हर एक चीज की शुरूआत एक सपने से होती है और सपना तब सपना नहीं रह जाता जब उसे हकीकत में बदल देने का दृढ विश्वास हो। आज से कई साल पहले एक व्यक्ति ने सपना देखा कि वह हजारों मील दूर बैठे एक व्यक्ति से वैसे ही बात करेगा जैसे वह उस व्यक्ति से सामने बैठ कर बात कर रहा हो। ऐसे ही किसी ने सपना देखा कि एक दिन आसमान में आराम से उड़ेगा, ये सभी सपने थे। इन सपनों को जब उन्होंने अपने आस-पास के लोगो को बताया, तो लोगों ने उनका मजाक उड़ाया, लेकिन वो गलत नहीं थे, उन्होंने खुद को साबित किया। एक ने टेलीफोन का अविष्कार किया तो दूसरे ने हवाई जहाज का।

लीड इंडिया ने भी एक सपना देखा है लेकिन सपने की बात बाद में पहले हकीकत की। जब हमने गाँवों से भी बदतर रोड के हालात देखे, जहाँ बुलेट ट्रेन की बात हो रही हो वहां एक किलोमीटर का सफ़र तय करने में धूल फांकते हुए घंटों लग जाएँ, जहाँ चमचमाती रोशनी के बीच हजारों घर अँधेरे में डूबे रहने को मजबूर हैं, जहाँ पीने के लिए पानी नहीं है, जहाँ बच्चों बुजुर्गों के लिए कोई पार्क नहीं है, जहाँ कोई सरकारी अस्पताल नहीं, जहाँ गरीब की कोई आवाज़ नहीं, अगर है तो सिर्फ मनमानी और अव्यवस्था। क्या ऐसी भयंकर स्थिती देश के किसी कोने में है या किसी नेक्स्लाईट एरिया में जहाँ आज भी बुनियादी सुविधाएँ नहीं पहुंच पायी हैं।

नहीं, ऐसी स्थिति देश की राजधानी दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र की है। ऐसा नहीं है कि केवल बुराड़ी क्षेत्र ही पिछड़ा हुआ है बल्कि दिल्ली में कई ऐसे क्षेत्र है जहाँ रहने वालों की दशा बहुत दयनीय है। परन्तु यहाँ का निवासी होने की वजह से बुराड़ी क्षेत्र से ज्यादा परिचित हूँ। कुछ महीनो पहले जब लीड इंडिया की टीम ने बुराड़ी क्षेत्र का सर्वे किया तो कई ऐसे बुजुर्ग और महिलाएं मिली जो गंभीर बीमारी के शिकार है, उनके घरों के ऊपर से हाई वोल्टेज बिजली के तार गुजर रहे है लेकिन उनके घरों में बिजली नहीं है, बच्चे पढ़ नहीं पाते, महिलाएं काम नहीं कर पातीं क्योंकि बिजली विभाग की मनमानी है और उनकी आवाज़ उठाने का कोई माध्यम नहीं है।

हमारे सर्वे में स्कूल जाने वाली कई बच्चियों और महिलाओं ने कहा इस क्षेत्र की मुख्य सड़कें शाम के वक़्त अँधेरे में डूब जाती क्योंकि सड़कों पर लाईट की व्यवस्था नहीं है जिससे उन्हें शाम के वक्त घर से बाहर जाने में असुरक्षा महसूस होती है। आखिर इस चीज की शिकायत किससे करें, जनप्रतिनिधि बिजली विभाग पर टाल देते हैं, थाना कुछ कर नहीं सकता, इसलिये कोई और रास्ता है नहीं, है सिवाय चुप रहने के। तब खटकता है काश कोई अखबार होता जो इन मुद्दों को उठाता। 

