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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में एक और शर्मसार करने वाली घटना घटी है। एक शख्स दिल्ली के बुराड़ी में सरेआम लोगों के बीच एक लड़की को चाकू से लगातार गोद रहा है… सारे लोग देख रहे हैं, लेकिन सभी तमाशबीन बने हैं। हमलावर को कई रोक नहीं रहा है और युवक तब तक लड़की पर वार करता है जबतक उसकी जान नहीं ले लेता। मृतक लड़की की उम्र 22 साल बताई जा रही है।

32 साल के सुरेंद्र नाम के इस आरोपी युवक ने करुणा नाम की इस लड़की पर चाकू से 25 से ज्यादा वार किए। घटना सुबह की है, वहीं जिस युवक पर हत्या का आरोप है वो लड़की की जान पहचान का बताया जा रहा है।

घटना में घायल लड़की को आईएसबीटी ट्रामा सेंटर ले जया गया जहां उसकी मौत हो गई। वहीं सरेआम इस वारदात को अंजाम देने वाले युवक को लोगों ने पकड़कर जमकर पीटा और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

 

नई दिल्ली(16 फरवरी):आमतौर पर लोग यही मानते हैं

कि आईआईटी के छात्र पढने के अलावा और कुछ काम नहीं करते।

लेकिन आपकी इस सोच को आईआईटी रुड़की के 4 छात्र कुछ हद तक बदल सकते हैं। 

आईआईटी रुड़की के 4 लड़कों का डांस वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है,

 जिसे देखकर उनके बारे में आप भी अपनी सोच बदल देंगे।

वैलेंटाइन डे पर अपलोड किए गए इस वीडियो में 4 लड़के हॉलीवुड सिंगर एड शीरन के लेटेस्ट सॉग 'शेप ऑफ यू'

पर डांस कर लड़की को इंप्रेस करने की कोशिश कर रहे हैं।

 इस गाने को लड़कों ने खुद ही कोरियोग्रॉफ करके डांस किया है। चारों लड़के सिंगल हैं।

और अपने लिए लड़की को इंप्रेस करने की कोशिश कर रहे हैं।

चारों लड़के एक ही लड़की को इंप्रेस करना चाहते हैं। इस डांस वीडियो को अंकुश राउत डायरेक्ट किया है।

 13 फरवरी को इस वीडियो को यूट्यूब म्यूजिक चैनल Cinesec IITR के अकाउंट से अपलोड किया गया है,

 जिसके बाद अब तक 76000 ने अधिक लोग इसे देख चुके हैं।

ये दास्तान बिहार के छोटे से गांव मकहर की है. करीब 68 साल पहले एक खेतीहर मजदूर रामजीत राम मांझी भी इसी गांव में रहा करते थे.

मुसहर जाति से संबंध रखने वाले रामजीत मांझी की जिंदगी भी उसके मुसहर समाज से जुदा नहीं थी.

मिट्टी की दीवारों से बनी घास फूस के छप्पर वाली रामजीत की ऐसी ही कोठऱी सुअरों के लिए निवास स्थान का काम भी करती थी.

दरअसल बिहार के मगध इलाके में मुसहर समुदाय की जिंदगी इस कदर बदहाल रही है कि जिसकी कल्पना भी आपके रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है.

खलिहान में मजदूरी करने वाले इस मुसहरों को भुइया कह कर भी पुकारा जाता है.

लेकिन चूहों को उनके बिल से पकड़ कर उनका मांस खाने की वजह से इस समाज का नाम मुसहर पड़ा है.

शराब और ताड़ी की दुर्गंध से महकते ऐसी ही मुसहर टोली में करीब 68 साल पहले एक बंधुआ मजदूर के घर एक बच्चे का जन्म हुआ था.

खेतों में बंधुआ मजदूरी करने वाला वह बच्चा वक्त को जीत कर आज बन गया है.

मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी. लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने जब से पद संभाला है वह अपने बयानों को लेकर अक्सर विवादों में घिरते रहे हैं.

 जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बने सात महीने गुजर चुके हैं लेकिन इन सात महीनों में वो अपने काम की बजाए अपने बयानों को लेकर ज्यादा चर्चा में रहे हैं.

जीतन राम मांझी के ऐसे बयान जहां आए दिन नए विवाद खड़े करते रहे हैं वहीं दूसरी तरफ उनकी और उनके समुदाय की दर्दभऱी कहानी भी बयान करते रहे हैं.

