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मुंबई: ऑस्‍ट्रेलिया और भारत 'ए' टीम के बीच शुक्रवार से यहां प्रारंभ होने वाला तीन दिवसीय अभ्‍यास मैच, दोनों ही टीमों के लिए महत्‍वपूर्ण साबित होगा। जहां मेहमान ऑस्‍ट्रेलिया टीम को इस मैच के जरिये भारत के विकेट पर अभ्‍यास करने का मौका मिलेगी, वही  भारत 'ए' टीम के प्रतिभाशाली खिलाड़ी अच्‍छा प्रदर्शन कर टीम इंडिया में प्रवेश का अपना दावा मजबूत करना चाहेंगे। मैच में भारत 'ए' के कप्‍तान हार्दिक पांड्या और कुलदीप यादव पर खास नजर होगी।

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह गगनचुंचबी सिक्सर उड़ाने के लिए जाने जाते है। वर्ल्ड क्रिकेट में युवराज सिंह को गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाने के लिए जाना जाता है। युवराज ने हाल ही अपने इस बैटिंग मैजिक को फिर साबित किया है।

हालांकि यह कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं था फिर भी युवराज ने इस मैच में लगातार तीन सिक्सर जड़ा जिसके बाद पूरा स्टेडियम तालियों से गूंजने लगा। युवराज सिंह ने सैय्यद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी के दौरान मध्य क्षेत्र के खिलाफ गए एक मैच में अपनी बल्लेबाजी के अनूठे हुनर का फिर परिचय दिया।

मध्य क्षेत्र ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 167 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। टारगेट का पीछा करते हुए उत्तर क्षेत्र की टीम 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 163 रन ही बना सकी और मैच 4 रनों से हार गई। इस मैच में युवराज ने सिरफ 20 गेंदों में चार छक्के उड़ाते हुए 33 रन ठोके। इनमें से तीन छक्के उन्होंने लगातार तीन गेंदों पर जड़े। 

गौर हो कि अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में किसी तेज गेंदबाज के एक ओवर में 6 छक्के लगाने का विश्व रिकॉर्ड भी युवी के नाम है, जो उन्होंने 2007 के टी20 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर में लगाया था।

भारत दौरे में ऑस्‍ट्रेलियाई टीम की बल्‍लेबाजी का बहुत कुछ दारोमदार डेविड वॉर्नर पर होगा। बाएं हाथ के ओपनर वॉर्नर इस समय बल्‍लेबाजी में जबर्दस्‍त फॉर्म में चल रहे हैं। ऑस्‍ट्रेलियाई टीम के कप्‍तान स्‍टीव स्मिथ भी अपने इस ओपनर पर विश्‍वास जताते हुए कह चुके हैं कि वॉर्नर से उन्‍हें भारत दौरे में बड़ी नहीं, बल्कि बहुत बड़ी पारियों की जरूरत है। ऐसी बड़ी पारी जो करुण नायर ने चेन्‍नई में इंग्‍लैंड के खिलाफ (तिहरा शतक) खेली थी। टीम इंडिया के लिहाज से बात करें तो वॉर्नर को रोकने और उनका विकेट लेने का बहुत कुछ दारोमदार रविचंद्रन अश्विन पर होगा। ऑफ स्पिनर अश्विन इस सीरीज में टीम इंडिया के ट्रंप कार्ड साबित हो सकते हैं। ऐसे में वॉर्नर और अश्विन का सीरीज में मुकाबला रोमांचक हो सकता है।

 

विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाना जानते हैं वॉर्नर

ऑस्‍ट्रेलिया के वॉर्नर के लिहाज से बात करें तो उनका प्‍लस प्‍वाइंट ये है कि वे बेहद तेजी से बल्‍लेबाजी करते हैं। उनके क्रीज पर रहने से स्‍कोरबोर्ड 'टैक्‍सी के मीटर' की गति से उछाल मारता है। जाहिर है ऐसा करके वे न सिर्फ टीम को सम्‍मानजनक स्‍कोर पर पहुंचाने में कामयाब होते हैं बल्कि विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाकर आगे के बल्‍लेबाजों के लिए राह एक हद तक आसान कर देते हैं। इसके साथ यह बात भी ध्‍यान रखने लायक है कि वॉर्नर इस समय शतक पर शतक लगा रहे हैं। जाहिर है, ऑस्‍ट्रेलियाई टीम को इस दौरे में उन पर काफी भरोसा है।

