़

साल 2006 में एक कार्यक्रम में जब लीड इंडिया के एडिटर-इन-चीफ श्री सुभाष सिंह की मिसाइलमैन डॉ कलाम से मुलाकात हुई तो सोचा नहीं था कि उनसे इतना गहरा रिश्ता जुड़ जाएगा। उनके एक सवाल के जवाब में डॉ कलाम ने मीडिया से अपनी उम्मीद दोहराई जिसे वो पहले भी कई मौको पर कह चुके थे। वो मीडिया से उम्मीद करते थे कि मीडिया सकारात्मक खबरों को वरीयता दे और लोगो के काम आये।

इस बात से प्रेरित होकर लीड इंडिया ग्रुप के चेयमैन एंड एडिटर इन चीफ श्री सुभाष सिंह ने डॉ कलाम साहब के संरक्षण में लीड इंडिया अखबार को रजिस्टर्ड कराया और कुछ ही सालों में यह एक स्थापित अखबार बना। कुछ ही वर्षो के बाद लीड इंडिया ने रीजनल अखबारों को मजबूत करने के लिये एक संगठन “लीड इंडिया पब्लिशर्स ऐसोसिएशन (लीपा)” की स्थापना की।

लीड इंडिया की टीम ऐसोसिएशन और लीड इंडिया अखबार के माध्यम से अखबारों और जनता की समस्याओं का नजदीक से अध्ययन कर रही थी अक्सर मीडिया की दशा से चिंतित होकर हम इन विषयों पर डॉ कलाम साहब से चर्चा करते, कभी पत्रों के माध्यम से कभी मुलाकात करके। कलाम साहब अपने सहज और सरल अन्दाज में बहुत महत्वपूर्ण सलाह देते थे जो हमारे लिये हमेशा मार्गदर्शक साबित हुईं।

डॉ कलाम अक्सर कहते थे दिन प्रतिदिन संचार माध्यमों और मीडिया का विकास हो रहा है फिर भी देश के केवल 2% लोगो की समस्याएं ही मीडिया के माध्यम से सामने आ पातीं हैं। ज्यादातर समस्याएं जो सामने आती हैं वो राष्ट्रीय मुद्दो से जुड़ी होती है अथवा किसी मुद्दे की सूचना मात्र भर होती हैं, ऐसे में मीडिया का क्षेत्रीय स्तर पर विकास होना बेहद जरूरी है।

वर्ष 2015 में हैदराबाद में डॉ कलाम लीड इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन (लीपा) की सालाना बैठक में इसी विषय पर संबोधन करने वाले थे। मगर बैठक से एक महीना पहले 27 जुलाई 2015 को ही उनका निधन हो गया। लीड इंडिया ग्रुप ने उसी सालाना बैठक में उनके आखिरी संबोधन को मूर्त रूप देने का निर्णय किया और एक ऐसे अखबार की रूप रेखा तैयार की जो कलाम साहब की इच्छा को पूरा करता हो। इस तरह लीड इंडिया के बुराड़ी प्रोजेक्ट का जन्म हुआ। इस अखबार का एक ही विजन है कि इस अखबार के माध्यम से बुराड़ी की जनता की सेवा हो सके उनकी समस्याओं को उठाया जा सके। बाद में इसी पैटर्न पर सभी विधानसभाओं में लीड इंडिया के अलग एडिशंस की शुरूआत की जाएगी।

हर एक चीज की शुरूआत एक सपने से होती है और सपना तब सपना नहीं रह जाता जब उसे हकीकत में बदल देने का दृढ विश्वास हो। आज से कई साल पहले एक व्यक्ति ने सपना देखा कि वह हजारों मील दूर बैठे एक व्यक्ति से वैसे ही बात करेगा जैसे वह उस व्यक्ति से सामने बैठ कर बात कर रहा हो। ऐसे ही किसी ने सपना देखा कि एक दिन आसमान में आराम से उड़ेगा, ये सभी सपने थे। इन सपनों को जब उन्होंने अपने आस-पास के लोगो को बताया, तो लोगों ने उनका मजाक उड़ाया, लेकिन वो गलत नहीं थे, उन्होंने खुद को साबित किया। एक ने टेलीफोन का अविष्कार किया तो दूसरे ने हवाई जहाज का।