हमें ऐसे कई मुद्दे मिले जहाँ आम आदमी या तो घुट घुट कर संघर्ष कर रहा है या अपनी हार मानकर खामोश है। इसलिये लीड इंडिया टीम ने अपने संरक्षक व मार्गदर्शक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को साक्षी मानकर अपने वीकली एडिशन की शुरुआत बुराड़ी विधान सभा से करने का निश्चय किया है ताकि अब किसी की आवाज़ इस क्षेत्र में न दबे, ताकि इस क्षेत्र में भ्रष्टाचार या मनमानी को रेड कारपेट के नीचे न दबाया जा सके, ताकि आम आदमी के लिए आये हक के पैसे व अवसर को किसी खास को ना पहुंचाया जा सके।

क्योंकि अब लीड इंडिया जरुर बोलेगा और डंके की चोट पर बोलेगा। इसलिए हम कहते है देश दुनिया की खबरें बाद में पहले आप हमारी प्राथमिकता होंगे।

परन्तु कुछ वास्तविकता से भी आपको रूबरू करना जरुरी है। अखबार सशक्त रूप से चले और हमेशा निष्पक्ष रहे, किसी के साथ सांठगांठ न करे, किसी के रहमो करम पर आश्रित ना हो, अखबार सच को सामने लाने से डरे नहीं और किसी भी बाहुबल के आगे झुके नहीं, तभी जाकर ऐसा अखबार आपकी सशक्त आवाज़ बन सकता है और उसमें आपकी सहभागिता बहुत जरूरी है।

परंतु यह होगा कैसे? किसी भी अखबार का मुख्य आय का स्रोत विज्ञापन होता है लेकिन लीड इंडिया ने विज्ञापन की परवाह किये बगैर एक ऐसी जगह से इस एडिशन की शुरूआत की है जो इंडस्ट्रियल एरिया नहीं है। जहाँ विज्ञापन मिलने की कम सम्भावना है। इसलिए इस अखबार को भगवान भरोसे न छोड़ें बल्कि इसे अपना अखबार समझें, अपनी आवाज़ समझे जो किसी के आगे झुके नहीं, दबे नहीं। यदि इस अखबार का आप ज्यादा से ज्यादा वार्षिक सब्सक्रिप्शन करें अथवा खरीद कर पढ़ें तो अखबार की निर्भरता विज्ञापन पर कम होगी। आप से यह भी आग्रह है कि आप हमारी गलतियों के लिये आलोचना करें, अच्छाई के लिये प्रशंसा भी अवश्य करें। 

अंत में आपसे कहना चाहूँगा कि लीड इंडिया की टीम ने यह सपना देखा है कि बुराड़ी का यह लीड इंडिया एडिशन केवल अखबार ना हो बल्कि बुराड़ी के लिए एक विजन हो जिसका मकसद बुराड़ी को श्रेष्ठ विधानसभा में तब्दील करना है, वैसे ही जैसे किसी के प्रयास से कोइ गाँव अत्यंत आधुनिक बन जाता है, और किसी मैट्रिक पास अन्ना की वजह से कोइ गाँव रालेगण सिद्धी बन जाता है। 

"इस क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानी राधेश्याम त्यागी और शांति स्वरूप त्यागी को लीड इंडिया का नमन"

आपको जानकर अच्छा लगेगा कि बुराड़ी आज भले ही समस्याग्रस्त क्षेत्र है लेकिन इतिहास में इसका महत्वपूर्ण स्थान रहा है। क्या आपको पता है कि बुराड़ी की धरती ने देश को राधेश्याम त्यागी और शांति स्वरूप त्यागी, दो स्वतंत्रता सेनानी दिये। इतना ही नहीं महाभारत काल में महान धनुर्धर अर्जुन ने बुराड़ी में ही शिव की उपासना की थी।

इसके नाम की तो और भी रोचक कथा है। महाभारत काल में आज के बुराड़ी में भगवान श्री कृष्ण आये थे और इस जगह का नाम मुरारी पड़ा। लेकिन कालांतर में यह नाम मुरारी से बुराड़ी हो गया। और बुराड़ी ने भी अपने गौरवशाली इतिहास को खंगालने की कोशिश नहीं की। लीड इंडिया का गुड न्यूज़ सेक्शन उसी गौरवशाली इतिहास से पर्दा हटाने का एक छोटा सा प्रयास है, जिसे आने वाले अंक में विस्तार से प्रकाशित किया जाएगा