 चूहा मारके खाना खराब बात है क्या..

 बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि झोला छाप डॉ और औझा के चक्कर में न पड़कर डॉक्टर के पास जाओ..हॉस्पिटल में कोई दिक्कत है डॉक्टर नहीं है.

दवा नहीं है उसकी सूचना जिलाधिकारी को दो. नहीं तो सिर्फ एक लेटर लिख दो मुख्यमंत्री के नाम पर जिस डॉक्टर का नाम लिखोगे उसे हम सजा देंगे.

हमने कई लोगों को घर बैठाया है.सजा दी है. जीतन मांझी गरीबों के साथ है. हाथ कटा देंगे.

 पिछले कुछ दिनों से अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की जद में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आ चुके है.

बुधवार को नरेंद्र मोदी के संसंदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे मांझी ने मोदी के स्वच्छ भारत अभियान पर जम कर कटाक्ष किया.

 अपने विवादित बयानों को लेकर जीतन राम मांझी को विपक्षी दल ही नहीं अपनी ही पार्टी जेडीयू में भी विरोध का सामना करना पड़ा है.

लेकिन वो ना तो रुकने को तैयार है और ना ही किसी के आगे झुकने के लिए तैयार है.

 मुख्यमंत्री ने कहा कि मांझी टूट जाएगा झकेगा नहीं. दरअसल पिछले लोकसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड का बिहार में प्रदर्शन बेहद खराब रहा था.

उसे सिर्फ दो ही लोकसभा सीटें जीतने में कामयाबी मिली थी. जेडीयू की इस हार की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.

था लेकिन सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए उन्होंने अपने सबसे विश्वस्त और करीबी रहे जीतन राम मांझी को बिहार का मुख्यमंत्री बनवा दिया था.

 जीतन राम मांझी मई 2014 में बिहार के मुख्यमंत्री बनाए गए थे.

लेकिन एक मुख्यमंत्री के तौर पर वह अपने काम से ज्यादा अपने बयानों को लेकर ज्यादा चर्चा में रहे हैं.

जीतन राम मांझी अपने विवादित बयानों की वजह से कई बार नीतीश कुमार के लिए भी मुसीबत बनते नजर आए हैं.

और यही वजह है कि विपक्षी दल ही नहीं बल्कि खुद उनकी पार्टी जेडीयू में भी मांझी के खिलाफ विरोध की तलवारें खिंचती रही हैं.

 जीतन राम मांझी ने कहा कि भ्रष्टाचार बहुत बढ़ गया है नीतीश कुमार ने काम किया लेकिन करप्शन दूर नही हुआ. शरद यादव ने कहा कि वह खुद भी जिम्मेदार है.

 वह खुद मंत्रीमंडल में थे तो उनकी जिम्मेदारी बराबर की है उनको उस समय इस बात को कैबिनेट के भीतर उठाना चाहिए था.

मैं सोचता हूं कि ये मर्यादा के भीतर की बात नहीं है.

 मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि अगर आप हमे विशेष राज्य का दर्जा दे देते है तो जीतन मांझी आपका(मोदी) समर्थक हो जाएगा.

 विवादित बयानों पर जेडीयू विधायक ने कहा कि पागल है. उसको सीएम बनाकर गलती कर दी. जबसे बना है कैसे बयान देता है.

बयान का जनता पर कुछ असर नही होता है लोग बोलते है पागल है इसे जल्दी से हटा दो.

 जेडीयू की तरफ से अस्थायी इंतजाम के तौर पर मुख्यमंत्री बनाए गए.

मांझी की बयानबाजी को दरअसल उनकी खास रणनीति और राजनीतिक महत्वकांक्षा के तौर पर देखा जा रहा है. माना जा रहा है.

कि जीतन राम मांझी अपने बयानों से ना सिर्फ विवाद खड़ा करना चाहते हैं बल्कि उन विवादों को हवा देना भी चाहते हैं.

ताकि बिहार में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में इसका राजनीतिक लाभ उठाया सके.

 जीतन राम मांझी के विवादित बयानों को लेकर राजनीति के जानकार ये भी वजह मानते है.

कि वह एक कमजोर मुख्यमंत्री की छवि से बाहर निकलना चाहते है और साथ ही अपनी पार्टी जेडीयू के लिए आने वाले वक्त में भी एक मजबूरी बने रहना चाहते हैं.