लीड इंडिया ने भी एक सपना देखा है लेकिन सपने की बात बाद में पहले हकीकत की। जब हमने गाँवों से भी बदतर रोड के हालात देखे, जहाँ बुलेट ट्रेन की बात हो रही हो वहां एक किलोमीटर का सफ़र तय करने में धूल फांकते हुए घंटों लग जाएँ, जहाँ चमचमाती रोशनी के बीच हजारों घर अँधेरे में डूबे रहने को मजबूर हैं, जहाँ पीने के लिए पानी नहीं है, जहाँ बच्चों बुजुर्गों के लिए कोई पार्क नहीं है, जहाँ कोई सरकारी अस्पताल नहीं, जहाँ गरीब की कोई आवाज़ नहीं, अगर है तो सिर्फ मनमानी और अव्यवस्था। क्या ऐसी भयंकर स्थिती देश के किसी कोने में है या किसी नेक्स्लाईट एरिया में जहाँ आज भी बुनियादी सुविधाएँ नहीं पहुंच पायी हैं।

नहीं, ऐसी स्थिति देश की राजधानी दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र की है। ऐसा नहीं है कि केवल बुराड़ी क्षेत्र ही पिछड़ा हुआ है बल्कि दिल्ली में कई ऐसे क्षेत्र है जहाँ रहने वालों की दशा बहुत दयनीय है। परन्तु यहाँ का निवासी होने की वजह से बुराड़ी क्षेत्र से ज्यादा परिचित हूँ। कुछ महीनो पहले जब लीड इंडिया की टीम ने बुराड़ी क्षेत्र का सर्वे किया तो कई ऐसे बुजुर्ग और महिलाएं मिली जो गंभीर बीमारी के शिकार है, उनके घरों के ऊपर से हाई वोल्टेज बिजली के तार गुजर रहे है लेकिन उनके घरों में बिजली नहीं है, बच्चे पढ़ नहीं पाते, महिलाएं काम नहीं कर पातीं क्योंकि बिजली विभाग की मनमानी है और उनकी आवाज़ उठाने का कोई माध्यम नहीं है।

हमारे सर्वे में स्कूल जाने वाली कई बच्चियों और महिलाओं ने कहा इस क्षेत्र की मुख्य सड़कें शाम के वक़्त अँधेरे में डूब जाती क्योंकि सड़कों पर लाईट की व्यवस्था नहीं है जिससे उन्हें शाम के वक्त घर से बाहर जाने में असुरक्षा महसूस होती है। आखिर इस चीज की शिकायत किससे करें, जनप्रतिनिधि बिजली विभाग पर टाल देते हैं, थाना कुछ कर नहीं सकता, इसलिये कोई और रास्ता है नहीं, है सिवाय चुप रहने के। तब खटकता है काश कोई अखबार होता जो इन मुद्दों को उठाता। 

हमें ऐसे कई मुद्दे मिले जहाँ आम आदमी या तो घुट घुट कर संघर्ष कर रहा है या अपनी हार मानकर खामोश है। इसलिये लीड इंडिया टीम ने अपने संरक्षक व मार्गदर्शक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को साक्षी मानकर अपने वीकली एडिशन की शुरुआत बुराड़ी विधान सभा से करने का निश्चय किया है ताकि अब किसी की आवाज़ इस क्षेत्र में न दबे, ताकि इस क्षेत्र में भ्रष्टाचार या मनमानी को रेड कारपेट के नीचे न दबाया जा सके, ताकि आम आदमी के लिए आये हक के पैसे व अवसर को किसी खास को ना पहुंचाया जा सके।

क्योंकि अब लीड इंडिया जरुर बोलेगा और डंके की चोट पर बोलेगा। इसलिए हम कहते है देश दुनिया की खबरें बाद में पहले आप हमारी प्राथमिकता होंगे।

परन्तु कुछ वास्तविकता से भी आपको रूबरू करना जरुरी है। अखबार सशक्त रूप से चले और हमेशा निष्पक्ष रहे, किसी के साथ सांठगांठ न करे, किसी के रहमो करम पर आश्रित ना हो, अखबार सच को सामने लाने से डरे नहीं और किसी भी बाहुबल के आगे झुके नहीं, तभी जाकर ऐसा अखबार आपकी सशक्त आवाज़ बन सकता है और उसमें आपकी सहभागिता बहुत जरूरी है।