 

शातिर गेंदबाज की है अश्विन की छवि

दूसरी ओर, अश्विन की छवि एक 'शातिर' गेंदबाज की है। वे अपने वैरिएशंस से विपक्षी बल्‍लेबाजों की कठिन परीक्षा लेते हैं। चेतेश्‍वर पुजारा ने हाल ही में कहा था कि गेंदबाजी करते हुए अश्विन, एक हद तक बल्‍लेबाजों की तरह सोचते हैं। वे अपने मजबूत पक्ष के साथ कमजोर पक्ष को भी ध्‍यान रखते हैं और फिर इसके अनुरूप बल्‍लेबाज को अपनी 'फिरकी' में फंसाते हैं। अश्विन के पक्ष में एक बात यह भी है कि ऑफ स्पिनर, बाएं हाथ के बल्‍लेबाजों के लिए हमेशा मुश्किलें खड़ी करते हैं। वॉर्नर का खब्‍बू बल्‍लेबाज होना, एक तरह से अश्विन के पक्ष में साबित हो सकता है। भारत में स्पिन के अनुकूल विकेटों पर वॉर्नर, अश्विन का किस तरह सामना करते हैं, देखना रोचक होगा। वॉर्नर कई बार ज्‍यादा आक्रमक होने के चक्‍कर में अपना विकेट गंवाते हैं। अश्विन कसी हुई गेंदबाजी करके इस तरह  की रणनीति भी उनके खिलाफ आजमा सकते हैं।

 

वॉर्नर बोले, हमारे बीच होगा जोरदार मुकाबला

डेविड वार्नर ने अश्विन का जवाब देने के लिए अपनी रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। ऑस्‍ट्रेलिया के इस बल्‍लेबाज ने कहा, ‘अश्विन जैसे गेंदबाज के लिए मेरे दिल में पूरा सम्मान है। वह बल्लेबाज की तरह सोचता है और मुझे उसके खिलाफ अनुशासित होकर खेलना होगा। मैंने इसके लिए रणनीति बनाई है। मुझे उसके मजबूत पक्षों को ध्यान में रखकर उसके खिलाफ बल्लेबाजी करनी होगी। वह मेरे लिए पूरी तरह तैयार होगा और हम दोनों को परिस्थितियों का अच्छी तरह से आकलन करना होगा। यह हम दोनों के लिये जबर्दस्त मुकाबला होगा।’

 

बोले, कोहली के खिलाफ छींटाकशी कर सकती है दोहरा असर

भारत के खिलाफ सीरीज में कप्तान विराट कोहली का जिक्र न हो, हो ही नहीं सकता। वार्नर ने भारत के शीर्ष बल्लेबाज की जमकर तारीफ की। उन्‍होंने कहा‘कोहली सर्वश्रेष्ठ फार्म में है। वह बेहतरीन खिलाड़ी है और वह सभी प्रारूपों में बेजोड़ है और वह पूरे देश की अपेक्षाओं को साथ लेकर चलता है। जो रूट, स्टीव स्मिथ, फाफ डु प्लेसिस और कोहली ऐसे खिलाड़ी जो जिम्मेदारी लेने पर बेहतर खेल दिखाते हैं। विराट बड़ी पारियां खेलने का बहुत अच्छा उदाहरण है।’ वार्नर ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई छींटाकशी (स्‍लेजिंग) विराट के लिये दोनों तरह से काम कर सकती है क्योंकि वह जानते हैं कि इस तरह की परिस्थितियों से कैसे निबटना है। उन्होंने कहा, ‘हमें विरोधी टीम के दिलोदिमाग में घुसने के लिये तरीका निकालना होगा। यह कोई ताना या क्षेत्ररक्षण की सजावट हो सकती है। छींटाकशी या ताना कसना विरोधी को परेशान करने का एक तरीका है।’