 राजनीतिक विश्लेषक अरविंद मोहन ने कहा कि  कुलमिलाकर उनके बयान उनकी राजनीति को पीते गए है.

वो खुद को मजबूत करना चाहते है जितना वो कमजोर होकर सीएम बने है वह स्थिति हटाना चाहते है.

वह एक मजबूरी बनाना चाहते है कि कल को नितीश कुमार और लालू एक पार्टी में आते है तो वही कनसेस बनके रहे.

दो तीन तरह की राजनीति है एक तो यही कि इन दोनों के बीच कोई कॉमन आदमी आना चाहिए. जो वह खुद बनना चाहते हैं.

दोनो आपस में एक-दूसरे को नेता माने न माने वह खुद नेता बन जाना चाहते है. तीसरा टॉरगेट भी लोग बोल रहे हैं.

लेकिन मुझे भरोसा नहीं हो रहा है कि अगर वह वोट को अपने साथ कर पाते है तो कलको बीजेपी में कोई अच्छा सौदा करके वह उस तरफ भी जा सकते हैं.

 आखिर कौन है जीतन राम मांझी और क्यों लगातार विवाद पैदा करने वाले बयान दे रहे हैं. मांझी के बयानों के पीछे छिपे असल मकसद क्या है.

 साफ है कि मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पहले बयान देते हैं और जब उनके बयान पर हंगामा खड़ा होता है तो वह फौरन ही उस पर अपनी सफाई भी पेश कर देते हैं.

मुख्यमंत्री मांझी की क्या है ये बयाननीति? क्या इसमें छुपी है चुनाव से जुड़ी कोई रणनीति.

मांझी के इस चुनावी गणित की गहराई में भी हम उतरेंगे लेकिन पहले कहानी उस मुसहर समुदाय की जिससे मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की जड़े जुड़ी हुई हैं.

 बिहार के मगध इलाके में मुसहरों की एक बस्ती हैं. जाहिर है मुसहर समुदाय आज भी अभिशप्त जिंदगी जीने को मजबूर है.

कुछ गज जमीन पर बने जर्जर मकान और गंदगी के बीच सांसे लेती जिंदगी दशकों से मुसहर समुदाय का नसीब रही है.

सितुहा, घोंघा और चूहे पकड़ कर जिंदगी की नैया खेते –खेते थक हार चुका मुसहर समुदाय आज भी समाज के हाशिये पर खड़ा है.

खास बात ये है कि मुसहरों की जिंदगी की बात सुअर, शराब और ताड़ी के बिना अधूरी ही रहती है क्योंकि ये तीनों ही चीजें इनकी जिंदगी में खास अहमियत रखते हैं.

गंदगी में रहने और पलने वाले ये सुअर ही मुसहर समुदाय के लिए विपत्ति के वक्त सबसे बड़ा आर्थिक सहारा बनते हैं.

खेतों में मजदूरी करके पेट पालने वाले मुसहर समुदाय के लिए चूहे भी जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा रहे हैं.

और यही वजह है कि चूहों को पकड़ने औऱ उनके बिलों से अनाज निकालने में मुसहरों को महारत हासिल है.

 राजनीतिक विश्लेषक अरविंद मोहन ने कहा कि  एक बिल में से कम से कम 8-10 चूहे निकलते है. और अलग-2 रास्ता बनाते है.

तो ये लोग एक तरफ बंद करके खुदाई करते है उसमे भी इनको अन्दाजा हो जाता है कि किसमे वो रहते हैं किसमें अनाज है.

तो अगर 15 चूहे मिल गए तो उस दिन का खाना हो गया. और 15 चूहे वाला बिल मिल गए तो 15-20-30 किलो गेहूं का इन्तजाम हो गया.

तो फिर खेद को खोदना ज्यादा हो जाता है काफी गहराई तक जाता है . 5-6-8 फीट तक जाता है. ये चीजें बहुत कॉमन है.

जैसे अनाज कटता है वैसे ही ये लोग लग जाते है. बच्चे खोदने में साथ दे रहे है. 2-3-4 आदमी का ग्रुप होता है.