 

नई दिल्ली(23 मार्च): सीएम योगी आदित्यनाथ राज्य में महिला-सुरक्षा के मामले में कोई कोताही नहीं बरतते दिखाई दे रहे। दबंगों से छेड़खानी की शिकार महिलाओं के परिजनों ने उन्हें ट्वीट किया तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई के आदेश देते देर नहीं लगाई।

 पुलिस ने बताया कि घटना होली के दिन की है, जब कुछ स्थानीय युवक नशे में धुत होकर कल्याणपुर इलाके के एक घर में घुसे और एक महिला और उसकी बेटियों के साथ छेड़छाड़ करने लगे। महिला के पति ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट करने लगे।

महिला का पति कल्याणपुर थाने पहुंचा, पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली। हालांकि शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले की जांच को लेकर पुलिस का रवैया ढीला रहा। पुलिस की ढिलाई को देखते हुए उन्होंने डीजीपी और सीएम कार्यालय को ट्वीट कर मदद की गुहार लगाई।

इसके बाद पुलिस हरकत में आई। एसपी सचिंद्र पटेल ने बताया कि लखनऊ से डीजीपी ने कॉल कर मामले में तुरंत रिपोर्ट सौंपने को कहा। उन्होंने बताया कि वह खुद परिवार से मिले और मेडिकल जांच की व्यवस्था करवाई गई। उन्होंने यह भी बताया कि पहले तो आरोपियों के खिलाफ मारपीट और गालीगलौज का मामला दर्ज किया गया था, अब कुछ अन्य धाराओं में भी केस दर्ज हुए हैं।

आरोपियों की धर-पकड़ के लिए तीन पुलिस टीमें बनाई गई हैं और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की गई है।

नई दिल्ली(18 मार्च): भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे रांची टेस्ट के तीसरे दिन भारतीय बल्लेबाजों ने संभलकर खेलते हुए भारत को अच्छी शुरुआत दी। मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा ने दूसरे विकेट के लिए 102 रनों की साझेदारी की। 

 

- इसी के साथ इन दोनों बल्लेबाजों ने बतौर जोड़ी एक ख़ास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

 

-  मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा की जोड़ी ने भारत के लिए टेस्ट मैचों में किसी भी विकेट के लिए सबसे ज्यादा औसत से दो हज़ार से अधिक रन बनाये हैं।

 

- मुरली विजय और चेतेश्वर पुजारा की जोड़ी ने अब तक टेस्ट मैचों की 37 पारियों में 66.6 की बेहतरीन औसत से कुल 2466 रन जोड़े हैं, इसी के साथ ही इस जोड़ी ने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

 

- टेस्ट मैचों में बतौर जोड़ी सबसे ज्यादा औसत से रन बनाने के मामले में दूसरा नंबर सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर के नाम है। जिन्होंने 71 पारियों में 61.4 की औसत से 4173 रन जोड़े है।

 

- तीसरे नंबर पर राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग की जोड़ी है जिन्होंने टेस्ट मैचों की 58 पारियों में 60.4 की औसत से कुल 3383 रन बनाये है।

 

नई दिल्ली(18 मार्च): मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा की गर्लफ्रेड कौन है, इसको लेकर इसको लेकर हमेशा सस्पेंस बना रहता था। लेकिन अब खुद कपिल ने सस्पेंस को खत्म कर दिया है। उन्होंने दुनिया को बता दिया कि वह शादीशुदा हैं।

 

- कपिल ने फेसबुक पर अपनी पत्नी की फोटो शेयर करते हुए लिखा, 'मेरी बीवी से मिलिए.. मैं इन्हें दीपिका से ज्यादा प्यार करता हूं।'

 

- वहीं, इसी फोटो को ट्विटर पर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा है, "मैं उसे अपनी बेटर हाफ तो नहीं कहूंगा लेकिन वह मुझे पूरा करती है.... लव यू गिन्नी.... मैं इससे बहुत प्यार करता हूं।"