नई दिल्‍ली: विराट कोहली से जुड़ी कोई भी बात इन दिनों सुर्खियां बटोर ही लेती है और खासतौर पर जब विराट की वो बात सचिन तेंदुलकर से जुड़ी हो तो ये होना लाज़मी भी है। विराट के लगातार 4 सीरीज़ में 4 दोहरे शतक के बाद भारतीय क्रिकेट के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 11 फ़रवरी को विराट पर एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा था कि "आपके बल्ले पर जो निशान हैं वो ये बताते हैं कि आप एक बेहतरीन फ़ॉर्म से गुज़र रहे हैं।स्कोरबोर्ड देखने की ज़रूरत नहीं पड़ती।। भगवान आपके बल्ले को हमेशा ऐसे ही रखे।।" सचिन ने जो विराट की तस्वीर इसके साथ पोस्ट की, उसमें उनके बल्ले की बीच में वो निशान साफ़ देखे जा सकते हैं।

इसका जवाब विराट ने 14 फ़रवरी को दिया और कहा "शुक्रिया सचिन पाजी, आपकी शुभकामनाएं बहुत मायने रखती हैं।"

 इसके बाद ये ट्वीट वायरल हो गया और दोनों के फ़ैन्स ने इस पर बहुत से ट्वीट्स किए। कुछ फ़ैन्स ने सचिन को उनके बल्ले के स्वीट स्पॉट की भी याद दिलाई। 

विराट कोहली ने हैदराबाद में खेले गए बांग्लादेश के खिलाफ़ टेस्ट में अपने करियर का चौथा दोहरा शतक लगाया और लगातार 4 सीरीज़ में 4 दोहरे शतक लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया। विराट के नाम बतौर कप्तान 23 टेस्ट में 4 दोहरे शतक हैं तो वहीं इससे पहले कुल 485 टेस्ट में सभी भारतीय कप्तानों के नाम कुल 4 दोहरे शतक थे। विराट के नाम बतौर कप्तान संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा 150 से ज्यादा की पारियां भी हैं। उन्होंने बतौर कप्तान 5 बार 150 के आंकड़े को पार किया है। विराट की औसत 2015 के बाद से 22 टेस्ट की 35 पारियों में 2097 रनों के साथ 63।54 की है, जिसमें 7 शतक और 4 अर्धशतक शामिल हैं

मोनाको : स्प्रिंट बादशाह उसेन बोल्ट ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लेब्रोन जेम्स जैसे दिग्गजों को पछाड़कर यहां लारेस विश्व पुरस्कार समारोह में चौथी बार ‘स्पोर्ट्समैन आफ द ईयर’ की ट्राफी जीतकर रिकार्ड की बराबरी की जबकि जिमनास्ट सिमोन बाइल्स ने महिला वर्ग में यह सम्मान हासिल किया। ये दोनों खेल के सबसे लंबे और सबसे छोटे एथलीट हैं। बोल्ट जहां 1.95 मीटर लंबे हैं तो सिमोन की लंबाई महज 1.45 मीटर है। लेकिन दोनों रियो ओलंपिक के धुरंधर रहे और जब उन्होंने यहां अपने पुरस्कार हासिल किये तो उनका गर्मजोशी से स्वागत हुआ। लारेस पुरस्कार 17 साल पहले यहीं शुरू हुए थे।

बोल्ट ने यहां 2009, 2010 और 2013 में पुरस्कार जीता था, उन्होंने चौथी बार खेलों का ऑस्कर कहे जाने वाला पुरस्कार जीता। इससे वह महान टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर और सेरेना विलियम्स तथा सर्फर केली स्लेटर की बराबरी पर आ गये।