 

 

 

नई दिल्ली: बहुत से लोग बच्चों से पूछते होंगे कि बड़े होकर क्या बनोगे। इसके बाद आप उनके जवाब का इंतजार करते होंगे। किसी का सपना डॉक्टर, किसी का इंजीनियर तो किसी का पायलट बनने का होता है। लेकिन इन सबके के बीच एक साल की बच्ची ने गूगल में काम करने की इच्छा जताई है।

इंग्लैंड की रहने वाली क्लोइ ने गूगल के बॉस सुंदर पिचाई को लेटर लिख बताया है कि वह क्यों गूगल में काम करना चाहती हैं। हाथ से लिखे लेटर में क्लोइ ने बताया कि उन्हें कंप्यूटर चलाना आता है और वह ऐसी जगह पर काम करना चाहती है जहां बैठने के लिए बीन बैग्स होते हैं और गो-कार्ट (इलेक्ट्रिक गाड़ी) भी। क्यूट बात यह है कि सुंदर पिचाई ने क्लोइ को जवाब भी भेजा।

मेरा नाम क्लोइ है और जब में बड़ी हो जाउंगी तो मैं गूगल में जॉब चाहती हूं। मैं चॉकलेट फैक्टरी और ओलिंपिक में तैराकी भी करना चाहती हूं। मेरे पापा ने बताया कि गूगल में, मैं बीन बैग्स में बैठ सकती हूं और इलेक्ट्रिक गाड़ी में घूम सकती हूं। मुझे कंप्यूटर पसंद है मेरे पास एक टैबलेट भी है। मेरे पापा ने मुझे एक गेम दिया है जिसमें मुझे रोबॉट चलाना होता है। पापा ने कहा कि वह मुझे कंप्यूटर भी देंगे। मैं 7 साल की हूं और मेरे टीचर्स ने ममा से कहा है कि मैं पढ़ने में अच्छी हूं। पापा कहते हैं कि अगर मैं पढ़ने में अच्छी रही तो मुझे एक दिन गूगल में जॉब मिल सकती है। मेरा लेटर पढ़ने के लिए थैंक्यू। मैंने केवल एक बार ही लेटर भेजा है वह भी पापा को क्रिसमस पर।

गुड बाय

क्लोइ ब्रिजवॉटर

 

अगर आपके हाथ में पैसा नहीं ठहरता या फिर घर के सदस्यों की बीमारी में पैसा खर्च होता है तो वास्तु में इसका समाधन है।

वास्तु के अनुसार घर में कुछ चीजों को सही करने से घर में सकारात्मक एनर्जी आने लगती है। वास्तु के कुछ ऐसे टिप्स जिनकी मदद से घर में वास्तु के अनुसार कुछ बदलाव करके आर्थिक स्थिति को सही किया जा सकता है।

साउथ वेस्ट कोने रखें मेटल वास्तु के अनुसार घर के साउथ वेस्ट कोने में एक भारी वजन की मेटल की कोई चीज रख दें। इससे धन के नए साधन बनते हैं। नार्थ जोन में हो नीला रंग इस बात का ध्यान रखें कि घर के नार्थ जोन में नीला रंग होना चाहिए।

इस जोन में लाल रंग भूलकर भी न कराएं। यही नहीं घर के किचन और टॉयलेट आसपास नहीं होने चाहिए। किचन में ना रखें ये चीजें धन आगमन के लिए ये बहुत जरूरी है कि किचन में डस्टबिन, झाड़ू, वॉशिंग मशीन और मिक्सर गाइंडर न रखें। किचन में इन चीजों के होने से पैसा घर से बाहर जाता है और करियर में सफलता के मौके भी कम हो जाते हैं।

दरवाजों पर दें ध्यान अपने घर की दरवाजे बनवाते समय इस बात का ध्यान रखें कि दरवाजे 2, 4, 6, 8 की संख्या में हों। यही नहीं घर का मुख्य दरवाजा अगर सिंगल, डबल औक ट्रिपल पोल्डर में होगा तो ये घर की आर्थिक स्थिति के लिए अच्छा है।

''शर्म से मैं अपनी गर्लफ्रेंड को नहीं बता पाता हूं, क्योंकि मैं बताऊंगा तो वह शायद मुझे छोड़ देगी। हालांकि हर महीने उसे पढ़ने के लिए पैसे भेजता हूं। दिल्ली के जिस मालवीय नगर के इलाके में रहता हूं, वहां भी जो मुझे जानते हैं वो मेरे काम को लेकर...