 

- ट्विटर पर एक अन्य फोटो में दीपिका को टैग करते हुए लिखा है, " 'दीपू... अब मैं तुम्हें मिस नहीं करूंगा... लव ऑलवेज।"

नई दिल्ली (18 मार्च): अपने कस्टमर्स को लुभाने में जियो कोई कसर नहीं छोड़ रही है। सस्ते ऑफर्स के बाद अब जियो ने जिओ म्यूजिक ऐप में नई अपडेट लॉन्च की है।

 

जिसके बाद से जियो यूजर्स हैलो ट्यून सेट कर सकते हैं। इसका नाम जिओ ट्यून होगा। यह फीचर आईओएस यूजर के लिए लॉन्च किया गया है।

 

जल्दी ही इसे एंड्रॉइड फोन के लिए भी लॉन्च कर दिया जाएगा। आईओएस यूजर इसे म्यूजिक प्लेयर की स्क्रीन पर देख सकते हैं। यहां उन्हें ‘सेट एज़ जिओ ट्यून’ का ऑप्शन दिखाई देगा। यह जियो ट्यून 30 दिन के लिए फ्री है। अगर आप इस सर्विस का यूज नहीं करना चाहते तो इसे अनसब्सक्राइब भी करवा सकते हैं।

 

नई दिल्ली(18 मार्च): राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच द्वारा तीन तलाक के खिलाफ चलाए गए अभियान में करीब 10 लाख मुसलमानों ने हस्ताक्षर किए हैं।

 

-  अभियान को मुस्लिम महिलाओं का भारी समर्थन मिल रहा है।

 

- दरअसल, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी संख्या में मुस्लिम वोट मिलने का दावा किया जा रहा है।

 

- इसके पीछे भाजपा द्वारा उठाए गए तीन तलाक के मुद्दे को बड़ी वजह माना जा रहा है। इस मुद्दे पर भाजपा को मुस्लिम महिलाओं का भरपूर समर्थन मिल रहा है।

 

- हालांकि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस मुद्दे का विरोध करता रहा है। आरएसएस नेता और प्रचारक इंद्रेश कुमार का कहना है कि तीन तलाक के मुद्दे पर राष्ट्रव्यापी चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के लिए जरूरी है कि तीन तलाक को खत्म कर एक सुधारवादी कदम उठाया जाए।

 

- ऐसा माना जा रहा है कि महिला सशक्तीकरण के इस युग में मुस्लिम महिलाओं ने अपना हित देखकर भाजपा को विधानसभा चुनावों में वोट दिया है। पिछले कुछ समय से तीन तलाक के मुद्दे को जोर-शोर से उठाकर भाजपा इन महिलाओं की हितैषी बन गई है।

 

- बाद पश्चिम से विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि पार्टी द्वारा शुरू की गई योजनाओं ने महिलाओं को काफी प्रभावित किया है। इसमें उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को गैस सिलेंडर मिले तो स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर-घर शौचालय बनाए गए।

 

- एमआरएम के राष्ट्रीय समन्वयक मोहम्मद अफजल ने हस्ताक्षर अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि देश में बदलाव आ रहा है। महिलाएं अपनी आजादी के प्रति जागरूक हो रही हैं और भाजपा सरकार उनकी दबी हुई आवाज को उठा रही है, इसलिए उसे समर्थन मिल रहा है। कहा कि तीन तलाक और इसी तरह की अन्य सामाजिक बुराइयों को दूर करने की कोशिश की जा रही है।

 

- एमआरएम के अभियान को भारतीय मुस्लिम कांग्रेस लीडर मौलाना अबुल कलाम आजाद के पोते ने भी सराहा। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुसलमानों के हित में सोचते हैं, लेकिन उलेमा मुस्लिम समाज को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। तीन तलाक जैसी सामाजिक बुराइयों को खत्म किया जाना चाहिए।