बोल्ट ने पुरस्कार महान माइकल जानसन से हासिल किया जिन्होंने उन्हें अन्य लोगों के रिकार्ड नहीं तोड़ने की बात कही। इसके जवाब में बोल्ट ने कहा, ‘‘आपका रिकार्ड तोड़ने के लिये, सॉरी। ’ उन्होंने कहा, ‘इस शानदार पुरस्कार के लिये शुक्रिया। लारेस मेरे लिये बड़े पुरस्कारों में से एक है। यह मेरा चौथा पुरस्कार है और रोजर फेडरर जैसे दिग्गज के साथ इसकी बराबरी करना शानदार है। यह विशेष है। ’

ओलंपिक जिमनास्टिक चैम्पियन सिमोन ने रियो ओलंपिक में अपने शानदार प्रदर्शन के बूते ‘स्पोट्र्सवुमैन आफ द ईयर’ की ट्राफी हासिल की जिसमें उन्होंने चार स्वर्ण पदक और एक कांस्य पदक हासिल किया था। सिमोन ने कहा, ‘मेरे पास बयां करने के लिये शब्द नहीं हैं, यह पुरस्कार हासिल करना सम्मान की बात है। यह सिर्फ मेरे लिये नहीं है बल्कि मेरे वर्ग में सभी नामांकित हुए खिलाड़ियों के लिये है। हम सभी जहां हैं, वहां पहुंचने के लिये सभी ने एक सी मेहनत की है। ’ सर्वकालिक ओलंपियन तैराक माइकल फेल्प्स ने ‘कमबैक आफ द ईयर’ का पुरस्कार हासिल किया, जिन्होंने पूल में वापसी करते हुए पांच और स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाले।

वर्ष 2012 ओलंपिक के बाद फेल्प्स ने तैराकी से संन्यास ले लिया था लेकिन उन्होंने पिछले साल रियो ओलंपिक में संन्यास से वापसी करते हुए पांच स्वर्ण पदक और एक रजत पदक हासिल किया। फेल्प्स ने कहा, ‘आज अपने कैरियर को देखते हुए मैं कह सकता हूं कि रियो खेल मेरे लिये सबसे शानदार रहे। ’ फार्मूला वन चैम्पियन निको रोजबर्ग ने ‘ब्रेकथ्रू आफ द ईयर’ पुरस्कार जीता। वह 2014 और 2015 में उप विजेता रहे थे और अंतत: पिछले साल खिताब जीतने में सफल रहे। रोजबर्ग ने कहा कि अबुधाबी में पिछली दो लैप्स उनके रेसिंग कैरियर के सबसे सनसनीखेज क्षण रहे।

रोजबर्ग ने पुरस्कार जीतने के बाद कहा, ‘मैं खेलों का ऑस्कर जीतने के बाद सचमुच बहुत खुश हूं। अबुधाबी में पिछली दो लैप्स काफी तनावपूर्ण रहीं, मैं नहीं जानता था कि मेरी जिंदगी का सपना सच होने जा रहा था। हालांकि यह रेस इस मामले में मेरी बच्ची के जन्म के बाद दूसरे नंबर पर है। ’ अन्य वर्गों में इटली की ब्र्रिटीस वियो ने दिव्यांग पुरस्कार हासिल किया जबकि टेगला होरोयूप की अगुवाई वाली ओलंपिक रिफ्यूजी टीम ने ‘लारेस स्पोर्ट फार गुड’ पुरस्कार हासिल किया। समारोह की मेजबानी हालीवुड स्टार ह्यू ग्रांट ने की।

नयी दिल्ली: चैम्पियन क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद सचिन तेंदुलकर ने आंध्रप्रदेश के पुट्टमराजू केंद्रिगा के बाद सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत महाराष्ट्र में उस्मानाबाद के दोंजा गांव को गोद लिया है।

तेंदुलकर ने इस गांव के विकास के लिये सांसद कोष में से चार करोड़ रुपये मंजूर किये हैं। यह गोवा में नया स्कूल बनाने, जलापूर्ति योजना, सड़क और सीवेज लाइन बनाने पर खर्च होगा। एक विज्ञप्ति के अनुसार शुरुआती काम किया जा चुका है और विभिन्न कामों के लिये टेंडर जिला परिषद चुनाव के बाद जारी किया जाएगा।