परंतु यह होगा कैसे? किसी भी अखबार का मुख्य आय का स्रोत विज्ञापन होता है लेकिन लीड इंडिया ने विज्ञापन की परवाह किये बगैर एक ऐसी जगह से इस एडिशन की शुरूआत की है जो इंडस्ट्रियल एरिया नहीं है। जहाँ विज्ञापन मिलने की कम सम्भावना है। इसलिए इस अखबार को भगवान भरोसे न छोड़ें बल्कि इसे अपना अखबार समझें, अपनी आवाज़ समझे जो किसी के आगे झुके नहीं, दबे नहीं। यदि इस अखबार का आप ज्यादा से ज्यादा वार्षिक सब्सक्रिप्शन करें अथवा खरीद कर पढ़ें तो अखबार की निर्भरता विज्ञापन पर कम होगी। आप से यह भी आग्रह है कि आप हमारी गलतियों के लिये आलोचना करें, अच्छाई के लिये प्रशंसा भी अवश्य करें। 

अंत में आपसे कहना चाहूँगा कि लीड इंडिया की टीम ने यह सपना देखा है कि बुराड़ी का यह लीड इंडिया एडिशन केवल अखबार ना हो बल्कि बुराड़ी के लिए एक विजन हो जिसका मकसद बुराड़ी को श्रेष्ठ विधानसभा में तब्दील करना है, वैसे ही जैसे किसी के प्रयास से कोइ गाँव अत्यंत आधुनिक बन जाता है, और किसी मैट्रिक पास अन्ना की वजह से कोइ गाँव रालेगण सिद्धी बन जाता है। 

"इस क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानी राधेश्याम त्यागी और शांति स्वरूप त्यागी को लीड इंडिया का नमन"

आपको जानकर अच्छा लगेगा कि बुराड़ी आज भले ही समस्याग्रस्त क्षेत्र है लेकिन इतिहास में इसका महत्वपूर्ण स्थान रहा है। क्या आपको पता है कि बुराड़ी की धरती ने देश को राधेश्याम त्यागी और शांति स्वरूप त्यागी, दो स्वतंत्रता सेनानी दिये। इतना ही नहीं महाभारत काल में महान धनुर्धर अर्जुन ने बुराड़ी में ही शिव की उपासना की थी।

इसके नाम की तो और भी रोचक कथा है। महाभारत काल में आज के बुराड़ी में भगवान श्री कृष्ण आये थे और इस जगह का नाम मुरारी पड़ा। लेकिन कालांतर में यह नाम मुरारी से बुराड़ी हो गया। और बुराड़ी ने भी अपने गौरवशाली इतिहास को खंगालने की कोशिश नहीं की। लीड इंडिया का गुड न्यूज़ सेक्शन उसी गौरवशाली इतिहास से पर्दा हटाने का एक छोटा सा प्रयास है, जिसे आने वाले अंक में विस्तार से प्रकाशित किया जाएगा

 

नई दिल्ली(23 मार्च): सीएम योगी आदित्यनाथ राज्य में महिला-सुरक्षा के मामले में कोई कोताही नहीं बरतते दिखाई दे रहे। दबंगों से छेड़खानी की शिकार महिलाओं के परिजनों ने उन्हें ट्वीट किया तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई के आदेश देते देर नहीं लगाई।

 पुलिस ने बताया कि घटना होली के दिन की है, जब कुछ स्थानीय युवक नशे में धुत होकर कल्याणपुर इलाके के एक घर में घुसे और एक महिला और उसकी बेटियों के साथ छेड़छाड़ करने लगे। महिला के पति ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट करने लगे।

महिला का पति कल्याणपुर थाने पहुंचा, पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली। हालांकि शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले की जांच को लेकर पुलिस का रवैया ढीला रहा। पुलिस की ढिलाई को देखते हुए उन्होंने डीजीपी और सीएम कार्यालय को ट्वीट कर मदद की गुहार लगाई।

इसके बाद पुलिस हरकत में आई। एसपी सचिंद्र पटेल ने बताया कि लखनऊ से डीजीपी ने कॉल कर मामले में तुरंत रिपोर्ट सौंपने को कहा। उन्होंने बताया कि वह खुद परिवार से मिले और मेडिकल जांच की व्यवस्था करवाई गई। उन्होंने यह भी बताया कि पहले तो आरोपियों के खिलाफ मारपीट और गालीगलौज का मामला दर्ज किया गया था, अब कुछ अन्य धाराओं में भी केस दर्ज हुए हैं।

आरोपियों की धर-पकड़ के लिए तीन पुलिस टीमें बनाई गई हैं और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की गई है।

Page 10 of 16
Top
We use cookies to improve our website. By continuing to use this website, you are giving consent to cookies being used. More details…