नई दिल्ली (18 मार्च): त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखंड के अगले मुख्यमंत्री होगें। उत्तराखंड में आज से त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार होगी।

त्रिवेंद्र सिंह आज मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित भाई शाह समेत पार्टी के कई नेता शामिल रहेंगे।

देहरादून में शुक्रवार को हुई बैठक में विधायक दल का नेता चुना गया। उत्तराखंड चुनाव में 70 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस को सिर्फ 11 सीटें मिली थीं। बीजेपी ने 57 सीटों पर जीत का परचम लहराया है।

नई दिल्ली: कैबिनेट ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति को मंजूरी दे दी। नई हेल्थ पॉलिसी के तहत हर किसी को सरकारी इलाज की सुविधा मिलेगी और मरीज को इलाज के लिए मना नहीं किया जा सकेगा।

- पॉलिसी में मरीजों के लिए बीमा का भी प्रावधान है। हालांकि, कैबिनेट नोट में स्वास्थ्य को सूचना अथवा भोजन के अधिकार के तहत 'मौलिक अधिकार' बनाने को लेकर कोई चर्चा नहीं है क्योंकि इसमें कानूनी पचड़े हैं, लेकिन प्रस्ताव में स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने का प्रावधान है।

 

- अब तक की जानकारियों के मुताबिक, इस नीति की 10 अहम बातें इस प्रकार हैं...

  1. अब मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में भी इलाज करवाने की छूट मिलेगी। विशेषज्ञों से इलाज के लिए लोगों को सरकारी या निजी अस्पताल में जाने की छूट होगी। स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत निजी अस्पतालों को ऐसे इलाज के लिए तय रकम दी जाएगी। ऐसे में नए अस्पताल बनाने में लगने वाले धन को सीधे इलाज पर खर्च किया जा सकेगा। इस समय देश में डॉक्टर से दिखाने में 80% और अस्पताल में भर्ती होने के मामले में 60% हिस्सा प्राइवेट सेक्टर का है। लेकिन प्राइवेट सेक्टर में जाने वाले लोगों में अधिकतर को अपनी जेब से ही इसका भुगतान करना होता है।
  2. प्रस्ताव में व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं देने की बात कही गई है। इसके तहत मातृ और शिशु मृत्यु दर घटाने के साथ-साथ देशभर के सरकारी अस्पतालों में दवाइयां और रोंगों की जांच के सभी साधन की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

 

  1. स्वास्थ्य के क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन पर भी जोर दिया जाएगा। प्रमुख बीमारियों को खत्म करने के लिए खास टारगेट तय किया गया है। जहां सरकार अपना ध्यान प्राथमिक चिकित्सा को मजबूत बनाने पर लगाएगी।

 

  1. प्रस्ताव के अनुसार, जिला अस्पताल और इससे ऊपर के अस्पतालों को पूरी तरह सरकारी नियंत्रण से अलग किया जाएगा और इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) प्रॉजेक्ट में प्राइवेट पार्टी को भी शामिल किया जाएगा।

 

  1. इस नीति के तहत व्यापक बदलाव करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का दायरा बढ़ाया गया है। नई नीति के तहत पहली बार जहां जिला अस्पतालों के उन्नयन पर विशेष जोर दिया जाएगा, वहीं कार्यक्रमों को अमली जामा पहनाने की रूपरेखा भी तय की जाएगी।

 

  1. एक अधिकारी ने बताया, 'अभी तक पीएचसी के तहत प्रतिरक्षण, जन्म से पूर्व की जांच और कुछ अन्य जांच ही शामिल थीं। नई नीति की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें वैसे रोगों की जांच भी शामिल होगी जो छूआछूत से पैदा नहीं होतीं।'

 

  1. राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति पिछले दो साल से लंबित थी। इस पॉलिसी के बाद सरकार का लक्ष्य है कि देश के 80% लोगों का इलाज पूरी तरह सरकारी अस्पातल में मुफ्त हो जिसमें दवा, जांच और इलाज शामिल होंगे। पॉलिसी में इंश्योरेंस की भी व्यवस्था की गई है। सभी मरीजों को बीमा का लाभ दिया जाएगा।