इस बारे में उस्मानाबाद जिले के सहायक आयुक्त आयुष प्रसाद ने कहा, ‘आयुक्त कार्यालय गांववासियों के साथ मिलकर काम कर रहा है और गांव के संपूर्ण विकास के पूरे काम किये जायेंगे। हम महान क्रिकेटर और राज्यसभा सदस्य सचिन तेंदुलकर जी के शुक्रगुजार हैं जिन्होंने यह गांव चुना।’ तेंदुलकर ने जब यह गांव गोद लिया था तब यहां 610 में से 400 घरों में शौचालय नहीं थे। उसके बाद से 231 शौचालय बन चुके हैं।

प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) के तहत मिलने वाली सुविधाओं के दिशानिर्देश सरकार ने तय कर लिए हैं।

दिशानिर्देशों के तहत प्रत्येक खाताधारक के लिए तय 30,000 रुपये के जीवन बीमा की सुविधा केवल जरूरतमंद लोगों को ही मिलेगी।

जिन लोगों को सरकार की तरफ से इस तरह की कोई भी सुविधा उपलब्ध है, उन्हें इस स्कीम के तहत जीवन बीमा का लाभ नहीं मिलेगा।

 पीएमजेडीवाई के तहत अब तक देश भर में लगभग साढ़े सात करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं।

इसके तहत तीस हजार का जीवन बीमा और साथ ही दुर्घटना बीमा देने का प्रावधान किया गया है।

लेकिन वित्त मंत्रालय की ओर से तैयार ताजा दिशानिर्देशों के तहत इसका फायदा सिर्फ वही जरूरतमंद गरीब उठा पाएंगे,

जिन्हें कहीं और से ऐसी सुविधा नहीं मिलती।

 दिशानिर्देशों के मुताबिक इसका लाभ केवल उन्हीं बैंक खाताधारकों को मिलेगा, जिनका खाता 15 अगस्त, 2014 से 26 जनवरी, 2015 के बीच खुलेगा।

यह लाभ परिवार का मुखिया या कमाने वाला व्यक्ति ही प्राप्त कर पाएगा।

यह सुविधा परिवार के एक सदस्य को ही मिलेगी और उसका रुपे कार्ड चालू होना चाहिए। जीवन बीमा का लाभ शुरुआती पांच वर्ष तक ही मिलेगा।

भारत सरकार इस योजना के अंतर्गत अगले तीन साल में कुल 1 करोड़ पक्के माकन बनाएगी। योजना के तहत बनाये जाने वाले 1 करोड घरों के लिए सरकार 2018-19 तक 1,30,075 करोड़ रूपए की आर्थिक मदद प्रदान करेगी।

कुल लक्ष्य 4 (योजना के तहत बनाये जाने वाले घरों की संख्या को बढाकर अब 3 करोड से 4 करोड कर दिया गया है) करोड़ घर बनाने का रखा गया है जिसे 2022 तक पूरा किया जाना है।

अगले तीन साल के लिए भारत सरकार ने 1,30,075 करोड़ रूपए का बजट तय किया है जो की योजना को 2016-17 से लेकर 2018-19 तक लागू करने में काम आएगा।

2018-19 तक होने वाले कुल लागत में केंद्रीय अंश 81,975 करोड़ रुपये का होगा जिसमें से 60,000 करोड़ रुपये की पूर्ति बजटीय सहायता के द्वारा तथा बाकी 20,000 करोड़ रुपये की पूर्ति कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक से लोन लेकर की जायेगी।

घर के निर्माण में आने वाली लागत को 60:40 के अनुपात में केंद्र और राज्य सरकार के बीच बांटा जाएगा. उत्तर – पूर्वी व पहाड़ी क्षेत्रों में इसे 90:10 के अनुपात में बांटा जाएगा।

योजना के अंतर्गत लाभार्थी का चुनाव घरों की कमी और सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना 2011 के डेटा में दर्शाये गए अन्य सामाजिक अपवर्जन मानदंडों के अनुसार किया जाएगा जिसमें राज्य सरकारों की भी मदद ली जायेगी।