हर कोई सुंदर त्वचा पाने के लिए बहुत से उपाएं करते है जैसे कि महंगे प्रोडक्ट का इस्तेमाल या ब्यूटी पार्लर जाना. खूबसूरत त्वचा के लिए हम आपको कुछ खास और घरेलू उपाय बतायेगे जिसे आपना के आप दमकती त्वचा पा सकेगी.

त्वचा निखारने के आसान तरीके

  1. एक चम्मच शहद और कुछ बूंदे नींबू के रस को मिलाके एक मिश्रण तैयार कर लें और चेहरे पर लगाएं. इससे झुर्रियाँ दूर होती है साथ ही होने से बचाती है.
  2. एक चम्मच गुलाबजल और दूध में कुछ बूंद नींबू का रस मिलाएं फिर इसे चेहरे पर मसाज करते हुए लगाएं. इससे त्वचा कोमल बनने के साथ चेहरे में चमक आती है.
  3. स्क्रबिंग के लिए टमाटर सबसे अच्छा विकल्प है. इसके लिए टमाटर के टुकड़े को चेहरे पर हल्का-हल्का मसाज करें. इससे चेहरे की सारी गंदगी साफ होती है और चेहरे में अच्छा निखार आता है. स्क्रब त्वचा के लिए बहुत जरुरी है इससे मृत कोशिकाएं दूर होती है और धुलमिट्टी साफ़ होती है.
  4. एक-एक चम्मच नींबू का रस, गुलाब जल और पिसा हुआ पुदीना का मिश्रण तैयार कर लें और 1 घंटे रहने दें. फिर इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं. इसे 20 मिनट चेहरे पर लगे रहने दे. फिर पानी से धो लें. इससे चेहरे से अतिरिक्त तेल दूर होता है.
  5. चेहरे को निखारने के लिए एक-एक चम्मच संतरे का रस, शहद और गुलाब जल मिलाकर चेहरे और गर्दन पर लगाएं. इससे चेहरे पर अच्छा निखार आता है.
  6. चहरे में कसावट लाने के लिए चेहरे व गर्दन पर शहद लगाएं और मसाज करें. फिर कुछ समय बाद गुनगुने पानी से चेहरे को धो लें.
  7. डार्क सर्कल को दूर करने के लिए आंखों के नीचे बादाम के तेल और शहद लगाएं और हल्का-हल्का मसाज करें. फिर पानी से धो लें.

आपको बताते चले कि प्यार में आप एक दूसरे को बहुत लाइक करते हैं हो बट अट्रैक्शन में दूसरी तरह का लाइक होता है।जब आप लव में होते हो तो आपका पाटनर ही आपके लिए सब कुछ होता है पर पूरी दुनिया एक तरफ अलग और आपका पार्टनर अलग है।

आप अपने पार्टनर को इतना प्यार करते हो कि आप उसके बिना रह नहीं सकते । अट्रैक्शन के मामले में ऐसा कुछ नहीं होता है ।2 दिन का अट्रैक्शन होता है फिर खत्म ।

अगर अट्रैक्शन की बात की जाए तो इसमें जरूरत जरूरत होती है एक बार ही जरूरत खत्म हो गई तो अट्रेक्शन खत्म।

प्यार में एक दूसरे पर ट्रस्ट होता है बट अट्रैक्शन में शक होता है ।

गौरतलब है कि आपने अक्सर देखा होगा यह सुना होगा कि किसी के ब्रेकअप हो गया किसी के किसी का रिलेशनशिप खत्म हो गया आदि । अगर ऐसा किसी के साथ होता है तो आप उनके रिलेशनशिप प्रॉब्लम नहीं कह सकते आप इसे थोड़ा बहुत अट्रैक्शन कह सकते हो।

प्यार में लाइफ अच्छी लगती है बट अट्रेक्शनमें  लाइफ हार्ड। अगर आप किसी के साथ यू लव में हो तो आपको हर लाइफ भी अच्छी लगती है आपको कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आपके पास हजार कानोट है कि सौ का ।बट अट्रैक्शन के मामले में अगर लाइफ हार्ड लगती है तो रिलेशनशिप टूट जाता है ।

आपने अक्सर मैरिज लाइफ लव मैरिज लाइफ या रिलेशनशिप को टूटते हुए सुना या देखा होगा इन सब रिलेशनशिप के टूटने का कारण प्यार का ना होना था ।