 

  1. राज्यों के लिए इस नीति को मानना अनिवार्य नहीं होगा और सरकार की नई नीति एक मॉडल के रूप में उन्हें दे दी जाएगी और इसे लागू करें या नहीं, यह संबंधित राज्य सरकार पर निर्भर करेगी।

 

  1. 2002 के बाद पहली बार देश में हेल्थ पॉलिसी को नए सिरे से पेश किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ओबामाहेल्थ केयर स्कीम से काफी प्रभावित थे और मौजूदा पॉलिसी में उससे कुछ इनपुट लिए गए हैं।

 

  1. पॉलिसी के पास होने के बाद स्वास्थ्य पर खर्चा जीडीपी का 2.5% हो जाएगा और इसके तीन लाख करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। इस समय यह जीडीपी का 1.04% है। सूत्रों के अनुसार, पॉलिसी में हेल्थ टैक्स लगाने का भी प्रस्ताव है।

 

 

नई दिल्ली :भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रांची में खेले जा रहे टेस्‍ट मैच के दोनों दिन ऐसी घटनाएं हुईं कि दर्शक और खिलाड़ी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

मैच के पहले दिन उस समय नाटकीय क्षण आए थे जब टीम इंडिया के विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा ने ऑस्‍ट्रेलिया के कप्‍तान स्‍टीव स्मिथ के खिलाफ अजीबोगरीब अपील की थी।

यह पूरी घटना इस तरह से हुई थी कि विकेट पर मौजूद दोनों बल्‍लेबाज, टीम इंडिया के खिलाड़ी तो ठीक अम्‍पायर भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए थे।

 मैच के दूसरे दिन ऐसी घटना तब सामने आई जब उमेश यादव की गेंद पर ऑस्‍ट्रेलियाई बल्‍लेबाज ग्‍लेन मैक्‍सवेल का बल्‍ला दो हिस्‍सों में टूट गया।

अपनी तेज गेंदबाजी के इस 'कमाल' को देखकर ने बाजू उठाकर अपनी ताकत का अहसास विपक्षी बल्‍लेबाज को करा दिया।

हालांकि पहली ही गेंद पर बल्‍ला टूटने के बाद भी मैक्‍सवेल के बल्‍ले का कहर जारी रहा और उन्‍होंने शतकीय पारी (104 रन )खेलकर ऑस्‍ट्रेलिया का स्‍कोर 450 रन के पार पहुंचाने में कप्‍तान स्मिथ के साथ अहम योगदान दिया।

स्मिथ ने मैच में नाबाद 178 रन बनाए। टीम इंडिया ने शुक्रवार को पहले दिन के स्‍कोर चार विकेट पर 299 रन से आगे खेलना प्रारंभ किया। 

मैच के दूसरे दिन की शुरुआत टीम इंडिया के तेज गेंदबाज उमेश यादव ने धमाकेदार अंदाज में की और पहली ही गेंद पर ग्लेन मैक्सवेल का बल्ला दो हिस्सों में तोड़ दिया।

 यादव की इस गेंद पर मैक्‍सवेल कुछ देर को ठगे से रह गए। आधा बल्‍ला हाथ में लिए उन्‍हें यह सोचने में कुछ वक्‍त लगा कि आखिर हुआ क्‍या है।

यादव भी इस मौके पर मजाक करने से नहीं चूके। उन्‍होंने अपना हाथ उठाकर अपनी ताकत का अहसास करा दिया। मैक्‍सवेल और टीम इंडिया के सहयोगी भी बाद में इस मौके का मजा लेते नजर आए।

यह वाकया जिस समय हुआ उस समय मैक्‍सवेल 82 रन पर नाबाद थे।दूसरे दिन ही एक मौके पर उमेश यादव गेंद फेंकने के तुरंत पहले संतुलन नहीं बना पाए और गिर गए।

 

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