भारत सरकार योजना के अंतर्गत सभी लाभार्थियों को घर बनाने के लिए 1.20 लाख और पहाड़ी जगहों (जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड) पर 1.30 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

इस योजना के तहत लाभार्थी को स्वच्छ भारत मिशन – ग्रामीण और मनरेगा के तालमेल के माध्यम से घर में है शौचालय बनाने के लिए 12,000 रुपये की अतिरिक्त मदद का प्रावधान है

घर के क्षेत्रफल को 20 से 25 वर्ग मीटर कर दिया जाएगा जिसमें की स्वच्छ खाना पकाने के लिए अलग से स्थान भी शामिल होगा।

वित्तीय सहायता की रकम सीधा लाभार्थी के बैंक या डाकघर के बचत खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। लेकिन यह याद रहे की लाभार्थी के खाते में लाभार्थी की सहमति से उसके आधार संख्या की संबद्धता कर दी गयी हो।

लोन राशि को 70000 रुपये से बढाकर अब 2 लाख रुपये कर दिया गया है, नयी लोन योजना के तहत अब प्रधान मंत्री ग्रामीण आवास योजना के लाभार्थी 2 लाख रुपये तक का लोन ले सकते

हैं और उनको इस होम लोन पर ब्याज में 3% की छूट भी दी जायेगी बशर्ते ये लोन नया घर बनाने अथवा घर के विस्तार के लिए लिया गया हो।

प्रधान मंत्री आवास योजना – ग्रामीण के तहत बनाये जाने वाले घरों को बुनियादी सुविधाएं जैसे की शौचालय, पेयजल, बिजली, स्वच्छ एवं कुशल ईंधन, तरल अपशिष्ट के शोधन आदि प्रदान

करने के लिए अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लिया जाएगा।

योजना के तहत भारत सरकार ने एक तकनीकी सहायता एजेंसी (NTSA) का भी गठन किया है जो कि लाभार्थी को वित्तीय सहायता के अलावा मकान के निर्माण में तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगी।

अच्छे निर्माण मजदूर, प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों, स्थानीय सामग्रियों तथा डिजाइनों का उपयोग करते हुए अच्छे घर बनाना योजना के मूल उद्देश्यों में से एक है।

सूक्ष्म वित्त के ऋणदाता और कर्जगृहिता का नियमन और सूक्ष्म वित्त प्रणाली में नियमन और समावेशी भागीदारी को सुनिश्चित करते हुए उसे स्थायित्व प्रदान करना।

सूक्ष्म वित्त संस्थाओं (एमएफआई) और छोटे व्यापारियों, रिटेलर्स, स्वसहायता समूहों और व्यक्तियों को उधार देने वाली एजेंसियों को वित्त एवं उधार गतिविधियों में सहयोग देना।

सभी एमएफआई को रजिस्टर करना और पहली बार प्रदर्शन के स्तर (परफॉर्मंस रेटिंग) और अधिमान्यता की प्रणाली शुरू करना।

इससे कर्ज लेने से पहले आकलन और उस एमएफआई तक पहुंचने में मदद मिलेगी, जो उनकी जरूरतों को पूरी करते हो और जिसका पुराना रिकॉर्ड सबसे ज्यादा संतोषजनक है।

इससे एमएफआई में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। इसका फायदा कर्ज लेने वालों को मिलेगा।

कर्ज लेने वालों को ढांचागत दिशानिर्देश उपलब्ध कराना, जिन पर अमल करते हुए व्यापार में नाकामी से बचा जा सके या समय पर उचित कदम उठाए जा सके।

डिफॉल्ट के केस में बकाया पैसे की वसूली के लिए किस स्वीकार्य प्रक्रिया या दिशानिर्देशों का पालन करना है, उसे बनाने में मुद्रा मदद करेगा।

मानकीकृत नियम-पत्र तैयार करना, जो भविष्य में सूक्ष्म व्यवसाय की रीढ़ बनेगा।

सूक्ष्य व्यवसायों को दिए जाने वाले कर्ज के लिए गारंटी देने के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम बनाएगा।