Tuesday, 24 March 2015 09:00

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सेहत :  कहा जाता है की उम्र जैसे जैसे बढ़ती जाती है। वेसे वेसे हमारे सरीर की हड्डिया कमजोर होने लगती है और हर तराह के दर्द साथ ले आती है।

वैसे तो ऐसे रोग हमारे घर के बड़े बुढो को ज्यादा होते है पर आज कल के नवजवानों में भी इस परेशानी को पाया जा रहा है ।

सर्दियों में जोड़ों के दर्द की समस्या आम सुनने को मिलती हैं। जोड़ों का दर्द शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। यह दर्द घुटनों, कोहनियों, गर्दन, बाजूओं और कूल्हों पर हो सकता है।  लंबे समय तक किसी एक जगह पर ही बैठे रहने, सफर करने से घुटनें अकड़ जाते हैं और दर्द करने लगते हैं। इसी को जोड़ों का दर्द कहते हैं। अगर सही समय पर इसका इलाज ना किया जाए तो यह गठिया का रूप भी ले सकता है। जोड़ दर्द होने की वजह  गलत खान पान ही है। हड्डियों में मिनरल्स की कमी और बढ़ती उम्र भी इसकी एक वजह से हो सकती है।

जोड़ दर्द होने के लक्षण

खड़े होने, चलने और हिलने जुलने समय दर्द

सूजन और  अकड़न

चलते समय जोड़ों पर अटकन लगना

सुबह के समय जोड़ों का अकड़ाव होना

दर्द का आयुर्वेदिक इलाज़

जोड़ों के दर्द को ठीक करने के लिए आपको बहुत सारे मसाजर, तेल आदि मार्कीट में मिल जाएंगे लेकिन पैसे की खूब बर्बादी करने के बाद भी जोड़ों के दर्द से राहत नहीं मिलती। इसकी जगह पर अगर आप कुछ घरेलू नुस्खे अपनाएंगे तो इस दर्द से आपको जल्द राहत मिलेंगी। इन नुस्खों को अपने चिकित्सक की परामर्श के बिना ना अपनाएं।

सामग्रीः

10ग्राम- काली उड़द दाल

4  ग्राम -अदरक  (पिसा हुआ)

2 ग्राम -कपूर (पिसा हुआ)

50 मि.ली.- सरसों का तेल

विधिः काली साबुत उड़द दाल, अदरक, कपूर को सरसों के तेल में 5 मिनट तक गर्म करें फिर तीनों चीजों को छानकर तेल से बाहर निकाल लें। इस गुनगुने तेल से जोड़ों की मसाज करें। जल्द ही जोड़ों के दर्द से राहत मिलेगी। ऐसा दिन में 2 से 3 बार करें।

इसके अलावा आप इन नुस्खों को भी अपना सकते हैं।

अमरूद की 4-5 कोमल पत्तियों को पीसकर उसमें थोड़ा सा काला नमक मिलाकर रोजाना खाएं। इससे दर्द से राहत मिलेगी।

काली मिर्च को तिल के तेल में जलने तक गर्म करें और ठंडा होने पर उसी तेल से जोड़ों की मालिश करें।

गाजर को पीसकर इसमें थोड़ा सा नींबू का रस मिलाकर रोजाना सेवन करें।

दर्द वाले स्थान पर अरंडी का तेल लगाकर, उबाले हुए बेल के पत्तों को गर्म गर्म बांधे इससे भी तुरंत राहत मिलेगी।

2 चम्मच बड़े शहद और 1 छोटा चम्मच दालचीनी पाऊडर सुबह शाम एक गिलास गुनगुने पानी  से लें।

सुबह के समय सूर्य नमस्कार और प्राणायाम करने से भी जोड़ों के दर्द से छुटकारा मिलता है।

1 चम्मच मेथी के बीच रातभर पानी में भिगोकर रखें। सुबह पानी निकाल दें और मेथी के बीजों को अच्छे से चबाकर खाएं।

गठिए के रोगी 4-6 लीटर पानी पीने की आदत डाल लें। इससे मूत्रद्धार के जरिए यूरिक एसिड बाहर निकलता रहेंगा।

ध्यान रखेंः कोई भी नुस्खा अपनाने से पहले डॉक्टरी सलाह अवश्य लें  

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