वितरित की गई पूंजी की निगरानी, कर्ज लेने और देने की प्रक्रिया में मदद के लिए उचित तकनीक मुहैया कराएगा।

छोटे और सूक्ष्म व्यवसायों को प्रभावी ढंग से छोटे कर्ज मुहैया कराने की प्रभावी प्रणाली विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत उपयुक्त ढांचा तैयार करना।

मुद्रा बैंक ने कर्ज लेने वालों को तीन हिस्सों में बांटा हैः व्यवसाय शुरू करने वाले, मध्यम स्थिति में कर्ज तलाशने वाले और विकास के अगले स्तर पर जाने की चाहत रखने वाले।

इन तीन हिस्सों की जरूरतों को पूरा करने के लिए मुद्रा बैंक ने तीन कर्ज उपकरणों की शुरुआत की हैः

शिशुः इसके दायरे में 50 हजार रुपए तक के कर्ज आते हैं।

किशोरः इसके दायरे में 50 हजार से 5 लाख रुपए तक के कर्ज आते हैं।

तरुणः इसके दायरे में 5 से 10 लाख रुपए तक के कर्ज आते हैं।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और फ्लैगशिप सामाजिक सुरक्षा योजना शुरू की हैः

प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाय): यह एक दुर्घटना मृत्यु और विकलांगता बीमा योजना है।

भारत की आबादी का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण इलाकों में रहता है और उनमें से ज्यादातर किसी भी सामाजिक सुरक्षा योजना के दायरे में नहीं आते।

इस आबादी के एक बड़े तबके को तो अब तक बैंकिंग प्रणाली का भी लाभ नहीं मिला है।

ज्यादातर को अब भी समय-समय पर शुरू की गई कई सरकारी योजनाओं की जानकारी नहीं मिली है।

साधारण और गरीब लोगों की जिंदगी में शामिल इस गंभीर असंगति को ठीक करने के लिए भारत के प्रधान मंत्री ने 9 मई 2015 को कोलकाता में पीएमएसबीवाय योजना शुरू की।

इसके साथ ही दो अन्य बीमा और पेंशन योजनाएं भी शुरू की गई।

इन योजनाओं को लेकर सरकार की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है।

कि इनकी सफलता के लिए वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों को राज्यों की राजधानियों और बड़े नगरों में भेजा गया। ताकि एक साथ कई जगहों से इन योजनाओं का शुभारंभ हो सके।

साथ ही सफल क्रियान्वयन भी सुनिश्चित हो सके।

पूर्ववर्ती सरकारों की ओर से शुरू की गई अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से यह योजना किस तरह अलग है?

पीएमएसबीवाय के दो प्रमुख पहलू है, इससे इसके पेष करने का नजरिया अलग हो जाता है।

पहला, समावेशन का शुद्ध आकार और गहराई, इस योजना का फायदा अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना, जो इसे बहुत महत्वाकांक्षी और चुनौतीपूर्ण बनाता है।

आज, यदि किसी परिवार का कमाऊ सदस्य दुर्घटना में स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है या उसकी मृत्यु हो जाती है।

तो उसके परिवार को गरीबी और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

सहयोग या संरक्षण के लिए कोई संस्था या समूह आगे नहीं आता।

पीएमएसबीवाय योजना में शामिल होकर और सिर्फ 12 रुपए प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष प्रीमियम चुकाकर वह बीमा कवर हासिल कर लेगा।

दुर्घटना में मौत या स्थायी तौर पर विकलांगता पर दो लाख रुपए या आंशिक लेकिन स्थायी विकलांगता होने पर एक लाख रुपए का बीमा मिलेगा।

यह योजना एक साल के लिए वैध रहेगी। इसका हर साल नवीनीकरण किया जा सकता है।

बहुत-सी सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को घर के पास वित्तीय प्रणाली अधोसंरचना की कमी की वजह से लोगों से अच्छा प्रतिसाद नहीं मिला।

इतना ही नहीं, खाते खोलने या दावे करने में जो कागजी कार्यवाही करनी पड़ती थी, वह बहुत ज्यादा थी।

यहां तक कि प्रणाली में लीकेज (भ्रष्टाचार) की वजह से भी बड़ा तबका इन योजनाओं का फायदा उठाने से दूर ही रहा। इन समस्याओं को मौजूदा सरकार ने दूर करने की कोशिश की है।

सामाजिक योजनाओं के निष्पादन और तंत्र की निगरानी के लिए टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है।

सभी भुगतान हितग्राही के अकाउंट में सीधे होंगे, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी नहीं रहेगी।

पीएमएसबीवाय के तहत कौन पात्र है?

18 और 70 वर्ष आयु समूह के बीच का कोई भी व्यक्ति, जिसका बचत बैंक खाता और आधार कार्ड हो, वह इस योजना से जुड़ सकता है।

एक आसान फॉर्म भरना होगा, नॉमिनी का नाम लिखना होगा और आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक करना होगा।

व्यक्ति को हर साल एक जून से पहले इस योजना में बने रहने के लिए फॉर्म जमा करना होगा। इससे खाता आसानी से सक्रिय किया जा सकता है और पूरा प्रीमियम उसके खाते से खुद-ब-खुद काट लिया जाएगा।

अन्य शब्दों में, व्यक्ति को सिर्फ बैंक खाता खोलना होगा और फिर सुनिश्चित करना होगा कि हर साल 1 जून से पहले कम से कम 12 रुपए खाते में उपलब्ध रहे।

ताकि योजना का नवीनीकरण हो जाए।यदि किसी व्यक्ति को इस योजना का लाभ लंबी अवधि के लिए चाहिए तो उसके पास यह विकल्प भी होगा।

कि वह बैंक को निर्देश देकर योजना के खुद-ब-खुद नवीनीकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

पीएमएसबीवायकौन क्रियान्वित करेगा?

सभी सरकार-प्रायोजित सामान्य बीमा कंपनियां यह योजना पेश करेंगी।

जबकि अन्य बीमा कंपनियों के पास विकल्प होगा कि वह बैंकों के साथ अनुबंध कर इन योजनाओं के तहत प्रोग्राम डिलीवरी में शामिल हो जाए।

क्या मुझे स्कीम में शामिल होने से किसी तरह का टैक्स लाभ होगा?

हितग्राहियों के बैंक खाते से काटी जाने वाली पूरी प्रीमियम धारा 80सी के तहत करमुक्त होगी।

इतना ही नहीं, इस योजना के तहत मिलने वाली एक लाख रुपए तक की राशि धारा 10(10डी) के तहत कर मुक्त होगी।

एक लाख रुपए से ज्यादा राशि होने पर 2 प्रतिशत की दर से टीडीएस काट लिया जाएगा। यदि फॉर्म 15एच या फॉर्म 15जी बीमा एजेंसी में जमा किया तो यह टैक्स नहीं कटेगा।

मौजूदा सरकार को एक ही बार में तीन बड़े सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम शुरू करने की जरूरत क्यों पड़ी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार का एक साल का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है।

यह महसूस किया गया कि उनके प्रदर्शन का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा। एक साल सत्ता में रहने के बाद भी चुनावी वादों और वास्तविकताओं में बहुत बड़ा अंतर है।

सरकार इस बात को लेकर आलोचनाओं से घिर गई कि सरकार खर्च करने में गति नहीं बढ़ा पा रही है।

खासकर बुनियादी ढांचे और विनिर्माण के क्षेत्र में, जहां इसकी बहुत ज्यादा जरूरत है। संसद में कई विधेयक लंबित हैं, जिनसे इन क्षेत्रों को काफी उम्मीदें हैं।

इनमें गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) और प्रमुख जमीन अधिग्रहण विधेयक शामिल है।

सरकार इस वजह से न केवल इन सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की घोषणाओं को लेकर उत्सुक थी, बल्कि विभिन्न तबकों में पर्याप्त प्रचार-प्रसार भी चाहती थी।

खासकर उन लोगों के बीच जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।

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